Patna News: सनातन धर्म में नवरात्र का विशेष धार्मिक महत्व है. नवरात्र में शक्ति की देवी मां दुर्गा की उपासना की जाती है. आज 18 अक्टूबर को शारदीय नवरात्र का आठवां दिन है. नवरात्र में इस दिन का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन मां महागौरी के रूप में होती है. आईए बात करते है पटना सिटी स्थित बड़ी पटन देवी की. नवरात्र के दौरान यहां दूर-दूर से लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. ऐसा मान्यता है कि इस स्थान पर माता सती की दायीं जांघ गिरी थी, जिसके कारण इसे 51 शक्तिपीठों में एक माना जाता है.
पौराणिक कथा के अनुसार, राजा दक्ष प्रजापति ने एक यज्ञ का आयोजन किया था, जिसमें उन्होंने भगवान शिव का अपमान किया. इससे क्रोध में आकर माता सती ने यज्ञ की अग्नि में अपने प्राण त्याग दिए. पत्नी की मृत्यु से दुखी भगवान शिव उनके पार्थिव शरीर को लेकर तांडव करने लगे. मान्यता है कि सृष्टि को इस संकट से बचाने के लिए भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर को खंडित कर दिया. उनके शरीर के अंग अलग-अलग स्थानों पर गिरे, जिन्हें शक्तिपीठ के रूप में मान्यता मिली. बड़ी पटन देवी मंदिर में मां भगवती के तीन स्वरूपों महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की पूजा की जाती है, इसलिए नवरात्र के दौरान यहां श्रद्धालुओं की विशेष आस्था देखने को मिलती है.
नवरात्र के आठवें दिन सुबह से ही बड़ी पटन देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. माता के दर्शन के लिए भक्त तीन से चार घंटे तक कतार में खड़े रह रहे हैं. दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु पूरे भक्तिभाव के साथ मां की पूजा-अर्चना कर रहे हैं. दर्शन करने आए भक्तों का कहना है कि वे माता से जो भी मन्नत मांगते हैं, मां उसे पूरा करती हैं. नवरात्र के अवसर पर मंदिर में भक्तिमय माहौल बना हुआ है और जयकारों से पूरा परिसर गूंज रहा है.
वहीं, बड़ी पटन देवी मंदिर के साथ-साथ राजधानी पटना में अलग-अलग थीम पर आधारित पूजा पंडाल भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. शहर के हरपंडाल में अनोखी कलाकारी और खास सजावट देखने को मिल रही है. बोरिंग रोड में मिर्जापुर वेब सीरीज की थीम पर आधारित पूजा पंडाल बनाया गया है. इस पंडाल में वेब सीरीज के सभी कलाकारों के कटआउट लगाए गए हैं, जिन्हें देखने के लिए लोग पहुंच रहे हैं. भक्ति और मनोरंजन के अनूठे संगम वाला यह पंडाल लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है.
पटना में एक ओर जहां मिर्जापुर की थीम पर पंडाल बनाया गया है, वहीं दूसरी ओर राजा बाजार स्थित खाजपुरा शिव मंदिर के पास कैलाश पर्वत की भव्य आकृति तैयार की गई है. यहां हर साल अलग-अलग थीम पर पंडाल का निर्माण कराया जाता है. इस बार करीब 20 लाख रुपये की लागत से कैलाश पर्वत का निर्माण किया गया है. इसकी खूबसूरती और आकर्षक सजावट लोगों को खूब पसंद आ रही है. पंडाल को देखने के लिए पटना और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं.
खाजपुरा शिव मंदिर के पास बने इस पंडाल को लेकर स्थानीय लोगों में हर साल खास उत्साह देखने को मिलता है. शाम ढलते ही रंग-बिरंगी रोशनी से पूरा इलाका जगमगा उठता है और पंडाल की खूबसूरती देखते ही बनती है. कैलाश पर्वत के ऊपर भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं. इसके साथ ही भगवान शिव के भक्तों, भूत-पिशाच और विभिन्न जीव-जंतुओं को भी पर्वत पर स्थान दिया गया है. अनोखी कलाकारी और भव्य सजावट के कारण यह पंडाल श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.
राजधानी पटना में हर पूजा पंडाल के जरिए एक अलग संदेश दिया जा रहा है. बोरिंग रोड में बना पूजा पंडाल फरक्का बराज पर आधारित है, जिसके माध्यम से बिहार को हो रहे नुकसान और आपदाओं के मुद्दे को उठाया गया है. भक्ति के साथ सामाजिक संदेश देने वाला यह पंडाल राज्य के लिए खास है. इसके जरिए केंद्र और राज्य सरकार से फरक्का जलसंधि को रद्द करने की गुहार लगाई गई है, ताकि बिहार को आपदाओं से राहत मिल सके.
बड़ी और छोटी पटन देवी के दरबार में दिखती है गंगा-जमुनी तहजीब
देश के 51 शक्तिपीठों में शामिल पटना की नगर रक्षिका बड़ी पटन देवी और पूर्व में स्थित छोटी पटन देवी की पूजा आदिकाल से होती आ रही है. दुर्गा पूजा और अन्य दिनों में भक्त मां के दरबार में श्रद्धा और भक्ति के साथ आराधना करते हैं. यहां धर्म और जाति से ऊपर उठकर आस्था का सुंदर दृश्य देखने को मिलता है. नवरात्र के नौ दिनों तक मुस्लिम परिवार के लोग मां के दरबार में शहनाई और ढोलक बजाकर अपनी सेवा देते हैं. शहनाई और ढोलक बजाने वाले लोगों का कहना है कि वे पिछले 20 वर्षों से मां के दरबार में वादन कर रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई. उनका मानना है कि मां भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं.
बेतिया में ऑपरेशन सिंदूर थीम पर बना भव्य पंडाल
बेतिया के कालीबाग में भक्ति के माहौल के बीच देशभक्ति का संदेश देता एक आकर्षक पंडाल बनाया गया है. ऑपरेशन सिंदूर की थीम पर बने इस भव्य पंडाल को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. पंडाल में आसमान में उड़ान भरता राफेल, हाथ में तिरंगा लिए भारत माता और सीमा पर तैनात भारतीय सेना के जवानों की तस्वीरें बनाई गई हैं. पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए देशवासियों और जिन माताओं-बहनों का सुहाग उजड़ गया था, उनकी याद में कालीबाग के नवयुवकों ने इस पंडाल का निर्माण कराया है. पंडाल में थल सेना और वायु सेना की तस्वीरों के जरिए देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के शौर्य को दर्शाया गया है. वहीं, मां दुर्गा का स्वरूप भी बेहद भव्य और अलौकिक है. मां दुर्गा महिषासुर का वध करती दिखाई दे रही हैं, जबकि मां काली रक्तबीज का संहार कर रही हैं. इस पंडाल में श्रद्धालु एक साथ मां दुर्गा की भक्ति और देशभक्ति में डूबे नजर आ रहे हैं. नवयुवक संघ पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले में देश की माताओं-बहनों का सुहाग उजड़ गया था. इसके बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की, जिसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया. समिति के युवकों ने कहा कि पंडाल के माध्यम से श्रद्धालुओं को मां दुर्गा की आराधना के साथ देशभक्ति का संदेश देने का प्रयास किया गया है.

रिपोर्ट: जी मीडिया