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जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर समस्तीपुर पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी द्वारा आयोजित कार्यक्रम शिक्षा संवाद सह शिक्षक समागम में शामिल हुए और शिक्षकों को संबोधित किया. उन्होंने कहा है कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर बिहार में हो रहे चुनाव में जन सुराज के उम्मीदवार जीत कर आते हैं, तो बिहार के शिक्षकों को सातवां वेतनमान दिलाना जन सुराज की जिम्मेदारी होगी. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव से पूर्व शिक्षकों को सातवां वेतनमान दिलाना उनकी जिम्मेवारी है. लेकिन इसके लिए शिक्षकों को संगठित होना होगा, अपने अधिकार के लिए आवाज बुलंद कर जाति-धर्म और पैसे के लिए एनडीए अथवा महागठबंधन को वोट करने से बचना होगा. जब तक वह जाति धर्म और लालू -मोदी के नाम पर वोट करते रहेंगे, सरकार उन्हें ठगती रहेगी.
एमएलसी क्षेत्र में भी शुरू की जाएगी ये योजना
उन्होंने कहा कि वित्त रहित शिक्षकों के समस्याओं का समाधान पिछले तीन दशक से नहीं हुआ है, उन शिक्षकों की समस्याओं का समाधान भी वह निकालने का प्रयास करेंगे. दरभंगा निर्वाचन क्षेत्र समेत बिहार के किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में स्नातक क्षेत्र से जनसुरज के उम्मीदवार जीतते हैं, तो बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में जैसे उन्होंने 10000 युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए जो योजना शुरू की है, वैसी ही योजना अन्य एमएलसी क्षेत्र में भी शुरू की जाएगी.
चुनाव आयोग की भूमिका संदेह के घेरे में
मीडिया से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने एक सवाल के जवाब में कहा कि अभी विपक्षी पार्टी द्वारा एसआईआर और वोट चोरी को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफा की मांग की जा रही है. उनकी मांग जायज है, विपक्षियों का यह आंदोलन बहुत पहले शुरू होना चाहिए था. चुनाव आयोग की भूमिका संदेह के घेरे में हैं.
उन्होंने कहा कि पिछले 8-10 सालों में चुनावी प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा वर्ग सवाल कर रहा है. उन्होंने कहा है कि मन मुताबिक चुनाव में ऑब्जर्वर भेजे जा रहे हैं, जो सत्तारूढ दलों को मदद पहुंचा रहा है. उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को तो हटाना ही चाहिए. उन्होंने कहा कि राजीव कुमार इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त थे. वह जैसे ही रिटायर्ड हुए, देश के सबसे बड़े प्राइवेट 10000 करोड़ वाले बैंक एचडीएफसी के अध्यक्ष बना दिया गए. ऐसी स्थिति में लोगों को तो शक होगा ही.
बिहार में जन सुराज चुनाव आयोग की भुक्तभोगी
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यशैली में व्यापक सुधार होना चाहिए, जन सुराज इसके पक्ष में है. बिहार में जन सुराज चुनाव आयोग की भुक्तभोगी है. विधानसभा चुनाव से चुनाव से ठीक पहले 10-10 हजार रुपए देकर करीब डेढ़ करोड़ वोट खरीदे गए. लेकिन चुनाव आयोग मुक दर्शक बनी रही. उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयोग में व्यापक सुधार नहीं होता है, तो सभी विपक्षी पार्टियों को चुनाव का बहिष्कार करना चाहिए. ऐसे चुनाव में भाग लेने की कोई जरूरत नहीं, जहां चुनाव की प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं है.
रिपोर्ट: मंटून कुमार राय