कैमूर में 51 मुंडों वाली मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा बना आकर्षण का केंद्र, राम मंदिर के तर्ज पर बने भव्य पंडाल
कैमूर में शारदीय नवरात्र के अवसर पर दुर्गा पूजा की धूम मची हुई है. वीर नवचंडिका दल दुर्गा पूजा समिति की ओर से मां दुर्गा की 51 मुंडों वाली सुनहरे रंग प्रतिमा स्थापित की गई है. शंख पर विराजमान मां दुर्गा की यह प्रतिमा 51 शक्तिपीठों का प्रतीक है.
Durga Puja 2026: आज शारदीय नवरात्र का नौवा दिन है. चारो ओर मां दुर्गा पूजा की धुम मची हुई है. वहीं, बिहार के कैमूर जिले में एक से बढ़कर एक भव्य पूजा पंडाल और आकर्षक प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं. कहीं अयोध्या के राम मंदिर के तर्ज पर विशाल पंडाल सजाए गए हैं, तो कहीं रंग-बिरंगी रोशनी और भव्य सजावत श्रद्धालुओं का मन मोह रही है. इसी कड़ी में वीर नवचंडिका दल दुर्गा पूजा समिती की ओर से स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा का आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है.
51 मुंडों वाली मां दुर्गा की प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र
इस दुर्गा पूजा पंडाल में मां दुर्गा की सुनहरे रंग की 51 मुंडों वाली अद्भुत प्रतिमा स्थापित की गई है. शंख पर विराजमान मां दुर्गा का स्वरूप और नीचे गर्जना करते सिंहों का दृश्य प्रतिमा की भव्यता को और बढ़ा रहा है. प्रतिमा को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. इसकी अनूठी बनावट और धार्मिक महत्ता लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है.
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65-66 वर्षों से चली आ रही पूजा की परंपरा
वीर नवचंडिका दल दुर्गा पूजा समिति की ओर से पिछले लगभग 65-66 वर्षों से लगातार श्रद्धा और परंपरा के साथ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जा रही है. इस वर्ष समिति ने विशेष रूप से 51 मुंडों वाली प्रतिमा स्थापित की है. यह प्रतिमा भारतवर्ष के 51 शक्तिपीठों का प्रतीक है. समिति के सदस्यों का कहना है कि इसके माध्यम से हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति की धार्मिक परंपराओं को दर्शाने का प्रयास किया गया है.
धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का भी संदेश
समिति के एक सदस्य ने बताया कि यहां पिछले 65 से 66 वर्षों से लगातार मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जा रही है. समिति में विभिन्न जातियों और वर्गों के लोग एक साथ मिलकर पूजा का आयोजन करते हैं. इसका उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता बढ़ावा देना है. पूजा समिति की ओर से लोगों से महानवमी और दशहरा का पर्व धूमधाम और शांतिपूर्ण तरीके से मनाने की अपील की गई है.इस आयोजन की खास बात यह है कि श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर 51 शक्तिपीठों के प्रतीकात्मक दर्शन का अवसर मिल रहा है. इसके साथ ही पूजा समिति युवाओं को सूखे नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर रही है और उन्हें नशे से दूर रहकर सशक्त बनने का संदेश भी दे रही है.
रिपोर्ट: नरेंद्र जायसवाल