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कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की एक पत्र लिखा है. इस पत्र के माध्यम से संगठन ने नई दिल्ली में विपक्ष की ओर से बार-बार आयोजित की जा रही है रैलियों पर नाराजगी जाहिर की. नई दिल्ली में पिछले एक महीनें में कई बड़ी रैलियां आयोजित की गईं, जिस कारण कुछ समय के लिए दिल्ली के अलग-अलग बाजारों को बंद रखना पड़ा. ऐसे में CAIT का दावा है कि इन रैलियों को कारण दिल्ली में व्यापार काफी प्रभावित हुआ है.
अपने पत्र में कैट ने 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में हुई इंडिया ब्लॉक की रैली पर सवाल खड़े किए. कैट का कहना है कि इससे बड़ी संख्या में व्यापारियों और मजदूरों की आजीविका पर असर पड़ा है. कैट ने अपने पत्र के माध्यम से राहुल गांधी से पूछा कि क्या 'प्रदर्शन का अधिकार' 'व्यापार करने और आजीविका कमाने के अधिकार' से ज्यादा महत्वपूर्ण है?
कैट ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी राजनीतिक दल के शांतिपूर्ण प्रदर्शन से कोई दिक्कत नहीं है. यह लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन प्रदर्शन या रैली के नाम पर व्यापार को ठप नहीं किया जा सकता है. कैट ने पत्र में कहा कि राजनीतिक दलों को प्रदर्शन के आर्थिक नुकसान के बारे में भी सोचना चाहिए. अपने पत्र में कैट ने दिल्ली में व्यापारियों को हुए नुकसान के लिए राहुल गांधी को ही जिम्मेदार ठहराया है.
कैट ने कहा कि पिछले एक महीने में दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों के कारण दिल्ली के व्यापारियों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा है. त्योहारी सीजन में हजारों छोटे दुकानदार, रेहड़ी-पटरी वाले, ट्रांसपोर्टर और दिहाड़ी मजदूरों को इन विरोध प्रदर्शन के कारण नुकसान का सामना करना पड़ा है. इतना ही नहीं, सबसे अधिक उन ग्राहकों को परेशानियों को सामना करना पड़ा, जो व्यापार के सिलसिले में देश के दूसरे शहरों से दिल्ली पहुंचे थे.

अपने पत्र के माध्यम से कैट ने राहुल गांधी से तीखे सवाल किए हैं. व्यापारियों ने पूछा कि क्या दिल्ली के व्यापार को इस तरीके से रोकना सही है. इन प्रदर्शनों से हुए नुकसान की भरपाई कौन करेगा. इसके साथ ही कैट ने राहुल गांधी के दोहरे रवैये पर निशाना साधा
कैट ने राहुल गांधी के एक पुराने बयान को याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस नेता ने लोगों से स्थानीय बाजारों से खरीदारी करने की अपील की थी. ऐसे में कैट ने पूछा कि एक तरफ वह बाजारों से खरीदारी करने को कह रहे थे. तो दूसरी तरफ ऐसे प्रदर्शनों का समर्थन कर रहे हैं, जिससे बाजारों को बंद करना पड़े. क्या कांग्रेस नेता अपने ही बयान के खिलाफ नहीं हैं.
राहुल गांधी को लिखे पत्र के बाद कैट अब जवाब का इंतजार कर रहा है. व्यापारियों का कहना है वह चुप नहीं बैठेंगे. दिवाली के तुरंत बाद व्यापारी संगठन एक बड़ी रैली करने जा रहे हैं. कैट का कहना है कि यह बैठक दिल्ली में आयोजित की जाएगी. इस बैठक में देश भर के बड़े व्यापारी नेता हिस्सा लेने के लिए पहुंचेंगे.
कैट ने दावा किया कि यह केवल दिल्ली का मुद्दा नहीं रह गया. आज दिल्ली में ऐसा हो रहा है, तो कल देश के किसी अन्य शहर में ऐसा होगा. पत्र में कैट ने इस मुद्दे पर पूरे देश में 'धिक्कार दिवस' मनाने का ऐलान किया है. व्यापारियों ने कहा कि जल्द ही इसके लिए तारीख का ऐलान किया जाएगा.
1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक की एक मेगा रैली हुई. दावा है कि इस रैली कारण रामलीला मैदान के आसपास के बाजारों को बंद किया गया था, जिससे व्यापारियों को 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ था. हाल में ही चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने कहा कि रैली का कारण रामलीला मैदान के आसपास के 20-25 बड़े बाजारों की लगभग 2.5 लाख दुकानें बंद रहीं. भीड़ और गाड़ियों के डर से व्यापारियों ने दुकानें बंद रखीं.