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Delhi Protest: दिल्ली के संसद मार्ग इलाके में सोमवार को CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ NSUI के विरोध प्रदर्शन के दौरान CISF के एक जवान पर कथित धारदार हथियार से हमला किए जाने का मामला सामने आया है. इसको लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. दिल्ली पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम के संबंध में चार अलग-अलग FIR दर्ज की हैं. इस मामले में 18 लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया है. अब पुलिस CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं की जांच कर रही है.
CISF कांस्टेबल पर धारदार चीज से हमला
पुलिस के मुताबिक, CISF कांस्टेबल बिक्रम कुमार प्रोटेस्ट के दौरान एक प्रोटेस्टर को बैरिकेड से दूर ले जा रहे थे, तभी उन पर कथित तौर पर किसी धारदार चीज से हमला किया गया. उनकी दाहिनी कोहनी में चोट आई और उन्हें इलाज और मेडिकल जांच के लिए RML अस्पताल ले जाया गया. पुलिस ने कथित प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है और उसके खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है.
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ NSUI का विरोध प्रदर्शन
NSUI कार्यकर्ता चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे. संगठन ने रायसीना रोड पर ऑफिस के बाहर प्रोटेस्ट किया. NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने प्रदर्शन को लीड किया. विरोध के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने सफेद कपड़े पहने और विरोध करने के लिए जमीन पर लेट गए. प्रदर्शनकारियों ने इसे कथित "वोट चोरी" के खिलाफ एक सिंबॉलिक प्रदर्शन बताया. कुछ वर्कर्स चुनावी प्रक्रिया से जुड़े नारे लिखे प्लेकार्ड लेकर जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की भी कोशिश कर रहे थे.
दंगा करने और सरकारी काम में रुकावट डालने के आरोप
पुलिस ने बताया कि CISF जवान पर हमले के अलावा तीन और FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें दंगा करने, प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कर्मचारियों को उनके ऑफिशियल काम करने से रोकने का आरोप है.
जांच के दौरान पुलिस विरोध स्थल से CCTV कैमरा रिकॉर्डिंग और दूसरे सबूतों की जांच कर रही है. अधिकारियों का मकसद यह पता लगाना है कि हिंसा में कौन शामिल था और उनकी क्या भूमिका थी.
दिल्ली में SIR को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन
इलेक्टोरल रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और इस प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगा रहे हैं.
इससे पहले, पुलिस ने 2 अक्टूबर के प्रदर्शन के संबंध में अलग-अलग धाराओं के तहत FIR दर्ज की थी. इनमें कानूनी सरकारी आदेश न मानना, सरकारी कर्मचारियों को उनके काम करने से रोकना और कथित तौर पर उन पर हमला करना शामिल था.