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दीवाली का त्योहार नजदीक आते ही राजधानी रायपुर का नगर निगम पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है. शहर में साफ-सफाई बनाए रखने और त्योहार के दौरान नागरिकों को कोई परेशानी न हो यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मेयर मीनल चौबे ने एक उच्च-स्तरीय बैठक में साफ-सफाई की खराब स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने शहर की साफ-सफाई के लिए जिम्मेदार कंपनी 'रामकी कंपनी' के प्रतिनिधियों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिया कि अब 'काम नहीं, तो वेतन नहीं' (नो वर्क, नो पे) की नीति लागू की जाएगी. मेयर ने घर-घर जाकर 100% कचरा उठाने को अनिवार्य कर दिया है और यह आदेश दिया है कि किए गए काम की भौतिक जांच के बाद ही भुगतान किया जाए.
इस बीच, नगर निगम ने शहर में यातायात और साफ-सफाई व्यवस्था को बाधित करने वाले अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. नगर आयुक्त संबित मिश्रा के मार्गदर्शन और जोन-7 के नेतृत्व में आमनाका ओवरब्रिज, अग्रसेन चौक, रामसागरपारा और अनुपम गार्डन के आसपास एक विशेष अतिक्रमण-विरोधी अभियान चलाया गया. इस अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों से लगभग 60,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया. इसके अलावा शहर को साफ और सुंदर बनाए रखने के प्रयासों के तहत आमनाका स्थित शराब दुकान के संचालक को कड़ी चेतावनी दी गई है कि वे दो दिनों के भीतर अपनी दुकान के आसपास पूरी तरह से साफ-सफाई सुनिश्चित करें.
यह अभियान मेयर मीनल चौबे और नगर आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देशों के तहत जारी रहेगा. दिवाली से पहले शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए नगर निगम ने स्वच्छता कार्यों को तेज कर दिया है और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. साथ ही यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि स्वच्छता के मानकों का पालन नहीं किया गया, तो नगर निगम अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
मेयर ने स्वच्छता एजेंसी 'रामकी' के प्रतिनिधियों को कड़ी फटकार लगाई. उन्होंने घर-घर जाकर 100% कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और शहर भर में फैले कचरे के ढेरों को तुरंत हटाने का आदेश दिया. यदि रामकी कंपनी की ओर से कोई लापरवाही बरती जाती है, तो उनके अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. मेयर ने जोर देकर कहा कि दिवाली से पहले राजधानी रायपुर साफ-सुथरी और व्यवस्थित दिखनी चाहिए.