जब आपदा की घड़ी हो, जनता परेशान हो, तब ऐसे में अगर सरकार जनता के साथ खड़ी दिखे तो जनता को लोकतंत्र में रहने का अहसास और भरोसा होता है. सरकार का जनता के साथ खड़े होने का अहसास स्थानीय अधिकारी ही करवाते हैं. मोतिहारी से आई यह तस्वीर न सिर्फ बाढ़ पीड़ितों को सुकून दे रही है, बल्कि बाढ़ प्रभावित इलाकों के डीएम को भी ऐसा ही कुछ करने की प्रेरणा दे रही है.

प्रशासन की ओर से कई सामुदायिक किचन चलाए जा रहे
दरअसल, मोतिहारी में आई बाढ़ की त्रासदी के बीच एक राहत देने वाली तस्वीर भी सामने आई है. यहां डीएम और एसपी खुद अपने हाथों से बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच खाना परोस रहे हैं, तो डीडीसी प्रदीप कुमार सलाद परोस रहे हैं. मोतिहारी के संग्रामपुर, अरेराज, पहाड़पुर और केसरिया प्रखंड की पंद्रह पंचायतें बाढ़ प्रभावित हैं, जहां पर लोगों के खाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से कई सामुदायिक किचन चलाए जा रहे हैं.

डीएम और एसपी ने खुद बाढ़ पीड़ितों को परोसा खाना
सामुदायिक किचन की खास बात यह है कि बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ सामुदायिक किचन में खुद डीएम और एसपी खाना खाकर खाना की गुणवत्ता जांच रहे हैं. इतना ही नहीं, इस आपदा की घड़ी में मोतिहारी के डीएम सुमन सौरभ यादव और एसपी स्वर्ण प्रभात सामुदायिक किचन में खुद अपने हाथों से बाढ़ प्रभावित लोगों को खाना भी परोसकर खुद को उनके बीच और हर कदम बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ होने का अहसास भी करवा रहे हैं. डीएम सुमन सौरभ यादव ने जिला प्रशासन के तमाम आला अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में जिम्मेदारी दे रखी है.

मोतिहारी में स्टेट हाईवे 74 पर आवागमन बंद
बता दें कि नेपाल में हुई लगातार बारिश और वाल्मीकि नगर गंडक बैराज से छोड़े गए पानी के कारण मोतिहारी में संग्रामपुर और अरेराज प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. स्टेट हाईवे 74 पर आवागमन बंद हो गया है.
रिपोर्ट: पंकज कुमार