बिहार MLC चुनाव: RLM के बागी नेता राम पुकार सिन्हा ने वापस लिया नाम, JDU उम्मीदवार का करेंगे समर्थन
RLM के तीनों विधायकों ने बैठक की और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र सारण से निर्दलीय उम्मीदवार राम पुकार सिन्हा को लेकर बड़ा फैसला लिया. बैठक में ये तय हुआ कि राम पुकार सिन्हा चुनाव नहीं लड़ेंगे. वह जदयू उम्मीदवार आनंद पुष्कर का समर्थन करेंगे.
बिहार में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की 8 सीटों पर होने वाले चुनाव में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से लड़ रहे राम पुकार सिन्हा ने अब चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है. यह फैसला उस वक्त लिया गया, जब वोटिंग में अब कुछ ही दिन बचे हैं.
उन्हें पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया
दरसअल, राम पुकार सिन्हा RLM पार्टी में वरिष्ठ पद पर थे और पार्टी में रहते हुए ही सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए पिछले कई सालों से चुनाव की तैयारी कर रहे थे, लेकिन वह सीट पिछले बार की तरह इस बार भी जदयू के खाते में चली गई. राम पुकार सिन्हा ने निर्दलीय अपना नामांकन किया. उनके नामांकन में पार्टी के तीन विधायक, कई जिला अध्यक्ष और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए, जिसके बाद उन्हें पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया.
राम पुकार सिन्हा के पक्ष में थे तीनों विधायक
तीनों विधायक उसके बाद भी राम पुकार सिन्हा के पक्ष में थे. अब इसको लेकर एनडीए में यह फैसला लिया गया कि राम पुकार सिन्हा को सम्मान देकर जदयू के उम्मीदवार का समर्थन कराया जाए. इसके साथ ही यह जिम्मेदारी जदयू के संतोष कुशवाहा और RLM के तीनों विधायकों को दी गई.
राम पुकार सिन्हा चुनाव नहीं लड़ेंगे
सभी की एक बैठक पार्टी के विधायक रामेश्वर महतो के यहां हुई और फैसला यह लिया गया कि राम पुकार सिन्हा चुनाव नहीं लड़ेंगे. वह JDU के उम्मीदवार का समर्थन करेंगे. इस बैठक में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक आलोक सिंह, विधायक माधव आनंद और विधायक रामेश्वर महतो मौजूद थे.
बता दें कि बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले उपेंद्र कुशवाहा के पार्टी के 4 में से तीन विधायकों (आलोक सिंह, माधव आनंद, रामेश्वर महतो) ने बगावती तेवर दिखाया था. रालोमो के तीनों विधायकों ने NDA समर्थित जदयू उम्मीदवार आनंद पुष्कर का समर्थन करने से साफ इनकार कर दिया था. माधव आनंद ने एक्स पर एक ट्वीट करके इसकी घोषणा की थी.
उन्होंने लिखा था कि राजनीति केवल चुनाव नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के विश्वास, सम्मान और संगठन के प्रति समर्पण का नाम है. इसी भावना के साथ मैं दिनारा के लोकप्रिय विधायक सह प्रदेश अध्यक्ष आलोक और बाजपट्टी के लोकप्रिय विधायक एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामेश्वर कुमार महतो के साथ, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रदेश महासचिव और प्रदेश मुख्य प्रवक्ता राम पुकार सिन्हा कुशवाहा के सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य के नामांकन में उपस्थित रहूंगा.
मधुबनी के विधायक, विधायक दल के नेता और राष्ट्रीय प्रधान महासचिव तथा बिहार विधान सभा की शून्यकाल समिति के सभापति के रूप में मेरा स्पष्ट मानना है कि कार्यकर्ता का सम्मान ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत है. उनके सम्मान और विश्वास के साथ हम सदैव खड़े रहेंगे.
राष्ट्रीय लोक मोर्चा NDA के साथ था, NDA के साथ है और आगे भी मजबूती से NDA के साथ खड़ा रहेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी के नेतृत्व वाली बिहार सरकार के प्रति हमारा समर्थन निरंतर जारी रहेगा. NDA के शीर्ष नेतृत्व का निर्देश हमारे लिए सर्वोपरि है और उसका अक्षरशः पालन हमारा संकल्प है. कार्यकर्ताओं का सम्मान, संगठन की मजबूती और NDA की एकजुटता-यही हमारी निष्ठा और संकल्प है.
रिपोर्ट: रूपेंद्र श्रीवास्ताव
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