बिहार के किसानों के लिए आई दशहरा से पहले दीवाली: खातों में आए 112.52 करोड़ रुपए, 22 अक्टूबर से चलेगा स्पेशल कैंपेन
बिहार के बाढ़ पीड़ित किसानों के लिए दशहरा से पहले ही दीवाली आ गई. सम्राट सरकार ने पीड़ित किसानों के खाते में सीधे खाते में 112 करोड़ ट्रांसफर किए. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को बाकी पात्र किसानों तक सहायता पहुंचाने के लिए 22 अक्टूबर से विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया.
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 14 अक्टूबर, 2026 दिन बुधवार को बाढ़ से फसल क्षति झेलने वाले 2,48,704 किसानों के बैंक खातों में कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत 112.52 करोड़ रुपए की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से ट्रांसफर की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दशहरा के बाद 22 अक्टूबर से विशेष अभियान चलाकर बाढ़ प्रभावित सभी पात्र किसानों को अनुदान का लाभ सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी किसान सहायता से वंचित न रहे.
2,48,704 प्रभावित किसानों के खातों में बुधवार को राशि भेजी की गई
मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद कक्ष में कृषि विभाग की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि किसानों को संकट के समय सहायता पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है. प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को समय पर आर्थिक राहत उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है, ताकि वे खेती-किसानी के कार्यों को आगे बढ़ा सकें. उन्होंने बताया कि कृषि इनपुट अनुदान के लिए कुल 4,57,616 किसानों ने आवेदन किया है. इनमें से 2,48,704 प्रभावित किसानों के खातों में बुधवार को राशि ट्रांसफर की गई.
सीएम ने दिया विशेष अभियान चलाने का निर्देश
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बाकी पात्र किसानों तक सहायता पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत असिंचित फसल क्षेत्र के लिए 8,500 रुपए प्रति हेक्टेयर, सिंचित क्षेत्र के लिए 17,000 रुपए प्रति हेक्टेयर और शाश्वत या बहुवर्षीय फसलों के लिए 22,500 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता दी जाती है. इस राशि से किसानों को फसल क्षति के बाद खेती के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने में मदद मिलेगी.
सीएम सम्राट चौधरी ने पीएम मोदी और नीतीश कुमार की तारीफ की
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार किसानों के हितों को लेकर लगातार काम करते रहे हैं. कृषि विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य संबंधित विभागों ने बाढ़ के दौरान समन्वय बनाकर प्रभावित लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए काम किया है. राज्य सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है.
बाढ़ से टूटे बिहार के किसानों के लिए राहत
बता दें कि अगस्त 2026 के अंतिम सप्ताह में अतिवृष्टि और विभिन्न नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण बिहार के कई क्षेत्रों में बाढ़ आई थी, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा था. कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव और आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. संबंधित जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े.
इनपुट: आईएएनएस