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उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी से बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है. कमालपुर में रहने वाले विनोद मृदुल का आरोप है कि महज 17 दिनों के भीतर उनके घर चार बार बिजली का बिल भेजा गया. शिकायत के बाद भी राहत नहीं मिली और चौथी बार फिर नया बिल भेज दिया गया.
मामला बुराड़ी के कमालपुर इलाके की हैं. जहां रहने वाले विनोद मृदुल इन दिनों बिजली के बिल को लेकर परेशान हैं. विनोद का आरोप है कि बिजली विभाग की तरफ से महज 17 दिनों के भीतर उनके घर चार बार बिजली का बिल भेजा गया.
पीड़ित विनोद मृदुल के मुताबिक, शुरुआत में बिजली का बिल शून्य रुपये से शुरू हुआ, लेकिन इसके बाद आने वाले बिलों में रकम लगातार बढ़ती गई और करीब 3900 रुपये तक पहुंच गई. बार-बार बदलते बिल को देखकर विनोद ने बिजली विभाग से शिकायत की और मामले की जानकारी विभागीय अधिकारियों को दी.
आरोप है कि शिकायत करने के बावजूद बिजली विभाग की तरफ से उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया. इसके बाद विनोद मृदुल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को ई-मेल के जरिए शिकायत भेजी. पीड़ित का कहना है कि मुख्यमंत्री को शिकायत भेजने के बाद भी मामलाल खत्म नहीं हुआ. विनोद के मुताबिक, इसके बाद उन्हें चौथी बार बिजली का बिल भेजा गया. इस बार करीब 3900 रुपये के बिल को घटाकर 2740 रुपये कर दिया गया. यानी एक ही उपभोक्ता के बिल में बार-बार बदलाव ने बिजली विभाग की बिलिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
विनोद मृदुल का आरोप है कि बिजली विभाग की तरफ से मनमाने तरीके से बिल भेजे जा रहे हैं और शिकायत के बाद भी अधिकारी उनकी समस्या पर संज्ञान नहीं ले रहे. पीड़ित का कहना है कि वह किसी भी गलत या मनमाने बिल का भुगतान नहीं करना चाहते और अब इस पूरे मामले को लेकर अदालत का रुख करेंगे. सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर महज 17 दिनों में एक उपभोक्ता को चार बार बिजली का बिल क्यों भेजा गया? अगर बिलिंग में गलती थी तो उसे समय रहते ठीक क्यों नहीं किया गया? और शिकायत के बाद भी उपभोक्ता को बार-बार संशोधित बिल भेजने की नौबत क्यों आई?
यह मामला सिर्फ विनोद मृदुल की परेशानी तक सीमित नहीं है. सवाल बिजली विभाग की बिलिंग व्यवस्था और शिकायत निवारण प्रणाली पर भी उठ रहा है. अब देखना होगा कि विभाग इस मामले की जांच करता है या नहीं और उपभोक्ता को सही बिल कब तक मिल पाता है.
(दिल्ली से नसीम अहमद की रिपोर्ट)