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IDBI Bank-Fairfax Deal: IDBI बैंक के 52,878 करोड़ रुपये के सौदे पर उठ रहे सवालों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. बैंक के लिए लगाई गई बोली के तरीके से लेकर कनाडाई कंपनी को फेवर करने और बैंक के वैल्यूएशन पर सवाल तो उठे ही है, अब इस विनिवेश प्रक्रिया की नई परतें खुल गईं है.
IDBI डील में पैसों का ये कौन-सा चक्रव्यूह?
बैंक को खरीदने के लिए फंडिंग अब मुद्दा बन रहा है, जिसने एक डील पर नया सवाल खड़ा कर दिया है. कनाडाई कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स (Fairfax Financial Holdings) पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या वो IDBI बैंक के पैसों से ही आईडीबीआई को खरीदने जा रही है. Business World ने अपनी रिपोर्ट में इस डील पर फिर से सवाल उठाया है
सवाल: क्या IDBI के ही पैसों से IDBI बैंक को खरीदा जा रहा है ? बिजनेस वर्ल्ड ने अपनी रिपोर्ट में IDBI को खरीदने जा रही कनाडा की कंपनी Fairfax की फंडिंग पर सवाल उठाए हैं ?
Business world ने अपनी रिपोर्ट में IDBI बैंक फेयरफैक्स की डील पर सवाल उठाए हैं. रिपोर्ट में उस तार को जोड़े गए हैं, जो दिखाते हैं कि कैसे IDBI बैंक ने अपने टेकओवर के लिए खुद खरीदार फेयरफैक्स की मदद की. यानी फेयरफैक्स बैंक को खरीद रहा है और IDBI बैंक फेयरफैक्स के बिजनेस को खरीदने की तैयारी. इस डील से जो पैसा मिलेगा, उसी फंड का इस्तेमाल फेयरफैक्स IDBI बैंक की 60.72% हिस्सेदारी खरीदने के लिए करेगा. रिपोर्ट में कॉन्फ्रेंस कॉली की पूरी ट्रांसक्रिप्ट का हवाला दिया गया है कि कैसे 52,878 करोड़ रुपये की इस महाडील में पैसों का एक चक्रव्यूह रचा जा रहा है.
14 अक्टूबर को केंद्रीय कैबिनेट ने इस डील को मंजूरी दी और 15 अक्टूबर को फेयरफैक्स के चेयरमैन प्रेम वत्स ने खुद कॉन्फ्रेंस कॉल पर अपने विदेशी निवेशकों से जो बात कही, उसके बाद से फंडिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं .
'रेमंड्स जेम्स' के एनालिस्ट ने सवाल किया कि फेयरफैक्स अपनी इंश्योरेंस कंपनी Go Digital को IDBI के अंतर्गत कैसे लाएगा? क्या IDBI बैंक अपने सरप्लस कैश का इस्तेमाल कर इन शेयरों को मार्केट प्राइस खरीदेगा?
फेयरफैक्स के चेयरमैन का जवाब-
इसी कॉन्फ्रेंस कॉल पर ही प्रेम वत्स ने बताया था कि IDBI बैंक के पास सरपल्स कैपिटल है, इसलिए वो कैश भुगतान करेंगे. उन्होंने बताया कि कैसे फेयरफैक्स IDBI बैंक को खरीदने के लिए भुगतान करेगा. कैश इन हैंड, इंश्योरेंस कंपनी के डिविडेंट, एसेट्स सेल, डिजिटल और IIFL कैपिटल्स में हिस्सेदारी बेचकर वो इस रकम को चुकाएगा.
फेयरफैक्स के प्रेसिडेंट Peter Clarke ने उन नंबर्स के बारे में विस्तार से बताया कि जिसकी मदद से वो IDBI बैंक को खरीदने के लिए 5.6 अरब डॉलर का इंतजाम कर रहे हैं.
इस डील के मुताबिक IDBI बैंक फेयरफैक्स की तीन कंपनियों को कैश देकर खरीदेगा. जिसमें फेयरफैक्स की हिस्सेदारी की कुल वैल्यू लगभग 3 बिलियन डॉलर यानी करीब 28,300 करोड़) है.
फेयरफैक्स को IDBI बैंक की 60.72% हिस्सेदारी हासिल करने के लिए केंद्र सरकार और LIC को करीब 53 हजार करोड़ रुपये चुकाने हैं. इसके लिए वो अपनी जेब से फंडिंग करने के बजाए बैंक के लॉकर का ही इस्तेमाल करने वाला है. दरअसल बैंक में सबसे बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने के बाद कंट्रोल फेयरफैक्स के हाथ में होगा. जिसके बाद वो करीब 3 अरब डॉलर में अपनी तीनों कंपनियां IDBI को बेच देगा.
IDBI बैंक की ये डील सिर्फ यही सवाल नहीं उठाती है, इससे पहले भी 3 सवाल उठ चुके हैं. फेयरफैक्स के चेयरमैन और प्रेसिडेंट की बातों से साफ है कि डील की कुल 5.6 अरब डॉलर में से करीब 3 अरब डॉलर की रकम का इंतजाम खुद आईडीबीआई की तिजोरी से किया जा रहा है. अब उन बाकी 3 सवालों को भी समझते हैं....