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पटना के दानापुर इलाके में गंगा नदी उफान पर है. बाढ़ से प्रभावित इलाकों में जानवरों के चारे की भारी कमी हो गई है और फसलें पूरी तरह डूब गई हैं. कमर से ऊपर तक पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे दियारा इलाकों का शहर के मुख्यालय से संपर्क टूट गया है. बाढ़ से प्रभावित लोग जरूरी सामान लेने के लिए जान जोखिम में डालकर शहर के केंद्र तक जा रहे हैं, जबकि उन्हें स्वास्थ्य सुविधाओं और पीने के पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है. किसी तरह, प्रभावित लोगों ने अपने मवेशियों को ऊंची जगहों पर पहुंचाया गया है.
दानापुर अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों और उनके मवेशियों, दोनों के लिए खाने-पीने का पर्याप्त इंतजाम किया गया है. दो जगहों पर राहत केंद्र बनाए गए हैं. जानवरों को रखने के लिए वॉटरप्रूफ शेड लगाए गए हैं और उन्हें पर्याप्त चारा दिया जा रहा है. इसके अलावा, कैंप में एक पशु चिकित्सक को भी तैनात किया गया है ताकि बीमार जानवरों का इलाज वहीं किया जा सके.
भोजपुर में भी बढ़ीं लोगों की मुश्किलें
भोजपुर जिला भी बाढ़ की मार झेल रहा है. जिले के कई इलाके बाढ़ की चपेट में हैं और राजनीतिक नेताओं और अधिकारियों का वहां लगातार आना-जाना लगा हुआ है. प्रभारी मंत्री सह श्रम संसाधन मंत्री बिहार सरकार अरुण शंकर प्रसाद, उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर, शाहपुर विधायक राकेश ओझा और जिले के प्रभारी सचिव सहित जिला पदाधिकारी भोजपुर मनेश मीणा, पुलिस अधीक्षक भोजपुर अवधेश दीक्षित सहित कई पदाधिकारी शाहपुर प्रखंड के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचे.
इस दौरान प्रभारी मंत्री ने बताया कि जिले में बाढ़ को देखते हुए प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि इस मुश्किल समय में लोगों को सभी जरूरी चीजें उपलब्ध कराई जाएं. SDRF की टीमें लगातार जमीनी स्तर पर तैनात हैं और लोगों की सक्रिय रूप से मदद कर रही हैं. मंत्री ने यह भी बताया कि जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में कम्युनिटी किचन चलाए जा रहे हैं.
पप्पू यादव ने भोजपुर में प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा
वहीं, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव भी अपने समर्थकों के साथ भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड में बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे. अपने अनोखे अंदाज के लिए मशहूर यादव, समर्थकों के साथ इलाके का सर्वे करते समय खुद ट्रैक्टर चलाते हुए दिखे. उन्होंने बाढ़ के पानी में उतरकर स्थानीय लोगों का हाल-चाल जाना और हालात से निपटने के सरकार के तरीके की कड़ी आलोचना की. साथ ही, उन्होंने जिला प्रशासन से इलाके में बाढ़ पीड़ितों को तुरंत राहत पहुंचाने की अपील की ताकि उनकी जान बचाई जा सके, क्योंकि पूरा भोजपुर जिला बाढ़ की चपेट में है.
शेखपुरा में उफान पर हरुहर नदी
शेखपुरा के टाल क्षेत्र के घाटकुसम्भा से होकर बहने वाली गंगा की सहायक नदी हरुहर उफान पर है. इसके पानी के पीछे की ओर बहने से घाटकुसुम्भा ब्लॉक के दर्जनों गांव जलमग्न हो गए हैं. इसके अलावा, जलस्तर बढ़ने के कारण ब्लॉक के कई स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में बाढ़ का पानी घुस गया है. प्राथमिक विद्यालय सहरा में स्कूल के परिसर और क्लासरूम में पानी भर जाने के कारण एहतियात के तौर पर स्थानीय शिक्षकों ने बच्चों को घर भेज दिया है.
वहीं, कोयला गांव में आंगनबाड़ी केंद्र और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के परिसर में भी पानी भर गया है. प्राथमिक विद्यालय सहरा के एक शिक्षक ने बताया कि पानी का बढ़ता स्तर स्टाफ के लिए मुश्किलें पैदा कर रहा है, साथ ही सांप और बिच्छू का डर भी बना हुआ है. जिलाधिकारी ने कहा कि कुछ स्कूलों में बाढ़ का पानी घुसने की खबरें मिली हैं और जिला प्रशासन स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है.
खगड़िया में गंगा और गंडक का रौद्र रूप
खगड़िया में गंगा और गंडक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे जिले के चार ब्लॉक में 1,60,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. वहीं, खगड़िया नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 30 में बूढ़ी गंडक नदी का पानी सौ से ज्यादा घरों में घुस गया है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है. बाढ़ से प्रभावित लोग अपना सामान घरों से निकालकर सुरक्षित जगहों पर जा रहे हैं. जिला प्रशासन ने बापु मध्य विधालय में एक राहत कैंप बनाया है, जहां प्रभावित लोगों के रहने और खाने-पीने का इंतजाम किया गया है.
रिपोर्ट: जी मीडिया