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रेलवे की शानदार सुविधा, अब Blinkit ट्रेन में डिलीवर करेगा चार्जर, दवाइयां और जरूरी सामान

ट्रेन में सफर करने के दौरान कई बार आप अपना जरूरी सामान घर पर ही भूल जाते हैं और रास्ते में आपको इन सामान की जरूरत महसूस होती है. इस तरह की जरूरी सामान के लिए अब आप Blinkit से ऑर्डर कर सकते हैं और यह सामान आपको स्टेशन पर ही डिलीवर हो जाएगा.

रेलवे की शानदार सुविधा, अब Blinkit ट्रेन में डिलीवर करेगा चार्जर, दवाइयां और जरूरी सामान
Image Credit: (AI ) इस सुविधा को रेलवे ने अभी ट्रायल के तौर पर शुरू किया है.

ट्रेन सफर के दौरान अक्सर यात्रियों को अचानक चार्जर, दवाइयों या अन्य जरूरी सामान की जरूरत पड़ जाती है, लेकिन छोटे स्टेशनों पर ट्रेन के कम रुकने के कारण वे खरीदारी नहीं कर पाते हैं. इस परेशानी को खत्म करने के लिए दक्षिणी रेलवे ने एक शानदार पहल की शुरुआत की है. सालेम डिवीजन ने क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट के साथ हाथ मिलाया है, जिससे अब यात्रियों को उनकी जरूरत का सामान सीधे रेलवे स्टेशन पर ही मिल सकेगा.

ट्रेन से सफर करने के दौरान कई बार अपनी कुछ जरूरी चीजें जैसे मोबाइल चार्जर और दवाई आदि को घर पर ही भूल जाते हो. इन चीजों की याद आपको ट्रेन में जरूरत पड़ने पर आती है. आपके साथ ही यदि ऐसा कभी हुआ है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. छोटे स्टेशनों पर ट्रेन का स्टॉपेज बहुत कम समय के लिए होता है. ऐसे में आप यहां से खरीदारी भी नहीं कर पाते. लेकिन अब इस तरह की किसी भी परेशानी को खत्म करने के लिए साउथ रेलेवे ने शानदार शुरुआत की है. साथ रेलवे के सालेम डिवीजन ने क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट से करार किया है. इसके बाद अब यात्रियों को उनका जरूरी सामान सीधे रेलवे स्टेशन पर मिल सकेगा.

रेलवे का ब्लिंकिट के साथ करार

साउथ रेलवे के सालेम जोन ने यात्रियों को आखिरी समय में होने वाली मुश्किल को आसान बनाने के लिए ब्लिंकिट के साथ करार किया है. इस करार के तहत यात्री चुनिंदा रेलवे स्टेशन पर अपनी जरूरत के सामान की डिलीवरी करा सकेंगे. सफर के दौरान मोबाइल का चार्जर, आपकी केयर किट, दवाएं और रिफ्रेशमेंट जैसी जरूरी चीजें आसानी से मिल जाएंगी. इसके तहत जब ट्रेन किसी चुनिंदा स्टेशन पर पहुंचेगी तो यात्री ब्लिंकिट ऐप के माध्यम से अपना ऑर्डर दे सकते हैं. इसके बाद वे स्टेशन पर तय किये गए डिलीवरी प्वाइंट या स्टेशन के एंट्री प्वाइंट के पास अपना सामान कलेक्ट कर सकते हैं.

नहीं रहेगा ट्रेन छूटने का भी रिस्क

यह सुविधा खासतौर से ऐसे यात्रियों की समस्या को ध्यान में रखकर शुरू की गई है, जो ट्रेन के छोटे स्टॉपेज के दौरान कुछ भी सामान खरीद नहीं पाते. कई बार यात्रियों को अचानक इलेक्ट्रॉनिक एसेसरीज या पर्सनल केयर प्रोडक्ट की जरूरत होती है. लेकिन ट्रेन से सफर करने के कारण उनके पास बाहर तक जाने का समय नहीं होता. लेकिन अब क्विक-कॉमर्स डिलीवरी के जरिये यात्रियों को अपनी ट्रेन छूटने का रिस्क उठाए बिना या कोच छोड़े बिना जरूरी सामान मिल जाएगा. प्रोडक्ट की उपलब्धता और डिलीवरी का पूरा सिस्टम स्टेशन और वहां की ऑपरेशनल सिचुएशन पर पूरी तरह निर्भर करेगा.

यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सकेगा

ब्लिंकिट के साथ यह करार प्राइवेट कंपनियों के साथ किया गया है. इससे यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सकेगा. रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के एग्रीमेंट से यात्रियों को बड़ी प्रोडक्ट रेंज मिल सकेगी. इसके अलावा रेलवे के लिए नॉन-फेयर रेवेन्यू बढ़ाने के नए रास्ते भी खुलेंगे. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस पहल का मकसद क्विक-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स का यूज करके ट्रेन के सफर को ज्यादा मॉर्डन और सिक्योर बनाया जा सकेगा. इस तरह की सुविधाओं से यात्री अपने सफर के शेड्यूल मं बिना किसी तरह का बदलाव किये अपनी जरूरतें पूरा कर सकेंगे.

आगे और बढ़ेगी सुविधा?

सालेम डिवीजन की इस पहल से यह तो साफ है कि देश के दूसरे रेलवे स्टेशनों के लिए भी यह बेहतरीन मॉडल बन सकता है. क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म उन रूट पर यसात्रा करने वाले यात्रियों के लिए हेल्पफुल साबित हो सकते हैं जहां ट्रेन रुकने का समय बहुत ही कम होता है. हालांकि, इस सर्विस का बड़े पैमाने पर एक्सपेंशन इस बात पर निर्भर करेगा कि डिलीवरी का तालमेल, स्टेशन तक पहुंच, यात्री सुरक्षा और सामान सौंपने का समय कैसा रहता है.

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About the Author

Kriyanshu Saraswat

Kriyanshu Saraswat

क्रियांशु सारस्वत वरिष्ठ बिजनेस जर्नलिस्ट (Business Journalist) हैं, उन्हें डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 साल का अनुभव है. मौजूदा समय में वह Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में बतौर 'असिस्टेंट न्यूज एडिटर' कार्यरत हैं. क्रियांशु को बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, टैक्सेशन, कमोडिटी और सरकारी योजनाओं आदि से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में महारथ हासिल है. Zee News से पहले क्रियांशु ने टाइम्स इंटरनेट, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और अमर उजाला की वेबसाइट में अहम संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं. इस दौरान क्रियांशु ने ऑटो, टेक्नोलॉजी और लाइफस्‍टाइल लीड की जिम्मेदारी संभाली है. अभी क्रियांशु बिजनेस लीड हैं. यूपी से ताल्‍लुक रखने वाले क्र‍ियांशु पत्रकार‍िता में पोस्ट ग्रेजुएट हैं.
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