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बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की ओर से हर वर्ष सबसे पहले रिजल्ट जारी करने से अब दूसरे बोर्ड के छात्र बिहार बोर्ड की ओर आकर्षित हो रहे हैं. इस वर्ष करीब 13.05 लाख विद्यार्थियों ने 11वीं में नामांकन लिया है. जानकारी के मुताबिक, इनमें बड़ी संख्या में CBSE और ICSE के छात्र शामिल हैं. बिहार बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. त्यागराजन एसएम के अनुसार, इस साल CBSE, ICSE और दूसरे राज्यों के बोर्ड से 10वीं उत्तीर्ण करने वाले करीब 1.30 लाख छात्रों ने 11वीं कक्षा में बिहार बोर्ड में एडमिशन लिया है. इनमें से CBSE बोर्ड से 10वीं पास करके आने वाए छात्रों की संख्या 1 लाख 7 हजार 785 है. वहीं, ICSE बोर्ड से आने वाले छात्रों की संख्या 1731 है. इसके अलावा 20 हजार 229 छात्र अन्य दूसरे राज्यों के बोर्ड से 10वीं पास करके 11वीं में बिहार बोर्ड में एडमिशन लिया है.
साल दर साल बढ़ रही छात्रों की संख्या
BSEB की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2025 में बिहार बोर्ड के स्कूलों में 11वीं कक्षा में करीब 11.99 लाख विद्यार्थियों ने एडमिशन लिया था. इनमें दूसरे बोर्ड से 10वीं उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों की संख्या करीब 1.11 लाख थी. बिहार बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. त्यागराजन एसएम के अनुसार, पिछले सात वर्षों से समिति रिकार्ड समय में परीक्षा परिणाम जारी कर रही है. इसी कारण CBSE, ICSE और दूसरे राज्यों के बोर्ड से 10वीं पास करने वाले छात्रों का आकर्षण बिहार बोर्ड की ओर बढ़ा है.
छात्रों को क्यों भा रहा बिहार बोर्ड?
बिहार बोर्ड ने पिछले कुछ वर्षों में अपने परीक्षा पैटर्न, मूल्यांकन प्रणाली और नतीजों को घोषित करने की प्रक्रिया में ऐतिहासिक सुधार किया है. देश में सबसे पहले परीक्षा कराने और समय पर रिजल्ट जारी करने के कारण बड़ी संख्या में छात्र बिहार बोर्ड पर भरोसा जता रहे हैं. इसके अलावा अधिकतर छात्र 11वीं और 12वीं से ही इंजीनियरिंग (JEE) और मेडिकल (NEET) जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने लगते हैं. बिहार बोर्ड का पाठ्यक्रम पूरी तरह एनसीईआरटी (NCERT) पर आधारित कर दिया गया है, जो इन प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहद अनुकूल है.