पटना से अपहरण, भागलपुर से बरामद: भागलपुर से कौशलेंद्र समेत 8 लोग बरामद, पैसों के लेन-देन जुड़ा है मामला
बिहार पुलिस ने पटना में करोड़ों के लेन-देन को लेकर अपहरण के मामले का खुलासा कर दिया है. पुलिस ने भागलपुर से कौशलेंद्र समेत 8 लोग बरामद किया है. इनमें सात लोग दूसरे पक्ष के बताए जा रहे हैं. फिलहास, पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है.
पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र के मौर्या लोक परिसर से 12 अक्टूबर को कौशलेंद्र कुमार के अपहरण का मामला सामने आया था. इस मामले में उनकी पत्नी ने कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कई लोगों को नामजद किया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया.
इनमें सात लोग दूसरे पक्ष के बताए जा रहे
पुलिस टीम ने तकनीकी अनुसंधान, मोबाइल लोकेशन और मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए भागलपुर से कौशलेंद्र कुमार समेत कुल आठ लोगों को बरामद किया. इनमें सात लोग दूसरे पक्ष के बताए जा रहे हैं, जबकि एक व्यक्ति कौशलेंद्र कुमार हैं.
पटना में करोड़ों के लेन-देन को लेकर अपहरण का मामला
विधि-व्यवस्था एएसपी कृष्ण मुरारी प्रसाद ने बताया कि पूरा मामला पैसों के लेन-देन और धोखाधड़ी से जुड़ा है. रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र के रहने वाले कौशलेंद्र कुमार पर नौकरी और जमीन दिलाने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये लेने और वापस नहीं करने का आरोप है.
भागलपुर से सभी आठ लोगों को बरामद किया गया
परिजनों के अनुसार, कौशलेंद्र को मौर्या लोक परिसर के पास से गाड़ी में बैठाकर ले जाया गया था. जो परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गया. पुलिस ने 12 अक्टूबर को मामला दर्ज किया और अगले दिन 13 अक्टूबर को भागलपुर से सभी आठ लोगों को बरामद कर लिया.
मामले में आगे की जांच कर रही है पुलिस
विधि-व्यवस्था एएसपी कृष्ण मुरारी प्रसाद ने बताया कि पुलिस ने दोनों पक्षों से पूछताछ और अनुसंधान के बाद संबंधित लोगों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की कार्रवाई की है. मामले में आगे की जांच जारी है.
ATM कार्ड बदलकर खाते से रुपये उड़ाने वाले गिरोह का पर्दाफाश
वहीं, 15 अक्टूबर, 2026 दिन गुरुवार को पटना में एटीएम कार्ड की अदला-बदली कर लोगों के बैंक खातों से रुपये निकालने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. श्रीकृष्णापुरी थाना पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से 82 एटीएम और डेबिट कार्ड, एक चारपहिया वाहन और विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. पुलिस के अनुसार, 14 अक्टूबर को इस गिरोह के बारे में सूचना मिली थी. इसके बाद मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया. टीम ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गया जिले के सुधाकर कुमार उर्फ प्रियांश कुमार, प्रशांत कुमार और राकेश कुमार के रूप में हुई है. पुलिस की शुरुआती जांच में ठगी का तरीका सामने आया है. आरोपी एटीएम से रुपये निकालने पहुंचे लोगों को निशाना बनाते थे. इस दौरान वे चालाकी से उनका एटीएम कार्ड बदल देते थे और कार्ड का पिन भी देख लेते थे. इसके बाद दूसरे एटीएम के जरिए संबंधित बैंक खाते से रुपये निकाल लेते थे.
पुलिस जांच में आरोपियों का आपराधिक इतिहास बिहार के पटना सहित अन्य जिलों और झारखंड के रांची तथा जमशेदपुर से भी जुड़ा पाया गया है. इससे गिरोह के अंतरराज्यीय नेटवर्क की आशंका मजबूत हुई है. इस मामले में श्रीकृष्णापुरी थाना और साइबर थाना पटना में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है. पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, ठगी की कुल रकम और इससे जुड़े दूसरे मामलों का पता लगाने में जुटी है.
रिपोर्ट: प्रकाश सिन्हा
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