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राजस्थान के झुंझुनूं जिले के छापोली गांव में सड़क निर्माण के दौरान हुए करंट हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है. हादसे में शुरुआत में 5 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 3 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए थे. अब इलाज के दौरान तीनों घायल मजदूरों ने भी दम तोड़ दिया. इस तरह हादसे में कुल 8 लोगों की मौत हो चुकी है. जानकारी के मुताबिक, छापोली गांव में कदमकुंड की ओर जाने वाले रास्ते पर सड़क निर्माण का काम चल रहा था. इसी दौरान रोड़ी मिलाने वाली मशीन 11 हजार केवी की हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई. मशीन के बिजली लाइन से टकराते ही उसमें करंट फैल गया और वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए.
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के छापोली में हुए हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है. हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत हुई है, जबकि 5 लोग घायल हुए हैं. प्रधानमंत्री ने प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. इसके तहत मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी.
Saddened by the loss of lives due to a mishap in Jhunjhunu, Rajasthan. My condolences to the bereaved families. May the injured recover at the earliest. An ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF would be given to the next of kin of each of those who lost their lives. The injured would be given Rs. 50,000: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) November 2, 2026
पहले 5 मजदूरों की मौके पर मौत, अब 3 ने भी तोड़ा दम
हादसे के वक्त मौके पर मौजूद 8 मजदूर करंट की चपेट में आकर झुलस गए थे. इनमें से 5 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 3 गंभीर रूप से घायल हो गए थे. तीनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अब इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई. इसके साथ ही हादसे में मरने वालों की संख्या 8 हो गई है. बताया जा रहा है कि मशीन में करंट आने के बाद कुछ मजदूरों ने अपने साथियों को बचाने की कोशिश भी की थी. इस दौरान वे भी करंट की चपेट में आ गए. अभी भी 5 मजदूरों का इलाज अस्पताल में चल रहा है.
ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर शुरू कराया था सड़क निर्माण
बताया जा रहा है कि गांव में लंबे समय से सड़क टूटी हुई थी. सड़क की खराब हालत को देखते हुए ग्रामीणों ने आपस में चंदा जुटाकर सड़क बनवाने का फैसला किया था. इसी के तहत कदमकुंड जाने वाले रास्ते पर निर्माण कार्य चल रहा था. इसी दौरान यह हादसा हो गया.
वन विभाग की जमीन पर बिना अनुमति हो रहा था काम
जिस जगह सड़क निर्माण का काम चल रहा था, वो वन विभाग की जमीन है. यहां ग्रामीण बिना अनुमति के सड़क बनवा रहे थे. ये इलाका उदयपुरवाटी क्षेत्र के छापोली में आता है. हादसे के बाद सड़क निर्माण की अनुमति और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.

CM भजनलाल शर्मा ने जताया दुख, पीड़ित परिवारों की मदद के निर्देश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने झुंझुनूं जिले में करंट लगने से हुई मजदूरों की मौत पर गहरा दुख जताया है. सीएम ने प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर घटना की जानकारी ली. साथ ही घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने हादसे के कारणों की विस्तार से जानकारी भी ली. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद करेगी.
झुंझुनूं में हुए हादसे में करंट लगने से श्रमिकों की असामयिक मृत्यु का समाचार दुखद है। संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार एवं प्रभावित परिवारों को तत्काल हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने तथा घटना की जांच के निर्देश दिए हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान, घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ तथा शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने का संबल प्रदान करें। ॐ शांति!
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) November 2, 2026
भगवानाराम सैनी, विधायक
"यह हादसा दुखद है. मेरी पूरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. घटनास्थल पर पहुंचने के बाद ही मैं इस बारे में कुछ कह पाऊंगा."
हीरालाल नागर, ऊर्जा मंत्री
सड़क का निर्माण जनसहयोग और भामाशाहों की मदद से कराया जा रहा था. इसी दौरान मशीन 11 केवी बिजली लाइन से टकरा गई, जिससे करंट फैल गया. उन्होंने कहा कि फिलहाल सबसे पहली प्राथमिकता करंट से झुलसे लोगों को इलाज उपलब्ध कराना है. अजमेर से तकनीकी निदेशक को भी मौके पर भेजा गया है. जांच में अगर किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
क्या है कदम कुंड ?
झुंझुनूं का कदम कुंड (कदम्ब कुंड) धार्मिक और प्राकृतिक स्थल हैं. जो दक्षिण-पूर्व दिशा में उदयपुरवाटी से छापोली जाने वाले रास्ते पर करीब 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर है. यहां रोड टूटी हुई थी और इसी का निर्माण ग्रामीण अपने स्तर पर करा रहे थे. इस दौरान हादसा हुआ.
वन भूमि पर ग्रामीण चंदे से बनवा रहे थे सड़क, सीमेंट मिक्सर का पाइप 11 हजार वोल्ट की लाइन से टकराया
झुंझुनूं. जिले के छापोली गांव में सोमवार को बड़ा हादसा हो गया. सड़क निर्माण के दौरान सीमेंट मिक्सर मशीन का लोहे का पाइप ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन से टकरा गया. इससे मशीन में करंट प्रवाहित हो गया और वहां काम कर रहे मजदूर करंट की चपेट में आ गए. हादसे में 8 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 5 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों को उदयपुरवाटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है.
जानकारी के अनुसार छापोली के कुंड के पास सड़क निर्माण का कार्य चल रहा था. बताया जा रहा है कि वन भूमि होने के कारण यहां सड़क निर्माण की अनुमति नहीं थी. इसके बावजूद ग्रामीण आपसी सहयोग और चंदा एकत्रित कर सड़क बनवा रहे थे. इसी दौरान सीमेंट मिक्सर मशीन के ऊपर लगा लोहे का पाइप हाईटेंशन लाइन से टकरा गया. अचानक मशीन में करंट आने से वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए.
झुंझुनूं के उदयपुरवाटी में छापोली में कई मजदूरों की करंट लगने से हुई दर्दनाक मौत बेहद दुखद और मार्मिक है। इस पूरे प्रकरण की जांच आवश्यक है कि सड़क निर्माण के समय हुआ यह हादसा कैसे हुआ और इन मौतों के लिए कौन जिम्मेदार है। इस हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों पर क्या बीत रही होगी ये सोच कर मन व्यथित है। सरकार को मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और हर संभव सहायता उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करना चाहिए। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें और शोकाकुल परिजनों को यह असहनीय दुख सहन करने की शक्ति दें।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) November 2, 2026
हादसे की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग, पुलिस अधीक्षक कवेंद्र सिंह सागर और पूर्व मंत्री राजेंद्र गुड़ा मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और घायलों के उपचार की जानकारी ली. मृतकों की शिनाख्त की प्रक्रिया भी जारी है.
हादसे में जिन लोगों की जान गयी, उनके नाम
मंडावरा निवासी
1. हरिराम पुत्र शंकरलाल गुर्जर, उम्र 30 वर्ष
2. मंगलचंद पुत्र गिरधारीलाल गुर्जर, उम्र 22 वर्ष
3. कालूराम पुत्र भिखाराम गुर्जर, उम्र 29 वर्ष
4. पवन पुत्र जगदीश गुर्जर, उम्र 23 वर्ष
छापोली निवासी
5. सुरेंद्र उर्फ सुरेश पुत्र महावीर सैनी, उम्र 30 वर्ष
6. मुकेश पुत्र शंकर सैनी, उम्र 27 वर्ष
7. फतेहचंद पुत्र जगदीश सैनी, उम्र 32 वर्ष
8. विष्णु पुत्र नाथूराम सैनी, उम्र 38 वर्ष (ठेकेदार)
घायल मजदूरों की सूची
1. गीता पत्नी मदनलाल मेघवाल, उम्र 45 वर्ष, निवासी छापोली
2. संतरा पत्नी सतीश, उम्र 35 वर्ष, निवासी छापोली
3. मंजू पत्नी राजेश मेघवाल, उम्र 38 वर्ष, निवासी छापोली
4. महेंद्र पुत्र बनवारीलाल सैनी, उम्र 27 वर्ष, निवासी छापोली
5. गीगाराम पुत्र धनाराम सैनी, उम्र 48 वर्ष, निवासी छापोली
राजेंद्र सिंह गुढ़ा, पूर्व विधायक, उदयपुरवाटी ने कहा... इन परिवारों के लोगों को एक-एक नौकरी दी जाए, तभी इनके आंसू पोंछे जा सकते हैं. बाकी लोग तो चले जाएंगे, लेकिन इन परिवारों का क्या होगा? यह कोई नेतागिरी करने का मुद्दा नहीं है. यहां पीड़ित परिवारों के साथ न्याय करने और उनके पुनर्वास की बात होनी चाहिए.
यह भी देखना चाहिए कि बिजली की लाइन और मशीन की ऊंचाई लगभग बराबर ही थी. ऐसे में शासन और कलेक्टर को यहां आना चाहिए. कलेक्टर को मौके पर पहुंचकर इन परिवारों को आश्वस्त करना चाहिए और उनके लिए जरूरी व्यवस्था करनी चाहिए. अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो यह किसी तरह की संवेदनशीलता नहीं होगी.