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क्या IDBI के ही पैसों से IDBI खरीद रहा Fairfax? डील की फंडिंग पर उठे नए सवाल

IDBI Bank Deal कीमत, वैल्यूएशन और बोली के प्रोसेस के बाद अब IDBI-Fairfax डील पर आरोप ला है कि कंपनी ने आईडीबीआई बैंक डील के लिए बैंक के ही 3 बिलियन अरब डॉलर का इस्तेमाल करने की प्लानिंग की है. यानी IDBI बैंक को खरीदने के लिए वो उसी की तिजोरी में रखे पैसे इस्तेमाल करेगा.

क्या IDBI के ही पैसों से IDBI खरीद रहा Fairfax? डील की फंडिंग पर उठे नए सवाल
Image Credit: idbi bank

IDBI Bank-Fairfax Deal: IDBI बैंक के 52,878 करोड़ रुपये के सौदे पर उठ रहे सवालों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. बैंक के लिए लगाई गई बोली के तरीके से लेकर कनाडाई कंपनी को फेवर करने और बैंक के वैल्यूएशन पर सवाल तो उठे ही है, अब इस विनिवेश प्रक्रिया की नई परतें खुल गईं है.  

IDBI डील में पैसों का ये कौन-सा चक्रव्यूह? 

बैंक को खरीदने के लिए फंडिंग अब मुद्दा बन रहा है, जिसने एक डील पर नया सवाल खड़ा कर दिया है. कनाडाई कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स (Fairfax Financial Holdings) पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या वो IDBI बैंक के पैसों से ही आईडीबीआई को खरीदने जा रही है.  Business World ने अपनी रिपोर्ट में इस डील पर फिर से सवाल उठाया है

सवाल: क्या IDBI के ही पैसों से IDBI बैंक को खरीदा जा रहा है ? बिजनेस वर्ल्ड ने अपनी रिपोर्ट में IDBI को खरीदने जा रही कनाडा की कंपनी Fairfax की फंडिंग पर सवाल उठाए हैं ?  

IDBI-Fairfax डील की फंडिंग पर सवाल

Business world ने अपनी रिपोर्ट में IDBI बैंक फेयरफैक्स की डील पर सवाल उठाए हैं.  रिपोर्ट में उस तार को जोड़े गए हैं, जो दिखाते हैं कि कैसे IDBI बैंक ने अपने टेकओवर के लिए खुद खरीदार फेयरफैक्स की मदद की. यानी फेयरफैक्स बैंक को खरीद रहा है और IDBI बैंक फेयरफैक्स के बिजनेस को खरीदने की तैयारी. इस डील से जो पैसा मिलेगा, उसी फंड का इस्तेमाल फेयरफैक्स IDBI बैंक की 60.72%  हिस्सेदारी खरीदने के लिए करेगा.  रिपोर्ट में कॉन्फ्रेंस कॉली की पूरी ट्रांसक्रिप्ट का हवाला दिया गया है कि कैसे 52,878 करोड़ रुपये की इस महाडील में पैसों का एक चक्रव्यूह रचा जा रहा है.  

क्या  IDBI बैंक के पैसों से ही उसे खरीद रहा है फेयरफैक्स ?  

14 अक्टूबर को केंद्रीय कैबिनेट ने इस डील को मंजूरी दी और 15 अक्टूबर को फेयरफैक्स के चेयरमैन प्रेम वत्स ने खुद कॉन्फ्रेंस कॉल पर अपने विदेशी निवेशकों से जो बात कही, उसके बाद से फंडिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं .  

'रेमंड्स जेम्स' के एनालिस्ट ने सवाल किया कि फेयरफैक्स अपनी इंश्योरेंस कंपनी Go Digital को IDBI के अंतर्गत कैसे लाएगा?  क्या IDBI बैंक अपने सरप्लस कैश का इस्तेमाल कर इन शेयरों को मार्केट प्राइस खरीदेगा?  

फेयरफैक्स के चेयरमैन का जवाब-

इसी कॉन्फ्रेंस कॉल पर ही प्रेम वत्स ने बताया था कि IDBI बैंक के पास सरपल्स कैपिटल है, इसलिए वो कैश भुगतान करेंगे. उन्होंने बताया कि कैसे  फेयरफैक्स IDBI बैंक को खरीदने के लिए भुगतान करेगा. कैश इन हैंड, इंश्योरेंस कंपनी के डिविडेंट, एसेट्स सेल,   डिजिटल और IIFL कैपिटल्स में हिस्सेदारी बेचकर वो इस रकम को चुकाएगा.  

फेयरफैक्स के प्रेसिडेंट Peter Clarke ने उन नंबर्स के बारे में विस्तार से बताया कि  जिसकी मदद से वो IDBI बैंक को खरीदने के लिए 5.6 अरब डॉलर का इंतजाम कर रहे हैं.  

इस डील के मुताबिक IDBI बैंक फेयरफैक्स की तीन कंपनियों को कैश देकर खरीदेगा. जिसमें फेयरफैक्स की हिस्सेदारी की कुल वैल्यू लगभग 3 बिलियन डॉलर यानी करीब 28,300 करोड़) है.

  • Go Digit General Insurance में 57% हिस्सेदारी 
  • Go Digit Life Insurance
  • IIFL Capital में 30.5% हिस्सेदारी. 

डील के लिए पैसों का मकड़जाल बुन रहा फेयरफैक्स?  

फेयरफैक्स को IDBI बैंक की 60.72% हिस्सेदारी हासिल करने के लिए केंद्र सरकार और LIC को करीब 53 हजार करोड़ रुपये चुकाने हैं. इसके लिए वो अपनी जेब से फंडिंग करने के बजाए बैंक के लॉकर का ही इस्तेमाल करने वाला है. दरअसल बैंक में सबसे बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने के बाद कंट्रोल फेयरफैक्स के हाथ में होगा. जिसके बाद वो करीब 3 अरब डॉलर में अपनी तीनों कंपनियां IDBI को बेच देगा.  
 

एक डील और 4 सवाल

IDBI बैंक की ये डील सिर्फ यही सवाल नहीं उठाती है, इससे पहले भी 3 सवाल उठ चुके हैं.  फेयरफैक्स के चेयरमैन और प्रेसिडेंट की बातों से साफ है कि डील की कुल 5.6 अरब डॉलर में से करीब 3 अरब डॉलर की रकम का इंतजाम खुद आईडीबीआई की तिजोरी से किया जा रहा है.  अब उन बाकी 3 सवालों को भी समझते हैं.... 
 

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About the Author

Bavita Jha

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बवीता झा बिजनेस पत्रकार हैं, उन्हें डिजिटल और टीवी न्यूज़ मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News Hindi (Digital) में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. व्यापार जगत की जटिलताओं और आर्थिक आंकड़ों को आम पाठकों के लिए सरल भाषा में डिकोड करना उनका मजबूत पक्ष है.  • शेयर बाजार • बिजनेस एक्सप्लेनर • पर्सनल फाइनेंस और टैक्सेशन  • कमोडिटी, गोल्ड-सिल्वर ट्रेड• ग्लोबल ट्रेड • जियो इकोनॉमिकस डेवलपमेंट • कारोबार से जुड़ी सरकारी योजना और पॉलिटी • बिजनेस और मार्केट ट्रेंडZee News से पहले बवीता ने नवभारत टाइम्स (NBT) के बिजनेस सेक्शन और Oneindia जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल संस्थानों में इवनिंग शिफ्ट, होम पेज मैनेजमेंट और ट्रेडिंग न्यूज़ की अहम जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं. इसके अलावा महुआ न्यूज़, जनसंदेश और सहारा जैसे टीवी चैनलों में प्रोग्राम प्रोड्यूसर और रनडाउन मैनेजमेंट का उनके पास 4 वर्षों का ठोस अनुभव है.  दिल्ली से पत्रकारिता में स्नातक और गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाली बवीता, खबरों की सत्यता और वित्तीय मामलों की सटीक रिपोर्टिंग को प्राथमिकता देती हैं.  बवीता झा से आप bavita.jha@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स  पर https://x.com/youthreporter2 के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं. सोशल मीडिया पर कनेक्ट होने के लिए फेसबुक पेज https://www.facebook.com/bavita.jha , इंस्टाग्राम instagram.com/bavita.jha पर जुड़ सकते हैं. बवीता झा की खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं.
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