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धौलपुर के बाड़ी शहर के जिला चिकित्सालय जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है. पिछले कुछ समय से अस्पताल में एक्स-रे फिल्म की किल्लत बनी हुई है, जिसके चलते रोजाना आने वाले दर्जनों मरीजों को जांच का लाभ नहीं मिल पा रहा है और उन्हें मजबूरन निजी लैबों पर मनमाने दामों पर एक्स-रे कराना पड़ रहा है.
कागजों में जिला अस्पताल, सुविधाओं का भारी अभाव
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाड़ी उपखंड के राजकीय चिकित्सालय को कागजों में जिला अस्पताल का दर्जा तो दे दिया गया है, लेकिन हकीकत में यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी सुविधाएं भी नहीं हैं. अस्पताल में संसाधनों का भारी अभाव है. वहीं, फिजीशियन समेत कई विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं. इसके कारण उपखंड के मरीजों को इलाज के लिए धौलपुर, जयपुर जाना पड़ता है या फिर झोलाछाप और अवैध क्लिनिकों के भेंट चढ़ना पड़ता है.
दो सप्ताह से एक्स-रे फिल्म की किल्लत
जानकारी के अनुसार, समय से पूर्व संसाधनों की डिमांड नहीं भेजने की लापरवाही इस अस्पताल में आम बात हो गई है. पिछले दो सप्ताह से एक्स-रे फिल्म खत्म होने से मरीजों को भारी परेशानी हो रही है. हालांकि चिकित्सकों द्वारा एक्स-रे जांच को मरीज के मोबाइल पर फोटो भेजकर डायग्नोसिस की जा रही है, लेकिन हकीकत यह है कि ज्यादातर मरीज ग्रामीण क्षेत्र के गरीब लोग हैं, जिनके पास एंड्रॉयड मोबाइल तक नहीं है. ऐसे में वे जांच के लाभ से वंचित रह जाते हैं.
पीएमओ बोले- जरूरतमंद मरीजों को दे रहे फिल्म
इस मामले में जब चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिकिशन मंगल से बात की गई तो उन्होंने कहा -एक्स-रे की फिल्में अपने पास हैं और जो मरीज आ रहे हैं, उनमें से जिन्हें जरूरत है उन्हें अपन फिल्म दे रहे हैं. आज भी सभी जरूरतमंद मरीजों को फिल्म जारी की हैं. अपने पास कुछ बैलेंस है और अगला ऑर्डर लगा रखा है.
फिल्म की बर्बादी रोकने के लिए मोबाइल पर भेज रहे फोटो
उन्होंने आगे बताया कि अक्सर कई मरीज ऐसे भी आते हैं जिन्हें एक्स-रे की आवश्यकता नहीं होती, फिर भी लिखवा लेते हैं. फिल्म पहले की तुलना में महंगी हो गई है, इसलिए वेस्टेज रोकने के लिए ऐसे मरीजों को मोबाइल पर फोटो देकर डायग्नोसिस किया जा रहा है.
कंपनी में बदलाव और तकनीकी दिक्कत से सप्लाई प्रभावित
कमी का कारण बताते हुए डॉ. मंगल ने कहा कि जो हमारी एक्स-रे मशीनें हैं, उस कंपनी वाले ने अपनी कंपनी किसी दूसरे को बेच दी है, उसने रेटें बढ़ा दी हैं और कुछ टेक्निकल प्रॉब्लम आ गई है. इस वजह से सप्लाई में अड़चन आई है. ऑर्डर दे दिया है, सभी मरीजों को फिल्म नियमित रूप से उपलब्ध हो जाएगी.