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ग्रेटर नोएडा वेस्ट वालों को मिलेगा दिवाली का तोहफा! गौर चौक पर जाम का होगा गेम ओवर

ग्रेटर नोएडा वेस्ट वालों को दिवाली से पहले बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है. 700 मीटर लंबा छह लेन का अंडरपास बनकर लगभग तैयार हो गया है.

ग्रेटर नोएडा वेस्ट वालों को मिलेगा दिवाली का तोहफा! गौर चौक पर जाम का होगा गेम ओवर
Image Credit: Z Creative (AI Image)

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौर चौक यानि चार मूर्ति पर रोजाना लगने वाले जाम से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है. यहां करीब 92 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे लगभग 700 मीटर लंबे छह लेन के अंडरपास का मुख्य निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. अब सड़क की मार्किंग, स्ट्रीट लाइट, दीवारों की पेंटिंग और अन्य फिनिशिंग कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण की ओर से इसे दिवाली से पहले यातायात के लिए शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है.

रोजाना लगने वाले जाम से मिलेगा छुटकारा  

अंडरपास शुरू होने से गौर सिटी, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और आसपास की सोसायटियों और ग्रेटर नोएडा से गाजियाबाद जाने वाले लोगों को रोजाना के सफर में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. यहां की दीवारों पर बहुत ही आर्कषक तस्वीरें पेंटिंग बनाई हुई है. अंडरपास की दीवारों पर आपको इंडिया गेट, कुतुब मीनार, भगवान बुद्ध और उसके अलावा चंद्रयान की भी पेंटिंग भी नजर आएगी. भविष्य में इसमें जल भराव की समस्या न हो, इसका ध्यान रखा गया है.

ग्रेटर नोएडा एक्सटेंशन वालों को मिलेगी राहत  

ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के जीएम एके सिंह ने बताया कि अंडरपास को दिवाली पर शुरू करने की प्राथमिकता है, ताकि ग्रेटर नोएडा एक्सटेंशन के लोगों को जाम से राहत मिल सके. उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता है कि दिवाली पर इस अंडरपास को शुरू किया जा सके. इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और ग्रेटर नोएडा एक्सटेंशन के लोगों को एक बड़ी सौगात मिलेगी.”

अंडरपास की दीवारों पर पेंटिंग बनाई गई  

जीएम के मुताबिक, अंडरपास की दीवारों के दोनों तरफ अलग-अलग तरह की पेंटिंग बनाई गई हैं, जो इसे आकर्षक रूप देंगी. परियोजना के तहत अंडरपास का मुख्य हिस्सा तैयार हो चुका है और बाकी बचे काम पूरे किए जा रहे हैं. हालांकि, इसे आम लोगों के लिए खोलने की अंतिम तारीख की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.

92 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा    

गौर चौक अंडरपास परियोजना की शुरुआत करीब 60 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से हुई थी. निर्माण और अन्य जरूरी कार्यों के चलते इसकी लागत बढ़कर लगभग 92 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. परियोजना में निर्माण के अलावा यूटिलिटी सेवाओं को शिफ्ट करने जैसे कार्य भी शामिल रहे.

700 मीटर लंबा 6 लेन का अंडरपास  

करीब 700 मीटर लंबे अंडरपास में छह लेन की व्यवस्था की गई है. जीएम एके सिंह के अनुसार, अंडरपास के मुख्य हिस्से की लंबाई करीब 160 मीटर है, जबकि पूरी परियोजना लगभग 730 मीटर क्षेत्र में फैली है. इसका उद्देश्य गौर चौक पर यातायात के दबाव को कम करना और वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाना है.

2024 में शुरू किया गया था निर्माण  

अंडरपास का निर्माण जुलाई 2024 में शुरू किया गया था. शुरुआती योजना के मुताबिक, इसे लगभग 18 महीने में पूरा किया जाना था, लेकिन निर्माण के दौरान कई चुनौतियों के चलते काम प्रभावित हुआ. वायु प्रदूषण के कारण लागू ग्रेप प्रतिबंध, बारिश, यूटिलिटी सेवाओं की शिफ्टिंग और रैंप से जुड़े कार्यों में समय लगने से परियोजना निर्धारित समयसीमा से आगे बढ़ गई.

सूरजपुर और गाजियाबाद जाने वाले यात्रियों को मिलेगी राहत  

अब मुख्य निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सड़क की मार्किंग, लाइटिंग और अन्य फिनिशिंग कार्यों पर ध्यान दिया जा रहा है. इसके बाद अंडरपास को यातायात के लिए खोलने की तैयारी है. गौर चौक ग्रेटर नोएडा वेस्ट का प्रमुख ट्रैफिक जंक्शन है. सुबह और शाम के व्यस्त समय में यहां वाहनों का दबाव बढ़ने से लंबा जाम लग जाता है. इसका असर गौर सिटी और आसपास की आवासीय सोसायटियों से निकलने वाले लोगों के साथ सूरजपुर और गाजियाबाद की ओर जाने वाले यात्रियों पर भी पड़ता है.

वाहनों का दबाव कम होगा  

अंडरपास शुरू होने के बाद चौराहे पर यातायात का दबाव कम होने और वाहनों की आवाजाही बेहतर होने की उम्मीद है. इससे नौकरीपेशा लोगों, स्कूली वाहनों और रोजाना इस मार्ग का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों का समय बच सकता है. फिलहाल लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अंडरपास को दिवाली से पहले किस तारीख को यातायात के लिए खोला जाता है.

(ग्रेटर नोएडा से भूपेश प्रताप सिंह की रिपोर्ट)

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Amitesh Pandey

Amitesh Pandey

अमितेश कुमार पांडेय डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले अमितेश को मीडिया जगत में 8 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.अमितेश के पास डेस्क एडिटिंग के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी व्यावहारिक अनुभव है. अमितेश ने उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों- लखनऊ, प्रयागराज और गाज़ियाबाद में जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है. स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ पेपर अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में काम करने का अनुभव है. अमितेश ने पत्रकारिता की पढ़ाई प्रयागराज से की है.अमितेश पांडेय से आप amitesh.pandey@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप अमितेश से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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