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पटना में निर्दलीय MLC राहुल राज की बीजेपी में वापसी को लेकर सियासी विवाद शुरू हो गया है. राहुल राज को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद MLC चुनाव में जीत दर्ज करते ही बीजेपी में शामिल कराए जाने पर जेडीयू ने सवाल उठाए हैं. जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए पूछा कि आखिर बीजेपी ने जिस नेता को छह साल के लिए निष्कासित किया था, उसे इतनी जल्दी पार्टी में वापस किस परिस्थिति में शामिल किया गया?
JDU के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि राहुल राज को पहले 6 साल के लिए पार्टी से निकाला गया था और अब चुनाव जीतने के तुरंत बाद ही उन्हें वापस ले लिया गया. कुशवाहा ने पूछा कि किस परिस्थिति में BJP ने ऐसे व्यक्ति को वापस लेने का फैसला किया. उन्होंने आगे कहा कि BJP और उसके शीर्ष नेतृत्व को इस मामले पर विचार करना चाहिए.
जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान के बाद बिहार की सियासत में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है. RJD के पूर्व विधायक और मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने जेडीयू के पुराने तेवर और आज की लाचारी की तुलना करते हुए कहा है कि जो पार्टी कभी अपनी शर्तों पर काम करती थी, आज उसकी हालत बेहद दयनीय हो गई है. एक समय था जब जेडीयू बात-बात पर बीजेपी को आंखें दिखाती थी, आरजेडी की बैसाखी का सहारा लेती थी और पाला बदलने का डर दिखाकर राजनीति करती थी, लेकिन आज वही जेडीयू गिड़गिड़ाने पर मजबूर हो गई है.
शक्ति यादव ने कहा कि जेडीयू अब वास्तव में कोई पार्टी रह भी गई है? उन्होंने कहा कि महज 15 दिन पहले जिस प्रत्याशी को बाहर का रास्ता दिखाया गया था, जब बीजेपी ने उन्हें अपना लिया, तो इससे जेडीयू नेताओं को भारी पीड़ा और दर्द हो रहा है. भारतीय जनता पार्टी अब जेडीयू की कृपा पर निर्भर नहीं है, बल्कि सच्चाई यह है कि जेडीयू का अपना वजूद ही अब पूरी तरह से बीजेपी के रहमोकरम पर टिका हुआ है.
उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी यह जान चुकी है कि जेडीयू का कोई अस्तित्व नहीं बचा है और वह तकनीकी तौर पर केवल विधायकों का एक समूह मात्र रह गई है. उमेश कुशवाहा या जेडीयू के अन्य नेता अब चाहे जितना भी बीजेपी के पैरों में गिरकर गिड़गिड़ा लें, इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला. उन्होंने दावा किया है कि इस बार बीजेपी, जेडीयू को बख्शने के मूड में बिल्कुल नहीं है और वह इस पार्टी को पूरी तरह से छिन्न-भिन्न करके रख देगी.
कांग्रेस की पूर्व विधायक प्रतिमा कुमारी ने कहा कि यह पहली बार नहीं है, यह दूसरी बार है. जेडीयू के नेताओं को समय रहते चेत जाना चाहिए, नहीं तो वो दिन दूर नहीं जब जेडीयू का विलय भारतीय जनता पार्टी के अंदर हो जाएगा. क्योंकि 2020 फिर से नीतीश, माननीय नीतीश कुमार जी के नाम पर बिहार की जनता ने एनडीए को समर्थन दिया था. समर्थन के बाद, सरकार बनने के बाद जिस जनादेश का अपमान करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें पद से हटाकर अपनी सरकार बनाई और सरकार बनाने के बाद जिस तरीके से बिहार में भ्रष्टाचार, अपराध बढ़ा हुआ है, उससे बिहार की जनता त्रस्त है. इसका सारा श्रेय जेडीयू को जाता है. जेडीयू समय रहते चेत जाए, वरना उसका पार्टी को बीजेपी नेस्तनाबूद करके छोड़ेगी.
JDU के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के आरोप और विपक्ष के बयानबाजी पर बिहार सरकार में बीजेपी कोटे से मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा कि राहुल राज को बीजेपी में शामिल करने का फैसला पांचों दलों की सहमति और सहयोग से लिया गया है. केंद्र और बिहार, दोनों जगह गठबंधन के सहयोगी दल उनके साथ हैं. मंत्री ने कहा कि अगर हम लोग उन्हें सहयोग नहीं करते, तो आज वे बीजेपी में नहीं होते और आरजेडी में शामिल हो जाते. उन्होंने कहा कि आरजेडी में जाने से बेहतर था कि राहुल राज को अपने साथ शामिल कर लिया जाए.
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