आइसक्रीम नहीं जहर है ये: मोतिहारी में बच्चों ने खाया, तो आपस में सटे होंठ, मुंह से निकलने लगा खून
मोतिहारी में जहरीली आइसक्रीम खाने से बच्चों के आपस में होंठ सटे गए. इतना ही नहीं, उनके मुंह से निकलने खून लगा. घटना गायघाट हाई स्कूल के बाहर की है.
अगर आप या आपके बच्चे आइसक्रीम के शौकीन हैं, तो थोड़ा सावधान हो जाइए! स्वाद का यह चस्का आपके और आपके परिवार के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है! बिहार के पूर्वी चंपारण के मोतिहारी से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां आइसक्रीम के नाम पर मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है.
क्या है पूरा मामला?
यह सनसनीखेज मामला मोतिहारी के हरसिद्धि थाना क्षेत्र का है. जानकारी के अनुसार, गायघाट स्थित हाई स्कूल के बाहर एक विक्रेता रोज की तरह आइसक्रीम का ठेला लगाए खड़ा था. 9 अक्टूबर, 2026 शुक्रवार दोपहर में स्कूल की छुट्टी के बाद गर्मी से राहत पाने और स्वाद के चक्कर में कई स्कूली बच्चों ने उस ठेले से आइसक्रीम खरीदकर खाई, लेकिन आइसक्रीम खाते ही बच्चों के साथ जो हुआ, उसने सभी के रोंगटे खड़े कर दिए. आइसक्रीम मुंह में जाते ही बच्चों के दोनों होंठ आपस में बुरी तरह चिपक गए. जब बच्चों ने घबराकर और दर्द से कराहते हुए काफी मशक्कत के बाद आइसक्रीम को मुंह से बाहर निकाला, तो उनके होंठों से खून बहने लगा.
आधा दर्जन बच्चे बीमार, इलाके में हड़कंप
इस जहरीली आइसक्रीम को खाने से लगभग 6 बच्चे गंभीर रूप से बीमार हो गए. बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और स्थानीय ग्रामीण मौके पर जमा हो गए. आनन-फानन में सभी प्रभावित बच्चों को स्थानीय स्तर पर इलाज के लिए भर्ती कराया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार जारी है. घटना के बाद से ही आक्रोशित अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है.
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही हरसिद्धि थाना पुलिस हरकत में आई और त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित आइसक्रीम विक्रेता को हिरासत में ले लिया. पुलिस फिलहाल ठेले पर मौजूद आइसक्रीम और उसमें मिलाए गए रसायनों/सामग्री की जांच करवा रही है. साथ ही आरोपी विक्रेता से कड़ी पूछताछ की जा रही है.
खाद्य सुरक्षा विभाग पर उठे गंभीर सवाल
इस खौफनाक वारदात ने जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने वाले तंत्र की पोल खोलकर रख दी है. मोतिहारी में मिलावटखोरी को रोकने और खाने-पीने के सामान की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए बाकायदा फूड सेफ्टी ऑफिसर तैनात हैं. इसके बावजूद जिले में खुलेआम जहरीले रसायनों और घातक रंगों से बनी मिलावटी खाद्य सामग्रियों की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है.
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर विभाग समय-समय पर स्कूलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों के बाहर बिकने वाले स्ट्रीट फूड की जांच करता, तो आज इन मासूम बच्चों को इस भयानक दर्द से न गुजरना पड़ता.
अभिभावकों के लिए जरूरी चेतावनी
अपने बच्चों को स्कूल या बाजार के बाहर ठेले-खोमचे पर बिकने वाली रंग-बिरंगी और सस्ती आइसक्रीम या बर्फ की चुस्की खाने से रोकें. इनमें इस्तेमाल होने वाले अमानक रंग, केमिकल और दूषित पानी बच्चों के स्वास्थ्य के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं.
रिपोर्ट: पंकज कुमार