बिहार में क्राइम पर कंट्रोल और कानून व्यवस्था का इकबाल कायम करने के लिए राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने 24 सितंबर, 2026 दिन गुरुवार को पटना में एक हाई-लेवल मीटिंग की. इस मीटिंग में प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समीक्षा की गई. इस दौरान मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने पुलिस अफसरों की सुस्ती और ढुलमुल रवैया को लेकर सख्त चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि जो अधिकारी काम में लापरवाही बरतेंगे, उन्हें तुरंत पद से हटाया जाएगा. साथ ही सख्त कार्रवाई भी होगी.
बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मीटिंग में कहा कि कानून-व्यवस्था मजबूत करने का असर सिर्फ फाइलों में नहीं, बल्कि लोगों को नजर आना चाहिए. अब से सभी जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) की परफॉर्मेंस का रेगुलर असेसमेंट होगा. इसकी समीक्षा किसी घटना पर पुलिस कितनी तेजी से रिएक्ट करती है, जनता का फीडबैक कैसा है, इलाके में सुरक्षा का माहौल कितना बेहतर हुआ है, इस आधार पर होगा.
हाई-लेवल मीटिंग के दौरान मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने एसपी की भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि कप्तान को अपने जिले की कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी खुद लेनी होगी. इसके लिए लगातार पेट्रोलिंग बढ़ाने, खुद फील्ड विजिट करने और सब-डिवीजन लेवल तक निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं. पुलिस की टीमों को हर वक्त अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है. अपराधियों की आवाजाही पर ब्रेक लगाने के लिए जरूरत के हिसाब से फौरन चेकपोस्ट बनाने की हिदायत दी गई. हालांकि, मुख्य सचिव ने हाल के दिनों में कुछ मामलों में पुलिस के तुरंत एक्शन की तारीफ भी की.
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मीटिंग में जमुई पुलिस की तारीफ की. उन्होंने जमुई पुलिस के फौरन कार्रवाई का खास जिक्र किया. साथ ही कहा कि बाकी जिलों को भी जमुई से सीख लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कोई भी वारदात होने के बाद पुलिस जितनी तेजी से एक्शन लेगी, जनता का भरोसा व्यवस्था पर उतना ही मजबूत होगा. सभी अफसरों को इसी तरह एक्टिव रहने के निर्देश दिए गए.