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सीतामढ़ी CWC पर सरकार का बड़ा एक्शन: नेपाली पीड़िता से खिलवाड़ करने के आरोप में अध्यक्ष समेत पूरी समिति बर्खास्त

Sitamarhi News: सीतामढ़ी में नेपाल की नाबालिग पीड़िता को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रेड लाइट एरिया की महिला को सौंपने के मामले में सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. बाल कल्याण समिति (CWC) के अध्यक्ष समेत सभी सदस्यों को पदमुक्त कर उनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई है.

सीतामढ़ी CWC पर सरकार का बड़ा एक्शन: नेपाली पीड़िता से खिलवाड़ करने के आरोप में अध्यक्ष समेत पूरी समिति बर्खास्त
Image Credit: सीतामढ़ी CWC पर सरकार का बड़ा एक्शन (zee media)

Sitamarhi News: सीतामढ़ी से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां जी मीडिया की खबर का एक बार फिर बड़ा असर देखने को मिला है. समाज कल्याण विभाग के अधीन बाल कल्याण समिति (CWC) की गंभीर करतूत उजागर होने के बाद सरकार ने बड़ा और कड़ा फैसला लिया है. सीतामढ़ी में गठित बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष समेत सभी सदस्यों की सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है. दरअसल, नगर थाना क्षेत्र के रेड लाइट एरिया से मुक्त कराई गई नेपाल की एक नाबालिग पीड़िता को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दोबारा उसी दलदल में धकेल दिया गया था. समिति ने बच्ची को एक वेश्यालय संचालिका को ही सौंप दिया था. जी मीडिया ने इस पूरे मामले को तथ्यों के साथ प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद समाज कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता के निर्देश पर यह बड़ी कार्रवाई की गई है.

यह पूरा मामला रेड लाइट एरिया से जुड़ा है
यह पूरा मामला सीतामढ़ी के नगर थाना क्षेत्र के रेड लाइट एरिया से जुड़ा है, जहां देह व्यापार के दलदल से एक नाबालिग लड़की को मुक्त कराया गया था. नियमानुसार, बच्ची के संरक्षण और सुरक्षित भविष्य के लिए उसे बाल कल्याण समिति, सीतामढ़ी की देखरेख में भेजा गया था. लेकिन संरक्षण की जिम्मेदारी संभालने वाली समिति पर ही बच्ची को दोबारा उसी दलदल में धकेलने का आरोप लगा. नेपाल की इस नाबालिग पीड़िता को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर रेड लाइट एरिया की एक महिला को सौंप दिया गया, जिसे वेश्यालय संचालिका बताया जा रहा है.

जांच में खुली CWC की पोल
जी मीडिया ने जब इस सनसनीखेज मामले का तथ्यों के साथ खुलासा किया, तो सरकार से लेकर जिला प्रशासन तक में हलचल मच गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए समाज कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता ने तत्काल जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया. जांच कमेटी की रिपोर्ट में समिति की गंभीर अनियमितताएं और लापरवाही उजागर हुईं. इसके बाद तत्कालीन डीएम रिची पांडे ने पत्रांक 1322, दिनांक 13 जुलाई 2026 के माध्यम से बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष और सभी सदस्यों की नियुक्ति रद्द करने तथा उनके खिलाफ कार्रवाई करने की बात विभाग को भेजी थी.

सरकार का बड़ा कदम
जांच के अधार पर विभाग ने मामले की समीक्षा की. इसके बाद सीतामढ़ी बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष और सभी सदस्यों को बर्खास्त करते हुए उनकी सदस्यता पूरी तरह समाप्त कर दी गई है. इस कार्रवाई से नाबालिग पीड़िता के साथा हुई लापरवाही के मामले में सरकार का बड़ा कदम देखने को मिला है.

रिपोर्ट: त्रिपुरारी शरण
 

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About the Author

Rupak Kumar

Rupak Kumar

रुपक कुमार मिश्रा zee bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-editor के तौर पर कार्यरत है. वे राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और रुटीन खबरों पर काम करते हैं. इसके अलावा, टेक्नोसिस मीडिया में इन्हें एक साल काम करने का अनुभव है. शिक्षा की बात करें तो राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी से इन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है.
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