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दिल्ली सरकार और भारतीय जनता पार्टी द्वारा 18 अक्टूबर यानी कि रविवार को 'चलो यमुना' (स्वच्छ यमुना प्रहरी) महा-स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा. सुबह 7:00 बजे से 10:00 बजे तक दिल्ली के 28 यमुना घाटों पर ये अभियान एक साथ चलाया जाएगा. इस अभियान में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री एवं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, भाजपा कार्यकर्ता, दिल्ली सरकार के मंत्री-विधायक, विभिन्न एनजीओ, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और दिल्ली विश्वविद्यालय के हजारों छात्र-छात्राएं शामिल होंगे.
कितने घाटों पर चलेगा अभियान
दिल्ली सरकार और भाजपा की तरफ से ये आयोजित अभियान का मुख्य उद्देश्य यमुना नदी के घाटों और किनारों पर फैली गंदगी को साफ करना है. इस अभियान के तहत दिल्ली के 28 घाटों पर सफाई अभियान चलाया जाएगा. इस दौरान दिल्ली की सीएम समेत कई बड़े नेता हिस्सा लेंगे.
कितने घाटों पर सफाई अभियान?
यमुना की सफाई का अभियान सुबह 10 बजे तक चलेगा. इस दौरान 28 अलग-अलग घाटों पर सफाई की जाएगी. इस अभियान में दिल्ली सरकार के मंत्री समेत विधायक, भाजपा कार्यकर्ता, अलग-अलग NGO, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RAW) और डीयू के छात्र-छात्राएं भी शामिल होंगी. ये सारे लोग मिलकर एक साथ यमुना की सफाई करेंगे. साथ ही फैली हुई गंदगी को फेकेंगे. अभियान में सीएम रेखा गुप्ता के साथ केंद्रीय मंत्री और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा भी शामिल होंगे.
यमुना की सफाई अहम मुद्दा
दिल्ली में यमुना की सफाई लंबे समय से अहम मुद्दा बना हुआ है. यमुना नदी के किनारे जमा कचरा पॉल्यूशन के साथ-साथ लोगों की सेहत पर भी असर डालता है. सरकार ने यमुना की सफाई को लेकर कई कदम उठाए हैं. इस अभियान का उद्देश्य लोगों को सफाई बना के रखने का संदेश देना भी है. वहीं, केंद्र सरकार भी यमुना की सफाई से जुड़े कार्यों की निगरानी कर रही है.
क्या है सफाई अभियान का मकसद?
चलो यमुना अभियान का मकसद एक दिन सफाई करना नहीं है, बल्कि लोगों को इसे अपनी जिम्मेदारी समझना है. आज इस अभियान को चलाकर हजारों लोगों को ये संदेश दिया जाएगा कि वो यमुना की सफाई को अपनी पहली जिम्मेदारी समझें. इसके लिए लोगों को ये समझना होगा कि यमुना के किनारे कचरे को न फेंके. साथ ही प्रशासन की सफाई में सहयोग करें.