)
दिल्ली में झुग्गी बस्तियों में रहने वालों के अच्छी खबर है. दरअसल, झुग्गी पुनर्विकास की नई नीति लागू कर दी गई है. अब करीब 675 झुग्गी-बस्तियों को पक्के मकानों में बदलने की तैयारी है. दिल्ली सरकार ने दिल्ली स्लम तथा झुग्गी-झोपड़ी पुनर्स्थापन एवं पुनर्वास नीति 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. नई नीति से दिल्ली की करीब 675 झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास का रास्ता खुल गया है. इसका उद्देश्या करीब 4 लाख परिवारों को बेहतर आवास और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है.
इसके तहत पात्र झुग्गी परिवारों को कम से कम 25 वर्गमीटर कारपेट एरिया वाला पक्का मकान दिया जाएगा. सरकार की झुग्गियों की उसी जगह पर दोबारा विकास करने की होगी, ताकि लोगों को अपने रोजगार और आसपास के सामाजिक माहौल से दूर न जाना पड़े. अगर किसी इलाके में उसी जगह पर मकान बनाना संभव नहीं होगा, तो आसपास उन्हें ऑप्शनल घर उपलब्ध कराया जा सकेगा.
इस योजना का फायदा लेने के लिए झुग्गी का 1 जनवरी 2025 से पहले मौजूद होना जरूरी है. इसके अलावा परिवार को सर्वे और तय दस्तावेजों के जरिए अपनी पात्रता साबित करनी होगी. इसके लिए आवेदन करने वाले का भारतीय नागरिक होना और उसकी उम्र कम से कम 18 साल होना जरूरी है. इसके अलावा परिवार के किसी भी सदस्य के नाम देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए.
बता दें कि आवास आवंटन के लिए लाभार्थी को 1.50 लाख देने होंगे. साथ में निर्धारित रखरखाव शुल्क भी लगाया जाएगा. मकान में दो कमरे होंगे, किचन, बाथरूम, टॉयलेट और बालकनी जैसी सुविधाएं भी होंगी. आवंटन की शुरुआत में 10 साल की लॉक-इन अवधि के साथ लीजहोल्ड आधार पर होगा. इसके बाद बकाया भुगतान और नियमों के पालन पर मालिकाना हक ट्रांसफर किया जाएगा.
सरकार झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास के लिए PPP मॉडल अपनाएगी. इसके तहत प्राइवेट कंपनियां झुग्गी निवासियों के लिए पक्के मकान बनाएंगी. दूसरी तरफ उन्हें परियोजना की जमीन के एक हिस्से पर व्यावसायिक निर्माण करने का अधिकार भी दिया जाएगा. इसके बाद डेवलपर्स इस हिस्से को बेच कर कमा सकेंगे. इसके अलावा, नियमों के तहत उन्हें अतिरिक्त विकास अधिकार भी मिल सकते हैं.
बता दें कि प्रदेश सरकार ने सीलमपुर, सुल्तानपुरी और लाजपत नगर की 17 झुग्गी बस्तियों में पुनर्विकास की प्रक्रिया शुरू की है. इसमें करीब 4,870 झुग्गियों को शामिल किया गया है. यहां की इन तीनों इवाकों में हाईराइज आवासीय कॉलोनियां बनाने की प्लानिंग चल रही है.
(अशोक कुमार की रिपोर्ट)