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Delhi News: दिल्ली में चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शन को कवर करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा और पहचान के बारे में गाइडलाइंस जारी की हैं. विरोध प्रदर्शनों के दौरान पत्रकारों और पुलिस के बीच हाल ही में हुई झड़पों के बाद इस मुद्दे पर काफी ध्यान गया है. 3 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न का भी आरोप लगाया, जिसकी जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है.
The story matters, So does how you get it! Guidelines for journalists. #DPUpdates #EthicsofJournalism https://t.co/Uu4nguCbJk
— Delhi Police (@DelhiPolice) October 5, 2026
पत्रकारों के लिए पुलिस ने जारी की गाइडलाइन, जानें क्या हैं निर्देश
दिल्ली पुलिस की गाइडलाइंस के अनुसार, विरोध प्रदर्शनों को कवर करने वाले पत्रकारों को अपनी पहचान साफ तौर पर बताने के लिए एक वैलिड प्रेस ID कार्ड साथ रखना होगा. उनके संस्थान द्वारा जारी किए गए पहचान पत्र के अलावा उन्हें सलाह दी जाती है कि वे जहां लागू हो, एक वैलिड PIB/DIP एक्रेडिटेशन कार्ड साथ रखें.
पत्रकारों को अपने पहचान पत्र ऐसी जगह पर रखने चाहिए, जो साफ दिखाई दे ताकि मौके पर तैनात पुलिस और दूसरे कानून लागू करने वाले लोग उन्हें आसानी से पहचान सकें.
पुलिस की कार्रवाई में रुकावट न डालने की सलाह
पुलिस ने पत्रकारों को यह भी सलाह दी है कि रिपोर्टिंग या रिकॉर्डिंग के दौरान उनकी मौजूदगी से पुलिस के काम या सुरक्षाकर्मियों के आने-जाने में रुकावट न आए. पत्रकारों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस और प्रदर्शनकारियों से खासकर तनाव वाले हालात में सुरक्षित दूरी बनाए रखें.
गाइडलाइंस में यह भी कहा गया है कि पत्रकारों को ऐसी जगह खड़ा होना चाहिए, जहां उनकी पहचान प्रदर्शनकारियों से साफ तौर पर अलग हो, ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में वे सुरक्षित रूप से रिपोर्ट कर सकें.
CEC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?
दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) एक्ट को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रदर्शनकारी वोटर लिस्ट रिवीजन प्रोसेस में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. 2 और 3 अक्टूबर को भी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन हुए, जिस दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया.
हाल के घटनाक्रमों में पत्रकारों ने पुलिस के गलत व्यवहार का आरोप लगाया है. दिल्ली पुलिस ने तीन महिला पत्रकारों से शिकायतें मिलने की पुष्टि की और उन्हें जांच के लिए क्राइम ब्रांच, कमला मार्केट को भेज दिया.
इस प्रकार, नई गाइडलाइंस पुलिस कानून और व्यवस्था के काम में रुकावट डाले बिना साफ पहचान, सुरक्षित दूरी और स्वतंत्र रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने पर फोकस करती हैं.