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बेतिया से बाढ़ को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है. पश्चिम चंपारण में 1,92,713 (एक लाख बाहत्तर हजार सात सौ तेरह) की बड़ी आबादी बाढ़ से प्रभावित है. पश्चिमी चंपारण के डीएम तरनजोत सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी है. बेतिया डीएम ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से पानी तेजी से निकल रहा है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में जिला प्रशासन युद्ध स्तर पर काम कर रहा है.
सभी क्षतिग्रस्त तटबंधों और सड़कों की मरम्मत कर दी जाएगी
तरनजोत सिंह ने बताया कि जिले में आई प्रलयंकारी बाढ़ से चार जगहों पर चंपारण तटबंध टूट गया था. योगापट्टी, बैरिया और नौतन में कई जगहों पर सड़कें टूट गई थी, जिनका मरम्मत कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है. 24 से 48 घंटे में सभी क्षतिग्रस्त तटबंधों और सड़कों की मरम्मत कर दी जाएगी.
37 मेडिकल कैंप और 7 पशु चिकित्सा शिविर चलाए जा रहे
उन्होंने बताया कि बेतिया में बाढ़ के समय 68 कम्युनिटी किचन चल रही थी, जो अब घटकर 37 हो गई हैं. बाढ़ पीड़ितों के बीच 31,769 सूखे राशन पैकेट का अभी तक वितरण हुआ है. 19,310 प्लास्टिक शीट बांटी गई हैं. 1,68,530 (एक लाख अड़सठ हजार पांच सौ तीस) बाढ़ पीड़ितों को सामुदायिक रसोई के माध्यम से खाना खिलाया गया है. 37 मेडिकल कैंप और 7 पशु चिकित्सा शिविर चलाए जा रहे हैं.
चंद्रावत नदी से भी तेजी से पानी निकल रहा
पश्चिमी चंपारण जिले में बाढ़ से राहत की खबर यह है कि बाढ़ का पानी जिले से तेजी से निकल रहा है. योगापट्टी, बैरिया और नौतन प्रखंड बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र हैं, जहां 9 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं. उन इलाकों से बाढ़ का पानी निकल रहा है. चंद्रावत नदी से भी तेजी से पानी निकल रहा है.
जल संसाधन विभाग युद्ध स्तर पर कार्य कर रहा
डीएम तरनजोत सिंह ने बताया कि चंपारण तटबंध, जो चार जगहों पर ध्वस्त हुआ था. वहां जल संसाधन विभाग युद्ध स्तर पर कार्य कर रहा है. 24 से 48 घंटे में सभी तटबंधों पर कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा और आवागमन बहाल हो जाएगा. जितनी सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उन सभी सड़कों पर ग्रामीण कार्य विभाग (RWD) युद्ध स्तर पर कार्य कर रहा है, जिसे 48 घंटे के अंदर पूर्ण कर लिया जाएगा.
रिपोर्ट : धनंजय द्विवेदी