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Delhi Ramlila 2026: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन गाथा को जन-जन तक पहुंचाने और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, संस्कार एवं सनातन मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से बालाजी रामलीला कमेटी इस वर्ष भी दिल्ली के शाहदरा जिला के सीबीडी ग्राउंड, क्रॉस रिवर मॉल के सामने भव्य रामलीला का आयोजन करने जा रही है.
लगातार 19 वर्षों से आयोजित हो रही रामलीला को इस बार और भव्य, आकर्षक और आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है. दिल्ली-एनसीआर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और दर्शकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए कमेटी की ओर से सुरक्षा, यातायात, पार्किंग और दर्शकों की सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं.
25 हजार वर्गफुट में तैयार हो रहा विशाल पंडाल
दर्शकों की सुविधा के लिए करीब 25 हजार वर्गफुट क्षेत्रफल में विशाल पंडाल तैयार किया जा रहा है. यहां 10 हजार से अधिक दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी. मंच का दृश्य सभी दर्शकों को स्पष्ट दिखाई दे, इसके लिए बैठने की व्यवस्था को तीन अलग-अलग ब्लॉकों में विभाजित किया गया है. प्रत्येक ब्लॉक को चरणबद्ध तरीके से ऊंचा रखा गया है, ताकि पीछे बैठने वाले दर्शकों को भी रामलीला देखने में परेशानी न हो.
रामलीला के दौरान विभिन्न प्रसंगों को भव्य तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा. इनमें दशानन रावण का भव्य मंच प्रवेश विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा.
दशहरे पर उमड़ता है जनसैलाब
बालाजी रामलीला कमेटी की रामलीला में दशहरे का पर्व खास आकर्षण का केंद्र रहता है. रावण दहन देखने के लिए दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग इलाकों से बड़ी संख्या में लोग सीबीडी ग्राउंड पहुंचते हैं. दशहरे के दिन संभावित भारी भीड़ को देखते हुए कमेटी और प्रशासन की ओर से सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए जाते हैं.
रावण दहन के दौरान लोगों की सुरक्षित आवाजाही, प्रवेश और निकासी के साथ-साथ पार्किंग और यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है. आयोजन स्थल पर अतिरिक्त सुरक्षा बल, निजी सुरक्षाकर्मी और स्वयंसेवक तैनात किए जाते हैं, जबकि CCTV कैमरों के जरिए पूरे परिसर पर नजर रखी जाती है.
दशहरे की शाम सीबीडी ग्राउंड में भगवान श्रीराम की लीला के साथ होने वाला भव्य रावण दहन हजारों दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहता है.
परंपरा के साथ आधुनिक तकनीक का संगम
कमेटी का प्रयास है कि रामलीला के पारंपरिक स्वरूप को बरकरार रखते हुए इसे बच्चों और युवाओं के लिए भी आकर्षक बनाया जाए. विशेष रूप से Gen-Z और युवा पीढ़ी को ध्यान में रखते हुए आयोजन स्थल पर मनोरंजन के कई आकर्षण रखे गए हैं.
परिसर में गगनचुंबी झूले, बच्चों के मनोरंजन के साधन और विशेष 'जीरो ग्रेविटी झूले' लगाए जा रहे हैं. यानी परिवार रामलीला के साथ-साथ मनोरंजन का भी आनंद उठा सकेंगे.
150 से अधिक CCTV कैमरों से निगरानी
आयोजन की भव्यता के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया गया है. पूरे परिसर की निगरानी के लिए 150 से अधिक CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं.
सुरक्षा व्यवस्था में दिल्ली पुलिस, अतिरिक्त पुलिस बल, निजी सुरक्षा गार्ड और कमेटी के स्वयंसेवक तैनात रहेंगे. भीड़ प्रबंधन, प्रवेश-निकासी और आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी जाएंगी.
तीन प्रवेश-निकास की व्यवस्था
बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने को देखते हुए आयोजन स्थल पर मुख्य प्रवेश द्वार के अलावा एक अतिरिक्त प्रवेश द्वार बनाया गया है. वहीं आपात स्थिति में दर्शकों की सुरक्षित और त्वरित निकासी के लिए तीसरा वैकल्पिक इमरजेंसी एग्जिट भी तैयार किया गया है.
पार्किंग और ट्रैफिक पर भी विशेष ध्यान
रामलीला में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और आसपास की सड़कों पर यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे, इसके लिए अतिरिक्त पार्किंग की व्यवस्था की गई है. कमेटी ने दर्शकों से अपील की है कि वे निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही इस्तेमाल करें और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन एवं स्वयंसेवकों का सहयोग करें. इसके अलावा पंडाल परिसर में स्वच्छ शौचालय और खान-पान की पर्याप्त व्यवस्था भी की गई है.
नई पीढ़ी को रामायण के संदेश से जोड़ने का प्रयास
बालाजी रामलीला कमेटी का कहना है कि रामलीला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कार और सामाजिक मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है.
इसी सोच के साथ इस बार आयोजन में परंपरा और आधुनिकता का समन्वय किया गया है. एक ओर भगवान श्रीराम के आदर्श, मर्यादा, सत्य, कर्तव्य और त्याग का संदेश रामलीला के माध्यम से दिया जाएगा. वहीं दूसरी ओर बच्चों और युवाओं के लिए आधुनिक मनोरंजन की भी व्यवस्था की गई है.
बालाजी रामलीला कमेटी ने सभी धर्मप्रेमी जनता, रामभक्तों और क्षेत्रवासियों से सपरिवार रामलीला में शामिल होने की अपील की है.
(दिल्ली से राकेश चावला की रिपोर्ट)