24 घंटे... 4 जगह से टूटा तटबंध: पश्चिम चंपारण में हाहाकार, कई गांवों में मंडराया बाढ़ का खतरा
चंपारण तटबंध के टूटने का सिलसिला नहीं रुक रहा है. मंगलवार को एक ओर तटबंध टूट गया. 24 घंटे के अंदर चौथी बार तटबंध टूटने का मामला सामने आया है.
चंपारण में एक के बाद एक चौथी जगह तटबंध टूट गया है. बेतिया के योगापट्टी के डुमरी पंचायत के समीप गोलाघाट के पास चंपारण तटबंध टूट गया है. तटबंध टूटने से आसपास के इलाके में हाहाकार मच गया है. तटबंध टूटने से आधा दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है.
फुलियाखाड़ पंचायत में चंपारण तटबंध टूटा
बेतिया के बैरिया के फुलियाखाड़ पंचायत में चंपारण तटबंध टूट गया है. जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन की लापरवाही से बांध टूटा है. तटबंध टूटने से दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. बांध करीब ढाई सौ मीटर से अधिक टूटकर चौड़ा हो गया है. बांध के पास बड़ा पीपल का पेड़ भी उसमें समा गया है. जल संसाधन विभाग ने दो दिन पहले यह दावा किया था कि रिंग बांध और चंपारण तटबंध दोनों सुरक्षित हैं और सुरक्षा के लिए सतत निगरानी की जा रही है.
बाढ़ पीड़ितो के लिए एसडीआरएफ की टीम बनी फरिश्ता
वहीं, जरलपुर खुटवनिया वार्ड नंबर 13 में एसडीआरएफ की टीम फरिश्ता बनकर बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंची. एसडीआरएफ की टीम बाढ़ पीड़ितों के बीच देवदूत बनकर उतरी है. टीम ने एक ही बोट से लगभग 250 लोगों का सफल रेस्क्यू किया. बाढ़ में फंसे एक मरीज और शिशु को भी टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला.
जरलपुर खुटवनिया में दो दिन से ट्रैक्टर पर फंसे दर्जनों लोगों का टीम ने सफल रेस्क्यू कर उन्हें ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया. एक दर्जन महिलाएं और बच्चे दो दिन से बिना खाना खाए बाढ़ के बीच एक ट्रैक्टर पर शरण लिए हुए थे. मंगलवार को एसडीआरएफ की टीम ने उनका सफल रेस्क्यू कर बाहर निकाला है. रेस्क्यू हुई महिलाओं ने एसडीआरएफ की टीम को धन्यवाद दिया.
महिलाओं ने बताया कि वे दो दिन से बिना खाना खाए फंसी हुई थी. पानी अचानक बढ़ गया और निकलना मुश्किल हो गया था. उन्होंने जिंदगी की उम्मीद छोड़ दी थी. ऐसे में फरिश्ता बनकर पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने उन्हें बचा लिया. एसडीआरएफ के जवानों ने बताया कि सिर्फ एक बोट से लगभग ढाई सौ लोगों का सफल रेस्क्यू किया गया है, जिसमें दो मरीज भी शामिल थे जो जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे थे. महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और जानवरों- सभी का सफल रेस्क्यू कर उन्हें बाहर निकाल दिया गया है.
चंपारण तटबंध के टूटने का सिलसिला नहीं रुक रहा
बता दें पश्चिम चंपारण में 24 घंटे के अंदर एक के बाद एक चार जगहों पर चंपारण तटबंध टूट गया है. दो जगह बगहा में, तो दो जगह बेतिया में तटबंध टूट गया है. चंपारण तटबंध के टूटने का सिलसिला नहीं रुक रहा है. बाढ़-पूर्व तटबंधों की सुरक्षा और सतत निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं. जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन के तमाम दावे खोखले साबित हो रहे हैं.
रिपोर्ट: धनंजय द्विवेदी