)
EPFO New Rules : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने 74वें स्थापना दिवस के अवसर पर मेंबर्स के लिए कई नई पहल की घोषणा की है. केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि अब EPFO की सेवाएं व्हाट्सएप के जरिए भी मिल सकेंगी. मेंबर्स इस मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए अपना PF बैलेंस, हाल के पांच ट्रांजैक्शन और पासबुक की डिटेल चेक कर सकेंगे.
संगठन ने 1,000 रुपये तक के बैलेंस वाले निष्क्रिय (inactive) EPF खातों के ऑटोमैटिक सेटलमेंट (स्वचालित निपटान) की भी घोषणा की है. पात्र खाताधारकों को अपना पैसा पाने के लिए अलग से कोई क्लेम फाइल नहीं करना पड़ेगा.
रविवार यानी 1 नवंबर को नई दिल्ली के डॉ अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 74वें स्थापना दिवस समारोह में मनसुख मंडाविया ने कहा कि EPFO ने एक लंबा सफर तय किया है और वो तकनीक के जरिए अपनी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है.
EPFO मेंबर इसकी वेरिफाइड व्हाट्सएप सेवा के जरिए कई सर्विस का लाभ उठा सकेंगे. इनमें PF बैलेंस, हाल के पांच ट्रांजैक्शन और पासबुक की डिटेल जैसी जानकारी शामिल है. इसके अलावा, सदस्य 'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' (PMVBRY) से जुड़ी प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए मार्गदर्शन और सहायता भी प्राप्त कर सकेंगे.
EPFO ने 1,000 रुपये तक के बैलेंस वाले निष्क्रिय EPF खातों का ऑटोमैटिक सेटलमेंट शुरू कर दिया है. इस सर्विस में आधार-वेरिफाइड (आधार से सत्यापित) खाते शामिल होंगे. पात्र खाताधारकों को अपना बकाया पैसा पाने के लिए अलग से कोई क्लेम फाइल करने की जरूरत नहीं होगी.
EPFO पहचान और बैंक खाते के जरूरी वेरिफिकेशन (सत्यापन) को पूरा करने के बाद सेटलमेंट की प्रक्रिया शुरू करेगा. इस पहल से लगभग 1 लाख निष्क्रिय खातों को फायदा मिलने की उम्मीद है. कुल निपटान राशि लगभग 5 करोड़ रुपये होने की संभावना है.
EPFO ने अपनी क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया में सुधार की जानकारी दी है. अक्टूबर 2026 में क्लेम सेटल करने में लगने वाला औसत समय घटकर 2.57 दिन रह गया है. ये सुधार संगठन द्वारा CITES 2.01 के माध्यम से किए गए तकनीकी बदलावों का परिणाम है. इस पहल का उद्देश्य सदस्यों के लिए प्रोविडेंट फंड (PF) की बचत तक पहुंच को तेज और अधिक सुविधाजनक बनाना है.
मांडविया ने कहा कि EPFO ने 8 करोड़ से अधिक मेंबर्स के कंट्रीब्यूशन के जरिए लगभग 32 लाख करोड़ रुपये का फंड तैयार किया है. वर्तमान में ये संगठन लगभग 8 करोड़ सक्रिय योगदान देने वाले मेंबर्स और 85 लाख पेंशनभोगियों को सेवाएं दे रहा है. उन्होंने कहा कि अपनी 74 साल की यात्रा में EPFO देश के कार्यबल (वर्कफोर्स) के लिए एक भरोसेमंद संस्था के रूप में उभरा है. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि श्रमिकों की चिंताओं और शिकायतों को पूरी संवेदना और सहानुभूति के साथ सुलझाया जाना चाहिए.
मांडविया ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे संगठन के 75वें वर्ष की ओर बढ़ते हुए श्रमिकों पर केंद्रित इनोवेशन पर ध्यान दें. उन्होंने सदस्यों के लिए सेवाओं को बेहतर बनाने हेतु तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया. केंद्रीय प्रोविडेंट फंड आयुक्त रमेश कृष्णमूर्ति ने कहा कि EPFO की सफलता को इस बात से मापा जाना चाहिए कि यह अपने सदस्यों और पेंशनभोगियों को कितना भरोसा और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है.