)
Delhi News: नई दिल्ली नगर निगम (NDMC) ने राजधानी में लोगों की सुविधाएं और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए कई जरूरी योजनाओं को मंजूरी दी है. इसे लेकर पालिका केंद्र में NDMC की बैठक हुई है. बैठक के दौरान EV के लिए पार्किंग शुल्क में 50% की छूट, सरोजिनी नगर में 50 बेड का आयुष अस्पताल, अंधेरे वाले इलाकों में नई स्ट्रीट लाइट लगाने और पानी-सीवरेज व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े कई प्रस्तावों पर फैसला लिया गया.
NDMC के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह के अनुसार, परिषद के पार्किंग मैनेजमेंट सिस्टम के तहत, जितनी भी पार्किंग सुविधाएं हैं उसमें EV वाहनों को 50% की छूट दी जाएगी. ऐसा करने का मेन मकसद लोगों को EV वाहनों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है. NDMC ने बताया कि EV को बढ़ावा मिलने से पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों पर निर्भरता कम होगी. इसके साथ ही शहर में प्रदूषण घटने में मदद मिल सकती है.
EV क्यों जरूरी है?
EV में पेट्रोल या डीजल इंजन नहीं होते हैं. यही वजह है कि सड़क पर चलते समय टेलपाइप यानी सीधे गाड़ियों के एग्जॉस्ट से प्रदूषण नहीं निकलता. दिल्ली की 2026 की ड्राफ्ट EV Policy में CAQM के हवाले से कहा गया है कि ठंड के समय वायु प्रदूषण में गाड़ियों का योगदान लगभग 23% रहता है. इसलिए सरकार EV को प्रदूषण कम करने वाले रणनीति का एक हिस्सा मान रही है
EV को बढ़ावा देने के लिए पार्किंग में राहत
NDMC के अनुसार, पार्किंग नें आधी छूट मिलने से EV गाड़ी चलाने वाले लोगों को आर्थिक राहत मिलेगी. वहीं जो लोग गाड़ी खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, वो EV वाहन खरीदने पर जोर देंगे. वैसे तो राजधानी में पॉल्यूशन पर इसका कितना असर होगा ये इस बात पर निर्भर करेगा कि लोग पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ी की जगह कितना EV को अपनाते हैं. इसके लिए चार्जिंग स्टेशन और दूसरी जरूरी सुविधाओं का विस्तार भी महत्वपूर्ण होगा
किन वाहनों से दिल्ली में हो सकता है फायदा?
यहां पर दो और तीन पहिया वाहन और कमर्शियल वाहन जरूरी हैं. दिल्ली की EV policy के अनुसार, दिल्ली में कुल वाहन स्टॉक में दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 67% है. इसलिए इनका बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिफिकेशन होने पर वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में ज्यादा प्रभाव पड़ सकता है. नई EV Policy में 2027 से नए तीन-पहिया और N1 कमर्शियल वाहनों के रजिस्ट्रेशन को इलेक्ट्रिक करने और अप्रैल 2028 से नए दोपहिया वाहनों के लिए EV रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने का प्रावधान भी किया गया है.
EV से प्रदूषण खत्म हो जाता है?
ये कहना पूरी तरह सही नहीं होगा कि EV पूरी तरह प्रदूषण-मुक्त है. EV वाहनों से ये फायदा है की सड़क पर चलते समय टेलपाइप उत्सर्जन नहीं करती, लेकिन उनकी बैटरी बनाने, बिजली पैदा करने और वाहन निर्माण की प्रक्रिया में पर्यावरणीय प्रभाव हो सकती हैं. इसलिए EV का फायदा सड़कों पर होने वाले उत्सर्जन को कम करने में है.
कहां बनेगा 50 बेड का आयुष अस्पताल?
वहीं दूसरी तरफ बैठक में सरोजनी नगर में 50 बेड वाले आयुष अस्पताल और रिसर्च सेंटर के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है. इसपर लगभग 55 करोड़ का खर्च आ सकता है. अस्पताल को MoHUA के साथ 50-50 लागात साझेदारी के आदार पर बनाया जाएगा.
NDMC अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार अब मौजूदा पॉलीक्लिनिक सेवाओं को आगे बढ़ाया. इस अस्पताल में आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी से जुड़े इलाज होंगे. यहां तक की अस्पताल में मरीजों को भर्ती करते इलाज देने की भी सुविधा मौजूद होगी.
डार्क स्पॉट होंगे खत्म
बैठक में NDMC के क्षेत्र में अंधेरे वाले जगहों को खत्म करने और रात के समय पब्लिक की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 18.26 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है. इस योजना के अंदर अलग-अलग जगहों पर 6 से 11 मीटर के ऊंचे 18.26 करोड़ रुपये की परियोजना को प्रशासनिक मंजूरी दी गई है. इसके अलावा जमीन के नीचे केबल बिछाने और लाइट पोल के लिए जरूरी फाउंडेशन तैयार करने का काम भी किया जाएगा.
नो-व्हीकल जोन बनाने की तैयारी
इतना ही नहीं बैठक में CP को नो-व्हीकल जोन बनाने की संभावित योजना पर भी चर्चा की गई. NDMC चेयरमैन मनोज कुमार द्विवेदी के अनुसार, इस तरह को कोई भी कदम उठाने से पहले लोगों के बातचीत करना जरूरी है. उन्होंने आगे कहा कि CP को बेहतर हेरिटेज जोन के तौर पर विकसित करने की प्लानिंग है. इसके बाद यहां लोग आराम से घूम सकेंगे.
पुरानी सीवरेज लाइनों को बदला जाएगा
वहीं NDMC क्षेत्र में लंबे समय से सीवरेज व्यवस्था को भी अपग्रेड करने की प्लानिंग चल रही है. मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि सीवरेज लाइनों को बदलने का काम जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा. इसमें लोधी रोड, जाकिर हुसैन मार्ग, गोल्फ कोर्स और सुब्रमण्यम भारती मार्ग से गुजरने वाली C-हेक्सागन की सीवरेज लाइनें भी शामिल हैं. फिलहाल इसे लेकर सर्वे करवाया जा रहा है. जिससे ये पता लगाने में आसानी हो कि किन लाइनों को बदलने की जरूरत है. साथ ही किन जगहों पर मरम्मत से काम किया जा सकता है.
दूसरी योजनाओं को भी मिली मंजूरी
वहीं NDMC की इस बैठक में कई दूसरे प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है. दिल्ली के मोती बाग में कंप्यूटर आधारित टेस्टिंग के लिए पालिका आदर्श परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा. वहीं, धोबी घाट के लोगों को पानी के बिल में देरी पर लगने वाले लेट पेमेंट सरचार्ज (LPSC) में एक बार की राहत देने का फैसला किया गया है. इसके अलावा NDMC में कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने, परिषद के इलाकों में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने और कनॉट प्लेस में खराब एस्केलेटर को बदलने की योजना को भी मंजूरी दी गई है.