नेपाल में ग्लेशियर फटने और गंगा के रिकॉर्ड उफान से बदला बिहार की बाढ़ का पैटर्न: जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी
जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने बताया कि प्रभावित इलाकों में नावों की समुचित व्यवस्था की गई है. छोटी नदियां भी उफान पर हैं, लेकिन अधिकारियों ने स्थिति को संभाला है.
बिहार सरकार के जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने पटना में 7 सितंबर, 2026 दिन सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने राज्य में बाढ़ की स्थिति और उससे निपटने की तैयारियों पर महत्वपूर्ण जानकारी दी. मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि बिहार में बाढ़ का मौसम हमेशा चुनौती भरा होता है, लेकिन इस बार बाढ़ का पैटर्न बदला हुआ नजर आ रहा है. आमतौर पर पहले नेपाल से आने वाली नदियों में बाढ़ आती थी और सितंबर के अंत में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ता था. हालांकि, इस बार किसी कारण से गंगा में पहले ही बाढ़ आ गई है.
उन्होंने कहा कि नेपाल में भी आपदा की प्रवृत्ति बदली है. इस बार केवल नेपाल में बारिश या बादल फटने की वजह से नहीं, बल्कि ग्लेशियर फटने के कारण यह स्थिति बनी है. इस बार मुख्य रूप से गंगा नदी के कारण बाढ़ आई है. गंगा ने जलस्तर के पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. पटना के गांधी घाट पर जलस्तर ने पिछले वर्ष समेत अपने पुराने सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं.
मंत्री विजय चौधरी ने बताया कि जल संसाधन विभाग और प्रशासन के अधिकारी पूरी तरह मुस्तैद थे, जिसके कारण पटना सुरक्षित रहा और अन्य क्षेत्रों में भी कम परेशानियां हुईं. दियारा इलाकों में गंगा का जलस्तर बढ़ते ही पानी भर जाता है, लेकिन सरकार की तरफ से लगातार राहत कार्य चलाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि गंगा के साथ-साथ इस बार दो अन्य नदियों, पुनपुन और दरधा ने भी पानी का अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है. इन नदियों में अत्यधिक जल आने के कारण आसपास के क्षेत्रों में पानी फैल गया है. पुराने तटबंधों के ऊपर से पानी लगभग एक किलोमीटर आगे तक बह निकला.
विजय चौधरी ने कहा कि भागलपुर में गंगा नदी की धारा बदलने से कटाव की समस्या उत्पन्न हो रही थी. जल संसाधन विभाग के सचिव ने स्वयं स्थल पर कैंप किया और अधिकारियों के साथ मिलकर उस स्थान को सुरक्षित कराया. स्टीमर की सेवा का उपयोग कर तटबंधों को सुरक्षित रखा गया, जिससे रिहायशी इलाकों में परेशानी कम हुई. हालांकि, निचले इलाकों में जलजमाव बना हुआ है.
उन्होंने कहा कि पुनपुन और दरधा नदियों में आज भी खतरा बना हुआ है, क्योंकि इन नदियों का जल निकासी का अंतिम जरिया गंगा ही है. गंगा में फिलहाल धीमी गति से जल निकासी हो रही है. हालांकि, गंगा के जलस्तर में 18 सेंटीमीटर की कमी आई है. जैसे-जैसे गंगा का जलस्तर घटेगा, वैसे-वैसे पुनपुन और दरधा नदियों का पानी भी कम होगा। कल से स्थिति में और सुधार की उम्मीद है.
जल संसाधन विभाग के मंत्री विजय चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार बाढ़ प्रबंधन की चुनौतियों से पूरी तरह निपट रही है. राहत कार्यों के लिए पूर्व मुख्यमंत्री के समय से चले आ रहे SOP का ही पालन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं. सरकार का मानना है कि राज्य के खजाने पर पहला हक आपदा पीड़ितों का होता है, इसलिए पीड़ितों को अधिकतम संभव सहायता दी जा रही है.
रिपोर्ट: प्रिंस कुमार कुशवाहा