)
Title Sponsor for Indian Home Cricket : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने मुथूट फिनकॉर्प को भारत में होने वाली घरेलू क्रिकेट के लिए नया टाइटल स्पॉन्सर बनाया है. ये साझेदारी मार्च 2028 तक जारी रहेगी. इसके तहत भारत में आयोजित होने वाली सभी अंतरराष्ट्रीय सीरीज और टूर्नामेंट के साथ-साथ बीसीसीआई द्वारा आयोजित सभी घरेलू प्रतियोगिताएं भी शामिल होंगी.
इस साझेदारी के जरिए मुथूट फिनकॉर्प को भारतीय क्रिकेट के प्रशंसक वर्ग से जुड़ने का मौका मिलेगा. कंपनी की देशभर में मजबूत मौजूदगी और भारतीय क्रिकेट की राष्ट्रव्यापी पहुंच के बीच इस करार को खास कनेक्ट के तौर पर देखा जा रहा है. मुथूट फिनकॉर्प का प्रमुख नीला रंग भारतीय क्रिकेट की पुरुष और महिला टीमों के 'मेन इन ब्लू' और 'वुमेन इन ब्लू' की पहचान से भी मेल खाता है. ये साझेदारी भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाली वनडे सीरीज के पहले मुकाबले से शुरू होगी.
Announcement
BCCI announces Muthoot FinCorp Limited as the Title Sponsor for India Home Cricket, with the association running through March 2028.
More Details https://t.co/EQxPI8NR3P— BCCI (@BCCI) September 26, 2026
BCCI अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने कहा कि भारत का घरेलू क्रिकेट सीजन राष्ट्रीय टीमों, घरेलू प्रतियोगिताओं और क्रिकेटरों के सफर के अलग-अलग चरणों को एक मंच पर लाता है. उन्होंने कहा कि मुथूट फिनकॉर्प का टाइटल स्पॉन्सर के रूप में जुड़ना भारतीय क्रिकेट की पहुंच और मजबूती को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि दोनों ब्रांड के बीच एक स्वाभाविक जुड़ाव भी है, क्योंकि मुथूट फिनकॉर्प का नीला रंग भारतीय क्रिकेट की 'मेन इन ब्लू' और 'वुमेन इन ब्लू' पहचान के साथ मेल खाता है. मन्हास ने मुथूट फिनकॉर्प का BCCI परिवार में स्वागत करते हुए आने वाले सीजन में मजबूत साझेदारी की उम्मीद जताई.
BCCI के मानद सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि भारत का घरेलू क्रिकेट सीजन देश के पूरे क्रिकेट ढांचे का प्रतिनिधित्व करता है. इसमें सीनियर राष्ट्रीय टीमों से लेकर इंडिया ए, आयु वर्ग की टीमों और घरेलू प्रतियोगिताओं तक सभी स्तर शामिल हैं. सैकिया ने कहा कि मुथूट फिनकॉर्प का इतने व्यापक क्रिकेट प्लेटफॉर्म के साथ जुड़ना उत्साहजनक है. उन्होंने कहा कि बीसीसीआई मुथूट पप्पाचन ग्रुप के साथ मिलकर काम करने और खिलाड़ियों को अवसर देने के साथ देशभर के प्रशंसकों तक उच्च गुणवत्ता वाली क्रिकेट पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ेगा.
प्रति मैच 4.3 करोड़ रुपये का भुगतान तय हुआ है. ये BCCI की 4.85 करोड़ रुपये की अपेक्षित राशि से थोड़ा कम है. इससे पहले टाइटल स्पॉन्सर रहे IDFC फर्स्ट बैंक ने प्रति मैच 4.2 करोड़ रुपये का पेमेंट किया था.
WPP Media की स्पोर्टिंग नेशन रिपोर्ट के अनुसार, भारत में स्पोर्ट्स स्पॉन्सरशिप पर खर्च 2025 में बढ़कर 7,942 करोड़ रुपये हो गया. ये सालाना आधार पर 7% की ग्रोथ है. इस दौरान स्पॉन्सरशिप बाजार में क्रिकेट की हिस्सेदारी भी बढ़ी है और ये 85% से बढ़कर 89% हो गई है.