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मछली उत्पादन का हब बन रहा सिवान! आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण से संवर रहा युवाओं का भविष्य

सिवान में मत्स्य पालन से रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा मिल रहा है. आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण से मत्स्य किसान और युवा जुड़ रहे हैं. भगवानपुर हाट के महम्मदपुर में करीब 100 एकड़ में बड़े पैमाने पर मछली पालन हो रहा है. मछली उत्पादन के साथ फिश फीड तैयार करने का भी काम हो रहा है.

मछली उत्पादन का हब बन रहा सिवान! आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण से संवर रहा युवाओं का भविष्य
Image Credit: सीवान में मत्स्य पालन से बदली तस्वीर (Photo-AI)

सिवान में मत्स्य पालन अब किसानों के साथ-साथ युवाओं के लिए भी रोजगार और स्वरोजगार का बड़ा जरिया बनता जा रहा है. जिले में बड़ी संख्या में किसान आधुनिक तरीके से मछली पालन की ओर बढ़ रहे हैं. वहीं, बिहार सरकार का मत्स्य विभाग भी किसानों और युवाओं को लगातार जागरूक कर रहा है और तकनीकी प्रशिक्षण के जरिए उन्हें इस व्यवसाय से जोड़ने का प्रयास कर रहा है.

सिवान में मत्स्य पालन से बदली तस्वीर

बिहार सरकार ने सिवान में मत्स्य पालन को और गति देने के लिए अब बड़े स्तर पर आधारभूत संरचना विकसित करने की तैयारी की है. नाबार्ड के माध्यम से सिवान के मत्स्य क्षेत्र के लिए करीब 195 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद से जुड़ी परियोजना को मंजूरी मिली है. बसंतपुर, भगवानपुर हाट और गोरेयाकोठी को इस परियोजना में शामिल किया गया है. इन तीनों प्रखंडों में क्लस्टर विकसित कर मत्स्य किसानों को एक साथ जोड़ने और उत्पादन को बढ़ाने की तैयारी है.

आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण से संवर रहा युवाओं का भविष्य

परियोजना का लक्ष्य सिवान में मछली उत्पादन को मौजूदा स्तर से बढ़ाकर लगभग दोगुना करना है. सरकारी योजनाओं के जरिए किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी जानकारी और आधुनिक मत्स्य पालन की तकनीकों से जोड़ा जा रहा है.

कई वर्षों से बड़े पैमाने पर मछली पालन कर रहे मनोज सहनी

भगवानपुर हाट प्रखंड के महम्मदपुर में मनोज सहनी कई वर्षों से बड़े पैमाने पर मछली पालन कर रहे हैं. करीब 100 एकड़ क्षेत्र में तालाबों के जरिए मछली उत्पादन का काम चल रहा है. यहां सिर्फ मछली का उत्पादन ही नहीं होता, बल्कि मछली के दाने यानी फिश फीड की तैयारी भी की जाती है.

उत्पादन, फीड, मजदूरी, परिवहन और बाजार तक रोजगार की पूरी श्रृंखला तैयार

मछली पालन से जुड़े लोगों को यहां रोजगार मिल रहा है, जबकि बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश तक मछली की सप्लाई की जा रही है यानी एक तालाब से शुरू होने वाला यह कारोबार अब उत्पादन, फीड, मजदूरी, परिवहन और बाजार तक रोजगार की पूरी श्रृंखला तैयार कर रहा है.

रिपोर्ट: अमित सिंह

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Shailendra

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शैलेंद्र जी न्यूज के रीजनल चैनल, जी बिहार झारखंड की डिजिटल टीम में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम करते हैं. वह बिहार और झारखंड की सियासत और क्राइम समेत कई समसामयिक मुद्दों पर न्यूज लिखते हैं. वह कभी-कभी राष्ट्रीय मुद्दों पर भी लिखते हैं. उनको मीडिया के तीनों प्रारूप प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल में काम करने का अनुभव. जनसंदेश टाइम्स, स्वतंत्र चेतना, टीवी 100, साधना न्यूज, एफएम न्यूज आदि न्यूज चैनलों से होते हुए न्यूज नेशन, इंडिया अहेड, ईटीवी भारत और न्यूज स्ट्रीट मीडिया (NYOOOZ) में अहम जिम्मेदारी निभाई. मीडिया जगत में सफर पिछले 12 सालों से बिना रुके जारी है.
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