मोतिहारी में नकली पेट्रोल की जांच हुई है या मजाक? सैंपल सील हुआ, लेकिन फॉर्मेट पर किसी का नहीं हुआ हस्ताक्षर
मोतिहारी में बुधवार को शंभू एंड संस पेट्रोल पंप का संयुक्त निरीक्षण किया गया. प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पेट्रोल पंप से पेट्रोल, डीजल, XP95 और ग्रीन डीजल के सैंपल कलेक्ट किए. प्रेस नोट जारी प्रशासन ने सबकुछ सही पाए जाने की बात कही. हालांकि, जो सैंपल सील हुआ, उस फॉर्मेट पर किसी का हस्ताक्षर नहीं हुआ.
मोतिहारी के पेट्रोल पंप पर नकली पेट्रोल मामले को लेकर 21 अक्टूबर, 2026 दिन बुधवार को अरेराज में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए, अरेराज के अनुमंडल पदाधिकारी और कार्यपालक दंडाधिकारी द्वारा शंभू एंड संस (इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप, गायघाट, अरेराज-मोतिहारी रोड) का संयुक्त निरीक्षण किया गया. जिसके बाद अरेराज एसडीएम ने एक नोट जारी करते हुए लगभग सभी कुछ ठीक होने का दावा करते हुए निरीक्षण के दौरान पेट्रोल, डीजल, XP95 और ग्रीन डीजल के सैंपल कलेक्ट किए, जिन्हें विस्तृत जांच के लिए प्रयोगशाला (लैब) भेजा जा रहा है. एसडीएम के अनुसार, ईंधनों का फिल्टर टेस्ट और स्पेसिफिक डेंसिटी टेस्ट (विशिष्ट घनत्व परीक्षण) किया गया, जो प्रथम दृष्टया सही पाया गया.
मापन यंत्र से तेल की माप सही पाई गई और प्रारंभिक भंडार और अवशेष भंडार का मिलान किया गया. यहां तक तो लग रहा है सब कुछ ठीक-ठाक है. जांच भी पूरी पारदर्शिता के साथ हुई, पर अब जो हम बता रहे हैं उसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे और यह सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि जांच के नाम पर ऐसी लापरवाही कोई अधिकारी कैसे कर सकता है?
जांच है या मजाक?
पेट्रोल पंप पर जांच में कमोबेश सब कुछ ठीक होने का दावा कि हकीकत यह है कि जांच के लिए जो पेट्रोल और डीजल के सैंपल लिए गए और बाकायदा उसे सील किया गया, पर उस पर किसी का हस्ताक्षर नहीं हुआ है. न तो पेट्रोल पंप का कोई स्टाफ, जांच का सैंपल लेने वाले एसडीएम या फिर इंडियन ऑयल का कोई कर्मी, किसी का भी हस्ताक्षर नहीं करवाया गया है. मतलब साफ है पर मंशा पर सवाल है कि क्या ऐसे में सैंपल बदला नहीं जा सकता? और जब सैंपल ही बदल गया, तो सच सामने कैसे आएगा.
मैनुअल और ऑटोमेशन जांच में भारी अंतर पर प्रेस नोट में जिक्र क्यों नहीं?
उक्त पेट्रोल पंप पर जब मैनुअल और ऑटोमेशन पेट्रोल और डीजल की जांच की गई, तो भारी अंतर सामने आया जिसका जिक्र रिपोर्ट में भी हुआ है पर प्रेस नोट में उसका जिक्र तक नहीं किया गया, क्यों?
दो वर्ष में एक बार भी उक्त पेट्रोल पंप की नहीं हुई जांच
इंडियन ऑयल के सेल्स ऑफिसर राहुल ने बताया कि उनके जिम्मे 85 पेट्रोल पंप हैं, पर पिछले दो वर्षों में वह इस पेट्रोल पंप से एक बार भी सैंपल जांच के लिए नहीं लिए हैं. सेल्स ऑफिसर राहुल को दो वर्षों में 85 पेट्रोल पंप में गायघाट के इस पंप का नंबर क्यों नहीं आया?
अब क्या हो सकता है?
डीएम चाहें तो इंडियन ऑयल के सेमरा प्लांट से चलंत प्रयोगशाला को बुलाकर तत्काल जांच करवा सकते हैं, जिसके बाद सच सामने आ जाएगा पर जिस तरह से आज सैंपल कलेक्ट किया गया, उसके बाद अगर सैंपल बदल जाए या पंप में रात को पेट्रोल बदल जाए तो कोई आश्चर्य नहीं होगा, क्योंकि एसडीएम ने सैंपल पर हस्ताक्षर न करवाकर बड़ी चूक कर दी है.
रिपोर्ट: पकंज कुमार
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