मास्टर प्लान बचाएगा बाढ़ से: गंडक, कोसी और गंगा के पानी को कंट्रोल करने की तैयारी, मुंगेर में सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान
अगर यह तात्कालिक बेचैनी नहीं है और वाकई में बिहार सरकार बाढ़ से लोगों को निजात दिलाने के लिए बेचैन है तो फिर इसकी तारीफ की जानी चाहिए, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि सरकारों ने पहले भी ऐसे न जाने कितने ऐलान किए, लेकिन बिहार को बाढ़ से मुक्ति नहीं मिली. सरकारों से मुक्ति जरूर मिल गई.
मुंगेर: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को हवेली खड़गपुर के गंगटा में आयोजित कार्यक्रम से विकास और बाढ़ नियंत्रण का बड़ा खाका पेश किया. उन्होंने कहा कि अगले 5 सालों में बिहार को बदलने का संकल्प लिया गया है. गंडक, कोसी और गंगा के पानी को नियंत्रित करने के लिए मास्टर प्लान बनाया जाएगा. बक्सर से भागलपुर तक गंगा के पानी को नियंत्रित करने की कार्रवाई तत्काल शुरू होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा के पानी को कंट्रोल किए बिना बिहार को बाढ़ से स्थायी राहत नहीं मिल सकती.
1.5 करोड़ पेंशनधारियों को भेजी पेंशन की राशि
बिहार पेंशन दिवस पर मुख्यमंत्री ने राज्य के करीब 1.5 करोड़ सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के खाते में अगस्त, 2026 की पेंशन राशि डीबीटी के माध्यम से भेजीं. 1100 रुपये प्रति लाभुक की दर से 1233.87 करोड़ रुपये भेजे गए. उन्होंने कहा कि अब प्रत्येक माह की 10 तारीख तक पेंशन की राशि लाभुकों के खाते में पहुंच जाएगी. नदियों में जमा गाद को बाढ़ की बड़ी वजह बताते हुए उन्होंने नदियों की सफाई और गाद हटाने पर भी जोर दिया.
सड़कों का होगा कायाकल्प
मुख्यमंत्री ने गंगटा-कोहवरवा पथ के चौड़ीकरण व मजबूतीकरण, तारापुर अनुमंडल में निरीक्षण भवन तथा लखनपुर पानी टंकी से सरौन-मकवा होते हुए भोमासी पुल तक सड़क के चौड़ीकरण व मजबूतीकरण कार्य का शिलान्यास किया. उन्होंने कहा कि इसके सड़क, बिजली और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा.
इसी माह शुरू होंगे दो न्यायालय
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि तारापुर और हवेली खड़गपुर में इसी माह न्यायालय का संचालन शुरू होगा. जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शिविर लगाकर आवेदनों का तत्काल निष्पादन भी कराया जाएगा.
स्कूलों में सुविधा, शिक्षकों को नजदीक तैनाती
उन्होंने कहा कि ‘संकल्प कायाकल्प’ के तहत विद्यालयों की आधारभूत व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी. स्कूलों में बेंच-डेस्क, शौचालय और अतिरिक्त कक्ष उपलब्ध कराए जाएंगे. शिक्षकों को उनके बगल के पंचायत में पदस्थापन की दिशा में पहल होगी. मॉडल स्कूल सह सरस्वती विद्या निकेतन में आधुनिक शिक्षा के साथ जेईई, नीट समेत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी.
2027 तक सौर्य उर्जा से जगमग होंगे 25 लाख घर
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल 10 लाख लोगों को सौर ऊर्जा से जोड़ने और 2027 तक 25 लाख लोगों को सौर ऊर्जा की सुविधा देने का लक्ष्य है. कृषि फीडर से किसानों को सुबह छह से शाम छह बजे तक बिजली मिलेगी. पंचायतों में सामुदायिक भवन और कन्या विवाह मंडप बनाए जाएंगे तथा गांव-गांव अभियान चलाकर विकास की 10-10 योजनाओं को स्वीकृति दिलाई जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं शुरू करना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है. आने वाले पांच वर्षों में सड़क, शिक्षा, बिजली, सिंचाई, न्याय और बाढ़ नियंत्रण के क्षेत्र में व्यापक बदलाव के साथ बिहार को नई दिशा दी जाएगी.
रिपोर्ट: प्रशांत कुमार, मुंगेर