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Delhi News: दिल्ली हाईकोर्ट ने एक वकील पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है, जिसने चलती कार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट की कार्यवाही में हिस्सा लिया. कोर्ट ने साफ किया कि वर्चुअल हियरिंग की सुविधा का इस्तेमाल करते समय भी वकीलों को कोर्ट की गरिमा, अनुशासन और कार्यवाही की गंभीरता बनाए रखनी चाहिए. सितंबर 2026 से अब तक के ऑर्डर और फैसले दिल्ली हाई कोर्ट की वेबसाइट पर मौजूद हैं.
लाइव लॉ के मुताबिक, जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला ने कहा कि कोर्ट रोजाना बड़ी संख्या में केस सुनता है. वर्चुअल हियरिंग के दौरान बैकग्राउंड का शोर, लगातार बदलता बैकग्राउंड शोर और दूसरी एक्टिविटीज से कोर्ट की कार्यवाही में रुकावट आ सकती है. कोर्ट ने माना कि ऑनलाइन पेश होने वाले वकीलों को भी ऐसी जगह से जुड़ना चाहिए, जहां बिना किसी रुकावट के सुनवाई हो सके.
इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूल्स, 2025 का हवाला देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि वकीलों को गाड़ियों से वर्चुअल हियरिंग में हिस्सा लेने से बचना चाहिए. ऐसा सिर्फ खास हालात में और कोर्ट की इजाजत से ही किया जा सकता है. कोर्ट के मुताबिक, इस मामले में ऐसी कोई खास हालत नहीं बनी कि वकील को चलती कार से सुनवाई में शामिल होना पड़े.
कोर्ट ने कहा कि वर्चुअल सुनवाई को कंट्रोल करने वाले नियम सिर्फ फॉर्मैलिटी नहीं हैं. उनका मकसद यह पक्का करना है कि ऑनलाइन जुड़ने वाले सभी पक्ष कोर्ट की कार्रवाई के लिए अच्छा माहौल बनाए रखें. कोर्ट ने माना कि सुनवाई के दौरान गलत जगह से जुड़ने से न सिर्फ कार्रवाई में रुकावट आती है, बल्कि कोर्ट का समय भी बर्बाद होता है.
कोर्ट ने इस मामले में वकील नचिकेता गोयल पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया. कोर्ट के आदेश के मुताबिक, यह रकम दिल्ली हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज कमिटी (DHCLSC) के पास जमा करनी होगी.
यह निर्देश साउथ इंडियन बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के खिलाफ शुरू की गई एनफोर्समेंट प्रोसिडिंग्स की सुनवाई के दौरान जारी किया गया था.