बिहार की राजधानी पटना में 1799 पदों पर दारोगा भर्ती के मेंस पेपर रद्द किए जाने के बाद चयनित अभ्यर्थियों का गुस्सा सड़क पर देखने को मिला. 5 अक्टूबर, 2026 दिन सोमवार को बड़ी संख्या में चयनित छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने के लिए पटना की सड़कों पर उतरे. अभ्यर्थी मुख्यमंत्री आवास और आयोग का घेराव करने के लिए आगे बढ़ रहे थे. प्रशासन ने जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढ़ गए.
प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की गई
इसके बाद प्रदर्शनकारी डाकबंगला चौराहा पहुंचे, जहां छात्रों ने जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया. प्रदर्शन के कारण इलाके में यातायात भी प्रभावित हुआ और जाम की स्थिति बन गई. प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की गई.
'जब तक समस्या का समाधान नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा'
वहीं, अभ्यर्थियों का कहना है कि मेंस परीक्षा रद्द किए जाने से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है और सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए. अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा.
प्रोटेस्ट से पहले पुलिस ऑन द स्पॉट ट्रेनिंग बचाव का रिवीजन
बता दें कि बिहार सरकार की तरफ से 1799 पद पर दारोगा बहाली की परीक्षा का मेन्स रिजल्ट रद्द कर दिया गया है. रिजल्ट रद्द होने से नाराज अभ्यर्थियों के की ओर से सोमवार को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया. इससे पहले पटना के गांधी मैदान से यह प्रदर्शन निकला. वहीं, अभ्यर्थियों के प्रदर्शन को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बड़े स्तर पर गांधी मैदान में पुलिस जवान तैनात किए गए थे. इतना ही नहीं अभ्यर्थियों को रोकने के लिए मजबूत बैरिकेडिंग लगाया गया. प्रदर्शनकारियों को कैसे रोका जाए, इसके लिए पुलिस जवानों को ऑन द स्पॉट ट्रेनिंग बचाव का रिवीजन कराया गया.
रिपोर्ट: सन्नी कुमार