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Delhi Ramlila 2026: इस साल दिल्ली की रामलीलाओं में भक्ति और मॉडर्न म्यूज़िक का नया मेल देखने को मिलेगा. युवाओं खासकर Gen Z और Gen Alpha को रामलीला और भारतीय संस्कृति से जोड़ने के लिए कई रामलीला कमेटियां "भजन क्लबिंग" का आयोजन कर रही हैं. इन प्रोग्राम में मॉडर्न म्यूजिक के साथ पारंपरिक भजन और लाइव परफॉर्मेंस होंगी. कमेटियों का मानना है कि बदलते समय में नई पीढ़ी तक धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को पहुंचाने के लिए प्रेजेंटेशन के स्टाइल को बदलना जरूरी है. ऐसे में जानें कि दिल्ली में कहां-कहां भजन क्लबिंग का आयोजन होने वाला है.
करोल बाग में पहली बार भजन क्लबिंग
सनातन धर्म लीला कमिटी पहली बार 10 अक्टूबर को करोल बाग के अजमल खान पार्क में राम वाटिका में भजन क्लबिंग का आयोजन करेगी. यह शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक चलेगा. कमेटी के सदस्य प्रवीण कपूर के मुताबिक, राघव राजा ग्रुप इस इवेंट में परफॉर्म करेगा. कमिटी का फोकस बच्चों और युवाओं को रामलीला से जोड़ना है. प्रवीण कपूर ने बताया कि पिछले सालों में दशहरे पर कृष्ण और काली माता के भजन, संकीर्तन और सुंदरकांड जैसे प्रोग्राम होते रहे हैं. इस बार युवाओं के बदलते ट्रेंड को ध्यान में रखते हुए आयोजन के फॉर्मेट बदला गया है.
पारंपरिक भजनों को मॉडर्न धुनों के साथ बजाया जाएगा
दिल्ली की नव धार्मिक लीला कमेटी भी 11 अक्टूबर को भजन क्लबिंग का आयोजन कर रही है. पारंपरिक भजनों को मॉडर्न म्यूजिक के साथ पेश किया जाएगा. इसे खास तौर पर Gen Z और Gen Alpha की पसंद को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है. 'भजन एक्सप्रेस' द्वारा आयोजित इस इवेंट में अनिकेत प्रसन्ना और युक्ति शर्मा परफॉर्म करेंगे. प्रोग्राम में भक्ति संगीत की पारंपरिक भावनाओं के साथ मॉडर्न म्यूजिक का मेल दिखाया जाएगा.
रामलीला में क्लबिंग कॉन्सेप्ट क्यों जोड़ा गया?
ऑर्गनाइजर का कहना है कि आज की युवा पीढ़ी के मनोरंजन और बातचीत करने के तरीके काफी बदल गए हैं. इसलिए नई पीढ़ी तक रामलीला और भारतीय संस्कृति को पहुंचाने के लिए पारंपरिक इवेंट्स में नए इनोवेशन जरूरी हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए रामलीला स्टेज में भजन क्लबिंग को शामिल किया जा रहा है.
नव धार्मिक लीला कमेटी के मंत्री प्रकाश बैराठी और जनरल सेक्रेटरी जगमोहन गोटेवाला के मुताबिक रामलीला सिर्फ एक धार्मिक इवेंट नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने का एक ज़रिया भी है. उनका कहना है कि संस्कृति को बदलने के बजाय, इसे युवाओं तक पहुंचाने के लिए नए और असरदार तरीके खोजने की ज़रूरत है.
15 अक्टूबर को डेरावाल नगर में होगा आयोजन
गुजरांवाला टाउन के डेरावाल नगर में स्वामी अमरदेव पब्लिक स्कूल ग्राउंड में 15 अक्टूबर को भजन क्लबिंग भी होगी. इवेंट रात 9 बजे शुरू होगा. नव धार्मिक लीला कमेटी द्वारा आयोजित इस इवेंट में डॉ. प्रखर डागर और साज मल्होत्रा की टीम परफॉर्मेंस देगी.
लाल किला मैदान में 21 अक्टूबर को भजन क्लबिं
लाल किला मैदान में होने वाली लव कुश रामलीला में भजन क्लबिंग को भी शामिल किया गया है. यह इवेंट 21 अक्टूबर को भरत मिलाप के बाद शाम 7 बजे शुरू होगा. कमिटी के प्रेसिडेंट अर्जुन कुमार के मुताबिक, इवेंट के दौरान दो जाने-माने बैंड परफॉर्म करेंगे.
बैंड, जिसमें फिल्म हनुमान का एक हिस्सा है, वह भी प्रोग्राम में हिस्सा लेगा. "मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान" और "जब जिद पे आ गई पार्वती" जैसे गाने भी गाए जाएंगे. केशव बैंड के साथ लोकल सिंगर भी मॉडर्न म्यूजिक का इस्तेमाल करके भक्ति गीत गाएंगे.
युवाओं को भक्ति और संस्कृति से जोड़ने की कोशिश
भजन क्लबिंग में लाइव म्यूजिक, पारंपरिक भजनों की नई प्रस्तुतियां और युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया जाएगा. ऑर्गनाइजर को उम्मीद है कि म्यूजिक के इस नए रूप से युवा भक्ति और भारतीय संस्कृति से आसानी से जुड़ पाएंगे.
रामलीला कमिटी इसे एक एक्सपेरिमेंट के तौर पर देख रही हैं. अगर यह पहल युवाओं के बीच सफल होती है तो रामलीला और भारतीय संस्कृति से जुड़े भविष्य के इवेंट्स में ऐसे और भी इनोवेशन देखने को मिल सकते हैं.