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इस दिवाली में आपकी सेहत से खिलवाड़ हो सकता है, इसलिए बाजार से खाद्य-पदार्थों को खरीदते वक्त काफी सावधानी बरतें. दरअसल, त्योहारों का सीजन आते ही देशभर में 'मिलावटखोर' एक्टिव हो गए हैं. इन दिनों गुजरात से लेकर बंगाल तक और जम्मू से लेकर कन्यातकुमारी तक बाजारों में मिलावटी खाद्य सामग्री की भरमार है. हालांकि, FSSAI की ओर से देशभर में मिलावटी खाद्य सामग्री बेचने वालों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है. इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के छतरपुर के चंदला में खाद्य सुरक्षा टीम ने बड़ी कार्रवाई की है. मिठाई की दुकान पर एक्सपायरी मिल्क केक मिलने पर दुकान को सील कर दिया गया. कार्रवाई कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देश पर की गई.
दिवाली सीजन पर मिलावटखोरों पर प्रशासन सख्त
जानकारी के मुताबिक, एसडीएम लवकुशनगर आयुष जैन के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने चंदला में मिठाई दुकानों का निरीक्षण किया. इस दौरान जय कामतानाथ स्वीट्स की दुकान पर एक्सपायरी मिल्क केक के पैकेट मिले. टीम ने मिल्क केक को जब्त कर नियमानुसार नष्ट कराया और दुकान को सील करने की कार्रवाई की. प्रशासन का कहना है कि आमजन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार दुकानों का निरीक्षण किया जा रहा है. दीपावली के सीजन में मिलावटी और एक्सपायरी खाद्य पदार्थों को लेकर प्रशासन सख्त है.
गुजरात में ₹11 लाख की नकली खाद्य सामग्री बरामद!
गुजरात के गोंदिया में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने पूरे जिले में एक विशेष जांच अभियान चलाया. इस अभियान के दौरान 65 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई और लगभग 10.90 लाख रुपये मूल्य का 4,685 किलोग्राम से अधिक बिना सर्टिफाइड और असुरक्षित खाद्य स्टॉक जब्त किया गया. FDA की ओर से नियमों का उल्लंघन करने वाले 9 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए हैं. इसी तरह से अकोला जिले में मिठाइयां और खाद्य उत्पाद बेचने वाले दो प्रतिष्ठानों पर FDA का डंडा चला. FDA अधिकारियों ने अकोला के मूर्तिजापुर में स्थित महालक्ष्मी गृह उद्योग और गजानन बीकानेर का निरीक्षण किया. इस दौरान टीम ने 'शेव नमकीन', 'फराली फरसान', 'मलाई पेढ़ा' और 'मिश्रित दूध' के नमूने टेस्टिंग के लिए गए. जांच में दोनों प्रतिष्ठानों पर गंदगी का अंबार मिला. इसके चलते FDA ने दोनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया.
कानपुर में 1150 किलो नकली खोया नष्ट कराया गया
उत्तर प्रदेश के कानपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दो वाहनों से 2200 किलो दूषित खोया पकड़ा और उसे नष्ट करा दिया. यह खोया फिरोजाबाद और इटावा से कानपुर में बिक्री के लिए लाया जा रहा था. जांच में गंदगी और बदबू मिलने के बाद विभाग ने तीन नमूने लिए और बाकी खोया नष्ट करा दिया. दोनों वाहनों से पकड़े गए खोये की अनुमानित कीमत 7.73 लाख रुपए बताई गई है. खाद्य विभाग की टीम ने भौती मोड़ पर महिंद्रा पिकअप रोककर जांच की. वाहन में 29 बोरियों में करीब 1150 किलो खोया मिला. इसकी अनुमानित कीमत 4.06 लाख रुपए थी. खोया गंदी बोरियों में खुले वाहन से ले जाया जा रहा था. जांच में उसमें दुर्गंध भी मिली. टीम ने खोये के दो नमूने लिए और बाकी खोया कल्याणपुर स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट में नष्ट करा दिया.
देशभर में फैले हैं मिलावट के सौदागर!
इससे पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने दिल्ली के मोरी गेट स्थित खोया मंडी में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 7,000 किलो सड़ा हुआ और बदबूदार खोया जब्त करके नष्ट कराया था. जानकारी के मुताबिक, यहां अब तक कुल 10,660 किलो खोया नष्ट किया जा चुका है. इसी तरह से उत्तर प्रदेश में चलाए गए विशेष अभियान के तहत 1 हफ्ते में 54 क्विंटल खराब खोया नष्ट कराया जा चुका है. गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में भारी मात्रा में मिलावटी घी पकड़ा गया था. राजस्थान के गंगानगर से करीब 1.23 करोड़ रुपये नकली देसी घी बरामद किया गया था. वहीं, गुजरात के वडोदरा और अहमदाबाद में नकली चांदी के वर्क (एलुमिनियम फॉइल) बनाए जाने का भंडाफोड़ हुआ है.