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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत आने वाले हैं. जानकारी के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 12 सितंबर को भारत आ रहे हैं. वे नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) में शामिल होंगे. बता दें कि भारत और रूस के संबंध ऐतिहासिक, रणनीतिक और गहरे आपसी भरोसे पर आधारित रहे हैं. भारत को जब भी जरूरत पड़ी तो रूस ने बढ़-चढ़कर साथ दिया. यही वजह है कि दोनों देशों के बीच रक्षा, उर्जा और परमाणु समझौता हो रखा है. बिहार के साथ भी रूस का नाता बहुत गहरा और ऐतिहासिक रहा है. बरौनी रिफाइनरी की स्थापना से लेकर बिहटा एयरपोर्ट के विकास तक, रूस ने बिहार के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है.
बरौनी रिफाइनरी की स्थापना में सहयोग
बेगूसराय जिले में स्थित बरौनी रिफाइनरी की स्थापना वर्ष 1964 में हुई थी. उस वक्त इसके निर्माण में 49.40 करोड़ रुपये का खर्च आया था. इसके निर्माण सोवियत संघ (रूस) और रोमानिया की बड़ी अहम भूमिका रही थी. 1 मिलियन मीट्रिक टन की क्षमता के साथ शुरू हुई इस रिफाइनरी की क्षमता आज 60 मिलियन मीट्रिक टन तक पंहुच गई है. अब इसे 90 लाख मिलियन मीट्रिक टन तक करने पर काम चल रहा है. इसके साथ ही कंपनी लगभग
16,000 करोड़ रुपये की लागत से एक पेट्रोरसायन संयंत्र भी स्थापित करेगी. बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के प्रयासों से सोवियत संघ की तकनीकी और वित्तीय मदद से सहायता से बरौनी रिफाइनरी की स्थापना की गई थी. तब सैकड़ों रूसी इंजीनियर और वैज्ञानिक बरौनी में वर्षों तक रहे, जिनके लिए आवासीय कॉलोनियां बनीं और जिन्हें रूसी कैंप कहा जाता था.
रूसी कंपनी कर रही बिहटा एयरपोर्ट का विकास
राजधानी पटना के बिहटा में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा का निर्माण भी रूस की एक कंपनी कर रही है. इस एयरपोर्ट के निर्माण 459.99 करोड रुपये खर्च किए जाएंगे. साथ ही 21.99 करोड़ रुपये इसके रख-रखाव पर खर्च किए जाएंगे. इस तरह से इसकी अनुमानित लागत 481.98 करोड़ रुपये है. इस अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई 3700 मीटर तक बढ़ाने की योजना है. अभी बड़े विमान का संचालन नहीं होता है, क्योंकि रनवे छोटा है. इसके अलावा यहां 10 विमान की पार्किंग हो सकेगी. एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग में एक समय में 3000 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी. अगले साल यानी 2027 तक इस परियोजना के पूरा होने की उम्मीद है.
रूसी सैनिक पहनते हैं हाजीपुर का जूता
वहीं, रूसी सैनिक अब हाजीपुर में बना जूता पहनते हैं. यहां स्थित कॉम्पीटेंस एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड रूसी सेना के लिए जूते बनाती है. इन जूतों की खासियत यह है कि माइनस 40 डिग्री सेल्सियस की सर्दी झेल सकते हैं. हड्डियां तक जमा देने वाली ठंड में रूसी सैनिक इन जूतों को पहनकर उनके पैरों की बखूबी हिफाजत करते हैं. कंपनी के महाप्रबंधक शिव कुमार रॉय कहते हैं कि रूसी सैनिकों को हल्के, फिसलन-रोधी जूते चाहिए होते हैं, जो -40 डिग्री सेल्सियस जैसी चरम मौसम स्थितियों का सामना करने में सक्षम हों. उस स्थिति को देखते हुए हम जूते बनाते हैं.
अब बिहार के साथ रोटी-बेटी का रिश्ता
डो-रशिया रिलेशंस नए दौर में प्रवेश कर चुकी है. रूस में मेडिकल की पढ़ाई काफी सस्ती होने की वजह से हर साल बिहार के सैकड़ों युवा रूस जाते हैं. इसके अलावा नौकरी-पेशा के लिए भी बिहारी युवा रूस चले जाते हैं. वहां पढ़ाई और काम करते वक्त शादी रचाकर परिवार भी बसा रहे हैं. इस संबंध में कोई आधिकारिक आंकड़ा तो नहीं है, लेकिन अक्सर ऐसी खबरें सामने आती रहती हैं. पिछले साल ही बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले डॉक्टर अनुभव शाश्वत ने रूसी आर्किटेक्ट छात्रा अनाथासिया से विवाह रचाया था. रूसी विश्वविद्यालय में एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान दोनों की मुलाकात हुई थी. अनाथासिया ने भारत आकर पूरी सनातन परंपरा के अनुसार कटिहार के दुर्गा मंदिर में अनुभव शाश्वत से विवाह किया था. रूस के व्लादि वोस्तोक की रहने वाली तान्या कोजानोवा आज बिहार की बहु हैं. वे पिछले 13 सालों से बिहार की राजधानी पटना में रह रही हैं. तान्या कहती हैं कि हम बिहार में वैसे ही रह रहे हैं जैसे हम रूस में रहते थे.
रूसी पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व बढ़ोतरी
पर्यटन के क्षेत्र में भी बिहार की तस्वीर बदल रही है. देश-विदेश से पर्यटक बिहार के टूरिस्ट डेस्टिनेशंस आने में रुचि दिखा रहे हैं. बिहार सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा देशवार पर्यटकों की सूची जारी नहीं की जाती है, लेकिन विदेशी पर्यटकों की संख्या में साल-दर-साल काफी बढ़ोतरी हो रही है. पहले विदेशी सैलानियों की पहली पसंद बोधगया होती थी, लेकिन अब राजगीर हो गई है. साल 2025 की पहली छमाही यानी जून तक विदेशी पर्यटकों की संख्या 30 लाख से अधिक रही. सबसे अधिक 70 हजार 499 विदेशी पर्यटक राजगीर पहुंचे. हर बार पहले स्थान पर रहने वाला बोधगया 58 हजार 959 विदेशी पर्यटकों के साथ दूसरे जबकि नालंदा 55 हजार 113 विदेशी पर्यटकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा.