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Bihar Flood: बिहार में घट रहा गंगा का पानी, फिर भी बाढ़ से कई इलाके प्रभावित

बिहार में आई बाढ़ ने 15 जिलों के 48 लाख से ज्यादा लोगों को प्रभावित किया है. राहत की बात यह है कि अब धीरे-धीरे बाढ़ का पानी घटने लगा है, लेकिन कुछ इलाके अब भी खतरे में हैं. बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए बिहार सरकार ने कई कदम उठाए हैं. सरकार की ओर से कुल 1,251 सामुदायिक रसोई और 13 राहत शिविर लगाए हैं.

Bihar Flood: बिहार में घट रहा गंगा का पानी, फिर भी बाढ़ से कई इलाके प्रभावित
Image Credit: बिहार में घट रहा गंगा का पानी, फिर भी बाढ़ से कई इलाके प्रभावित (Zee Media)

बिहार में गंगा नदी के जलस्तर में गिरावट शुरू हो गई है. जल संसाधन विभाग ने बताया कि सुल्तानगंज, भागलपुर और कहलगांव में पिछले चार दिन से निरंतर पानी कम हो रहा है. अधिकारियों ने बताया कि फरक्का बराज के सभी फाटकों को खुला रखे जाने के कारण पानी का निकास तेजी से हो रहा है. गंगा का जलस्तर से घटने से प्रदेश में बाढ़ की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है, हालांकि कई इलाके अब भी प्रभावित हैं. राज्य के 14 जिलों के 2000 से अधिक गांव अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं. प्रदेश के करीब 47.92 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है. प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है.

भागलपुर में गंगा का जलस्तर घटा

भागलपुर में गंगा का जलस्तर अब धीरे-धीरे नीचे उतर रहा है. यहां स्थित CWC स्टेशन पर गंगा का जलस्तर 33 सेंटीमीटर घटकर अब 34.29 मीटर पर पहुंच गया है. गंगा का जलस्तर पहले 34.62 मीटर तक पहुंच गया था. फिलहाल, भागलपुर में गंगा खतरे के निशान से 61 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. वहीं, सुल्तानगंज में भी गंगा का जलस्तर 36.28 मीटर दर्ज किया गया है. यहां खतरे का निशान 34.50 मीटर है, यानी गंगा अभी भी खतरे के निशान से 1 मीटर 78 सेंटीमीटर ऊपर है. गंगा की तरह कोसी का पानी भी घटने लगा है.

गंगा के अलावा कोसी का पानी कम हुआ

बिहार में कोसी और कारी कोसी नदी का जलस्तर घट रहा है. सुपौल, पूर्णिया (रूपौली) और कटिहार समेत कई क्षेत्रों में कोसी नदी का पानी कम हो रहा है, जिससे लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली है. जलस्तर में कमी के बावजूद बाढ़ का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है. पानी कम होने के बावजूद कई क्षेत्रों में लोगों को आवागमन, पशुओं के चारे और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. पूर्णिया डीएम अंशुल कुमार के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ एवं जलजमाव प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान जारी है. प्रशासन ने प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने के लिए राहत कार्य जारी रखने की बात कही है.

गंगा का जलस्तर भले ही घट रहा है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है. शहरी क्षेत्र में भी कई जगहों पर बाढ़ का पानी जमा है. अभी पानी में जाकर अपनी जान जोखिम में नहीं डालना चाहिए. SDRF की टीम अब तक 300 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा चुकी है.- इंस्पेक्टर नीलू, कमांडेंट, SDRF

पूरी तरह अलर्ट है प्रशासन

प्रशासन और SDRF की टीम पूरी तरह अलर्ट मोड में है. भागलपुर में गंगा के तटीय इलाकों से लेकर दियारा क्षेत्रों तक SDRF की टीमें लगातार पेट्रोलिंग कर रही हैं. लोगों की सुरक्षा के लिए SDRF की 8 बोटें तैनात की गई हैं. SDRF टीम कमांडेंट इंस्पेक्टर नीलू ने बताया कि गंगा का जलस्तर भले ही घट रहा है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है. उन्होंने कहा कि SDRF की टीम अब तक 300 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा चुकी है. शहरी क्षेत्र में भी कई जगहों पर बाढ़ का पानी जमा है. भागलपुर का माणिक सरकार इलाका अब भी जलमग्न है, जबकि दियारा क्षेत्रों में स्थिति गंभीर बनी हुई है.

अब कटाव का मंडराया खतरा

इंस्पेक्टर नीलू के मुताबिक भागलपुर के साथ-साथ नवगछिया इलाके में भी SDRF की टीमें लगातार गंगा में पेट्रोलिंग कर रही हैं. जलस्तर कम होने के बाद बाढ़ के पानी से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि बाढ़ का पानी पूरी तरह निकलने तक सतर्क रहें और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें. जलस्तर में आ रही इस कमी के बीच बिहार सरकार और जल संसाधन विभाग के सामने अब एक नई और गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है. नदी का पानी जब तेजी से पीछे हटता है तो तटबंधों और नदी के किनारों पर भीषण कटाव (इरोजन) का खतरा पैदा हो जाता है. इसे देखते हुए जल संसाधन विभाग ने राज्य के सभी संवेदनशील और अति-संवेदनशील तटबंधों पर हाई अलर्ट जारी कर दिया है.

बिहार में 45 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित है और प्रधानमंत्री सुधि नहीं ले रहे हैं. पीएम सिर्फ बिहारी का वोट लेना जानते हैं, उन्हें बिहारियों की चिंता नहीं है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बिहार की समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री से बात नहीं कर पाते हैं. प्रधानमंत्री बिहार आते हैं तो लिट्टी चोखा भी खाते हैं लेकिन जब बिहार को उनकी जरूरत होती है तो वह बिहार को भूल जाते हैं.- तेजस्वी यादव, नेता-प्रतिपक्ष

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर से केंद्र से बिहार के लिए स्पेशल पैकेज की मांग की है. उन्होंने कहा कि कहा कि बिहार में आपदा जैसी स्थिति है और राज्य सरकार के पास पैसे नहीं हैं. हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि बिहार में बाढ़ की हालत को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए. इसके साथ ही बिहार को संकट से निपटने के लिए पैकेज दिया जाए.

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About the Author

K. Raj Mishra

K. Raj Mishra

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
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