वैशाली में सूर्यास्त के बाद नहीं चलेंगे नाव: स्थापित होगा SDRF कैंप, डीएम वर्षा सिंह का सख्त एक्शन
राघोपुर में नाव हादसा होने के बाद वैशील की डीएम वर्षा सिंह ने सख्त एक्शन लिया है. उन्होंने कहा कि सूर्यास्त के बाद नाव चलाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है. इसका उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई होगी. साथ ही मोहनपुर पीएचसी को सीएचसी में विकसित करने और राघोपुर में एसडीआरएफ के दो कैंप स्थापित करने की पहल की गई है.
वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड में 13 अक्टूबर, 2026 की रात्रि लगभग 8:30 बजे हुई नाव दुर्घटना में 13 बच्चों की मृत्यु की दुखद घटना के बाद जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों, पीड़ित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई तेज कर दी है. जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने घटनास्थल पर पूरी रात रुककर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की. इसके बाद अगले दिन भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की.
डीएम ने स्पष्ट किया कि सूर्यास्त के बाद नदियों में नाव परिचालन नहीं होना हैं. राघोपुर में सूर्यास्त के बाद नाव परिचालन की घटना को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित स्थानीय थाना और अंचल स्तर पर जवाबदेही तय करने के साथ लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि नदी क्षेत्रों में नाव परिचालन से संबंधित निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए.
जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने सबसे पहले राहत और बचाव कार्य पर ध्यान केंद्रित किया. स्थानीय लोगों और गोताखोरों के सहयोग से तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया. बचाए गए लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मोहनपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों की ओर से उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई. गंभीर स्थिति वाले लोगों को बेहतर उपचार के लिए एनएमसीएच, पटना रेफर किया गया.
इस दुर्घटना में कुल 13 बच्चों की मृत्यु हुई है. सभी मृतक 15 वर्ष या उससे कम आयु के थे, जिनमें 9 बच्चियां शामिल थीं. घटना में छह लोग जीवित बचाए गए, जिनमें चार बच्चे और दो वयस्क पुरुष शामिल हैं. बचाए गए लोगों की स्थिति स्थिर बताई गई है. दुर्घटना के बाद प्रभावित लोगों को विभिन्न स्तरों पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई.
घटना के कारणों और राहत-बचाव और स्वास्थ्य सेवाओं की प्रतिक्रिया की समीक्षा के लिए जिला स्तर पर जांच समिति गठित की गई है. समिति को घटनाक्रम की क्रमवार समीक्षा करने और यह पता लगाने की जिम्मेदारी दी गई है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और राहत-बचाव और चिकित्सा व्यवस्था के दौरान किसी स्तर पर कोई चूक तो नहीं हुई.
जिला प्रशासन की तरफ से इन तथ्यों की जांच समिति के माध्यम से समीक्षा कराई जा रही है. जांच में प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सूर्यास्त के बाद नाव परिचालन पर रोक के अनुपालन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी.
मोहनपुर पीएचसी को सीएचसी के रूप में विकसित करने की पहल
राघोपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मोहनपुर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल की जा रही है. जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने बताया कि इसके लिए स्वास्थ्य विभाग से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त करने की कार्रवाई की जाएगी. अस्पताल को निर्मित भवन में स्थानांतरित करने और स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि स्थानीय लोगों को बेहतर एवं त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके.
राघोपुर में एसडीआरएफ के दो कैंप स्थापित करने की तैयारी
आपात परिस्थितियों में बचाव दल की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राघोपुर क्षेत्र में दो स्थानों पर राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) के कैंप स्थापित करने की तैयारी की जा रही है. इससे नदी क्षेत्र में किसी दुर्घटना या आपदा की स्थिति में बचाव दल को घटनास्थल तक जल्द पहुंचाने में मदद मिलेगी और राहत-बचाव कार्य अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकेंगे.
जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने कहा कि इस दुखद घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना आवश्यक है. सूर्यास्त के बाद नाव परिचालन पर रोक का सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी. साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं, आपदा प्रबंधन और त्वरित बचाव व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. जिला प्रशासन पीड़ित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने, घटना की निष्पक्ष जांच कराने और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.
रिपोर्ट: राजकुमार सिंह