केरल-हिमाचल कैसे जीती कांग्रेस, प्रियंका गांधी को कैसे जीत मिली?: चुनाव आयोग के जवाबों से संतुष्ट चिराग पासवान ने विपक्ष से पूछे सवाल
चिराग पासवान ने चुनाव आयोग में विवाद को लेकर पहले विपक्ष के सुर में सुर मिलाए और अब एनडीए की लाइन पर चलने लगे हैं. गठबंधन की सरकारों में घटक दलों के बीच सहमति और असहमति कोई नई बात नहीं है. जैसे ही कोई दल देखता है कि मौके पर चौका मारने का सही समय है, कर गुजरता है.
चुनाव आयोग के भीतर चुनाव आयुक्तों और मुख्य चुनाव आयुक्त के बीच नीतिगत मुद्दों पर मतभेद को लेकर एनडीए से अपनी अलग राय रखने वाले लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के अध्यक्ष चिराग पासवान के सुर बदल गए हैं. अब चिराग पासवान पूछ रहे हैं कि अगर चुनाव आयोग गड़बड़ी करता तो कांग्रेस तेलंगाना, हिमाचल और केरल का विधानसभा चुनाव कैसे जीत पाती? वे यह भी पूछ रहे हैं कि प्रियंका गांधी अपना चुनाव जीत गईं तो हम ये कैसे मान लें कि चुनाव आयोग गड़बड़ी कर रहा है. इससे पहले, चिराग पासवान ने कहा था कि चुनाव आयोग को सामने आकर जनता के बीच में फैले भ्रम को दूर करना चाहिए.
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चिराग पासवान ने एनडीए से अलग राय रखते हुए कहा था, 'सरकार का हिस्सा होने के नाते किसी संवैधानिक संस्था का बचाव नहीं करेंगे. चुनाव आयोग को जनता के मन में उपजी शंकाओं को दूर करना चाहिए.'
अब लोजपा रामविलास के अध्यक्ष चिराग का कहना है कि पहले हमारी चिंताएं थीं और मैंने हमेशा जनता की चिंता को प्राथमिकता दी है. उन्होंने कहा कि कल जिस तरह से चुनाव आयोग ने हर सवालों का बिंदुवार जवाब दिया, उससे मैं संतुष्ट हूं.
उन्होंने कहा कि विपक्ष बार-बार भ्रम फैलाता है. वे केवल उन राज्यों की बात करते हैं, जहां एनडीए या बीजेपी ने सरकार बनाई है, लेकिन वे उन राज्यों को नहीं देखते, जहां उनकी अपनी सरकारें सत्ता में हैं.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की केरल में सरकार कैसे बन गई. आपकी सरकार कैसे काम कर रही है? चिराग पासवान ने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि एक ही प्रक्रिया को एक जगह गलत माना जाए और दूसरी जगह सही. अगर आप सवाल उठाना चाहते हैं तो ठीक से उठाएं.
लोजपा रामविलास प्रमुख ने कहा कि अगर एसआईआर का मुद्दा इतना बड़ा था, तो ये लोग वहां चुनाव जीतने में कैसे कामयाब रहे?