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देहरादून: चारधाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर है. बदरीनाथ हेलीकॉप्टर हादसे के बाद DGCA के सख्त फैसले से चारधाम की चार्टर्ड हेली सेवाएं बंद हो गई हैं. दरअसल, 30 अक्टूबर को बदरीनाथ से देहरादून लौट रहा हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया था, जिसमें पायलट समेत 6 लोगों की मौत हो गई थी. हादसे के बाद DGCA ने चारधाम रूट पर चलने वाले हर चार्टर्ड हेलीकॉप्टर में दो पायलट अनिवार्य कर दिए.
DGCA के इस फैसले पर हेली ऑपरेटर्स भड़क गए हैं. कंपनियों का कहना है कि एक की जगह दो पायलट रखने से किराया और ऑपरेशन कॉस्ट दोगुना हो जाएगा. क्रू के रहने-खाने और ड्यूटी का अलग खर्च आएगा. इस नियम को अव्यावहारिक बताते हुए कंपनियों ने UCADA और DGCA को विरोध पत्र भेजा है.
विरोध में कंपनियों ने चारधाम की सभी चार्टर्ड सेवाएं बंद कर दी हैं और इस सीजन की बाकी सारी बुकिंग रद्द कर दी है. यात्रियों को रिफंड दिया जा रहा है.
राहत की बात यह है कि इस गतिरोध का असर केदारनाथ धाम की आम यात्रा पर नहीं पड़ेगा. हेली कंपनियों और उड्डयन विभाग ने स्पष्ट किया है कि गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी से केदारनाथ धाम के लिए चलाई जाने वाली नियमित 'केदारनाथ शटल सेवाएं' पहले की तरह ही सुचारू रूप से जारी रहेंगी.
फिलहाल हादसे की जांच AAIB और DGCA की टीम कर रही है. ब्लैक बॉक्स और मलबे से सबूत जुटाए जा रहे हैं. UCADA ने हादसे के बाद ट्रांस भारत एविएशन के पूरे बेड़े की उड़ान पर रोक लगा दी है. फिलहाल उड्डयन विभाग और हेली कंपनियों के बीच गतिरोध को दूर करने के लिए बातचीत का दौर जारी है.