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Chief Secretary and DGP review meeting regarding Durga Puja-Dussehra DJ playing will be banned | दुर्गा पूजा और दशहरा पर सुरक्षा का अभेद्य चक्र: हुड़दंगियों और अफवाहबाजों पर होगी सख्त कार्रवाई, डीजे बजाने पर पूरी तरह रोक | Bihar Latest News
आगामी दुर्गा पूजा और दशहरा पर्व के मद्देनजर राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई. बैठक में सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षक शामिल थे. यहां मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने निर्देश दिया कि महिला और बाल सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए. कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को माफ नहीं किया जाएगा. साथ ही उन्होंने पूरे राज्य में डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने का कड़ा निर्देश दिया है.
बैठक के दौरान गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने 11 से 20 अक्टूबर के दौरान राज्य के सभी 40 जिलों (38 प्रशासनिक और 2 पुलिस जिलों) के लिए विशेष प्रशासनिक व सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए गए है. कुमार ने कहा कि यह त्योहारों के सीजन की शुरुआत शांतिपूर्ण होगी, तो आगे के सभी त्योहार भी शांति और सुरक्षा के साथ संपन्न होंगे. इस दौरान बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक (विधि व्यवस्था) के. सुहिता अनुपम भी उपस्थित रही.
संवेदनशील स्थानों पर मौजूद रहेगी पुलिस
पुलिस महानिदेशक ने पुलिस की दृश्यता बढ़ाने पर जोर देते हुए सभी पुलिस अधीक्षकों को उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करने और रणनीतिक व प्रमुख संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि शांति समितियों की बैठकों में हर उम्र के लोगों को शामिल किया जाए. उन्होंने सभी स्तरों पर पुलिस कर्मियों की व्यापक ब्रीफिंग सुनिश्चित करने, जिला अग्निशमन अधिकारियों की ओर से बड़े पूजा पंडालों का अनिवार्य फायर ऑडिट कराने और सोशल मीडिया की कड़ी निगरानी करने के निर्देश दिए है. महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में रहेगी.
महानिदेशक (अभियान और विशेष शाखा) कुंदन कृष्णन ने मूर्ति विसर्जन और विसर्जन जुलूसों की सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश देते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखी जाए और जिला नियंत्रण कक्षों का समय-समय पर औचक निरीक्षण किया जाए. सभी अधिकारी व जवान अपने ड्यूटी स्थलों पर सजगता से मुस्तैद रहें.
शत-प्रतिशत लाइसेंसिंग और नियम
सभी पूजा पंडालों, मूर्तियों और विसर्जन जुलूसों के लिए लाइसेंस अनिवार्य होगा. जुलूसों में शामिल 10 से 25 जिम्मेदार लोगों से अंडरटेकिंग ली जाएगी और संपूर्ण मार्ग की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी कराई जाएगी.
हथियारों और उत्तेजक नारों पर रोक
जुलूस या पंडालों में भड़काऊ/उत्तेजक गाने, आपत्तिजनक नारे और किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित हथियारों के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले प्रदर्शित नहीं किए जाएंगे.
लाउडस्पीकर और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण
पटना उच्च न्यायालय के आदेशानुसार डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. लाउडस्पीकर का उपयोग केवल अनुज्ञप्ति के साथ किया जा सकेगा, जो रात 10 बजे से प्रात 6 बजे तक पूर्णत प्रतिबंधित रहेगा. सभी डीजे ऑपरेटरों और लाउडस्पीकर मालिकों का अनुमंडल कार्यालय में पंजीकरण अनिवार्य होगा और इसकी सूची स्थानीय थानों में उपलब्ध रहेगी.
भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन
अत्यधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुगम आवागमन के लिए प्रवेश और निकास के अलग द्वारों की व्यवस्था होगी. आपात स्थितियों से निपटने के लिए चिकित्सा दल, एम्बुलेंस, क्यूआरटी, एसडीआरएफ, सीसीटीवी कैमरे और वॉच टावर की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी. रावण वध स्थलों और मूर्ति विसर्जन के चिन्हित घाटों पर गोताखोरों और बचाव दल की मुस्तैदी रहेगी.
सोशल मीडिया और सख्त कानूनी कार्रवाई
सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से धर्म, जाति या भाषा के आधार पर नफरत या अफवाह फैलाने वालों और धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं के तहत कठोरतम निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई की जाएगी.