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आम आदमी पार्टी के 3 बागी विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह, हरमीत सिंह और चेतन सिंह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं. तीनों विधायकों ने दिल्ली स्थित बीजेपी दफ्तर पहुंचकर भगवा गमछा ओढ़ते हुए पार्टी के लिए जी जान लगा देने का दावा किया. चुनावी कार्यक्रम का ऐलान होने से कुछ हफ्ते पहले सामने आए इस घटनाक्रम की प्रष्ठभूमि पर नजर डालें तो हाल ही में आम आदमी पार्टी ने अपने दो विधायकों हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौरामाजरा को कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में निलंबित किया था.
पंजाब में पाला और पार्टी बदलने के इस पूरे एपिसोड को क्रिया की प्रतिक्रिया में उठाया गया नया सियासी कदम माना जा रहा है. बताते चलें कि इन दोनों नेताओं ने अपना सस्पेंशन लेटर टाइप होने की भनक लगते ही पार्टी से अपना इस्तीफा दे दिया था. AAP ने कहा था कि वह विधानसभा अध्यक्ष के सामने याचिका दायर कर दोनों की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग करेगी.
इस बीच, कुंवर विजय प्रताप सिंह ने सोमवार को पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान किया. कुंवर विजय प्रताप सिंह को 29 जून 2025 को आम आदमी पार्टी से निलंबित कर दिया गया था. अमृतसर के लोगों के नाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखे अपने संदेश में सिंह ने कहा कि वो अपने आखिरी सांस तक लोगों के प्यार और सम्मान के लिए उनके आभारी रहेंगे. उन्होंने लोगों से 'गलियों की राजनीति और फीता काटने' की राजनीति से ऊपर उठकर सामूहिक प्रयास करने की अपील की. उन्होंने पंजाब को नशे, जबरन वसूली, गैंगस्टरवाद और भ्रष्टाचार में फंसा हुआ राज्य बताकर इसे फिर से प्रगतिशील बनाने की बात कही.
सिंह ने कहा, 'आपके साथ मिलकर भविष्य की रणनीति तैयार करने और साफ-सुथरी राजनीति व पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करने का मेरा प्रयास रहेगा. मेरा एकमात्र उद्देश्य 'पंजाब फर्स्ट' है. इसके अलावा मेरा कोई निजी हित नहीं है'.
ये नया सियासी एपिसोड 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच आया है. इससे पहले आम आदमी पार्टी ने बीते शनिवार को 40 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की थी. इसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान को धुरी, विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां को कोटकपूरा और जेल में बंद मंत्री संजीव अरोड़ा को लुधियाना पश्चिम से उम्मीदवार बनाया गया था. उस सूची में 37 कैंडिडेट्स का नाम रिपीट किया था.
इस सूची में कई अन्य मंत्रियों के नाम भी शामिल हैं. उस सूची में जेल में बंद एक मंत्री का भी नाम था.