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बिहार में विधान परिषद (MLC) की 8 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर महागठबंधन में दरार साफ दिखाई दे रही है. तेजस्वी यादव की ओर से 8 में से 6 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार देने से कांग्रेस पार्टी काफी नाराज है और अब वह अपनी अलग राह चुनने की तैयारी कर रही है. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, पार्टी अब सभी 8 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का विचार कर रही है. कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि गठबंधन में चुनावी निर्णय आपसी सहमति से होने चाहिए. कांग्रेस के पूर्व विधायक ऋषि मिश्रा ने कहा कि राजद को फैसला करना है कि वह कांग्रेस पार्टी को साथ लेकर चलना चाहती है या नहीं. ऋषि मिश्रा ने तो यहां तक कह दिया कि तेजस्वी यादव पूरी ईमानदारी से भारतीय जनता पार्टी नहीं लड़ना चाहते हैं.
अलग राह चुन सकती है कांग्रेस
उन्होंने कहा कि 2025 के चुनाव में नहीं देखा गया, उपचुनाव में भी नहीं दिखा और अभी भी नहीं दिख रहा है. कांग्रेस नेता ने कहा कि यह बहुत बड़ा सवाल है. सिर्फ कहने से काम नहीं चलेगा, करके दिखाना पड़ेगा. फैसला जनता करेगी. महागठबंधन के भविष्य पर उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष को इसका फैसला लेना है. अलग उम्मीदवार उतारने का फैसला वही करेंगे. कांग्रेस नेता ने कहा कि आलाकमान का जो भी फैसला होगा, हम लोग उसके साथ हैं. वहीं, महागठबंधन में मचे बवाल पर बीजेपी और जेडीयू ने तंज कसा है.
महागठबंधन पर बीजेपी का हमला
बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष पवन जायसवाल ने कहा कि महागठबंधन का टूटना कटु सत्य है. जो इनका क्रियाकलाप है, उससे साफ दिखता है. उन्होंने कहा कि विधान परिषद के चुनाव में राजद के सामने कांग्रेस ने जिस प्रकार का साहस दिखाया है, उससे साफ है कि कांग्रेस अब राजद के एकतरफा निर्णय को सहन करने वाली नहीं है. बीजेपी नेता ने कहा कि कांग्रेस की मजबूरी है. अगर वो कैंडिडेट नहीं देंगे, तो नाम लेने वाला समाप्त हो जाएगा. ऐसे में महागठबंधन टूटने के कगार पर है. अब कांग्रेस दूसरे आशियाने की तलाश में है.
जेडीयू ने भी साधा निशाना
जेडीयू प्रवक्ता अंजुम आरा ने कहा कि महागठबंधन के भीतर जो स्थिति बनी हुई, उससे एक बात तो बिल्कुल ही स्पष्ट है कि यह अलायंस सिद्धांत एवं नीति पर नहीं, बल्कि स्वार्थ एवं अपनी महत्वाकांक्षाओं पर टिका है. कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के बीच एमएलसी चुनाव को लेकर के सिर-फुटव्वल मची हुई है. दोनों अपनी-अपनी तैयारी में है. यह कोई आश्चर्य का विषय नहीं है. सवाल यह है कि जो लोग अपनी एकता का, एकजुटता का आवाम के बीच में हमेशा एक भ्रम डालने की कोशिश की, वे अपने अलायंस को नहीं संभाल पा रहे हैं.
राजद प्रवक्ता ने दी सफाई
वहीं, इस मामले पर राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि राजद ने अपने उम्मीदवार देने का काम किया है. इस मामले में कांग्रेस के स्तर से जो बातें की जा रही है, उसमें कहीं कोई मामला नहीं है. राजद प्रवक्ता ने कहा कि सभी को पता है कि राष्ट्रीय जनता दल का राष्ट्रीय नेतृत्व और कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व इस बात पर सहमत हैं कि बिहार में और देश में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ मजबूत संकल्पों के साथ महागठबंधन के सभी साथियों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का काम किया जाएगा.