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बिहार में दुर्गा पूजा को लेकर अलर्ट: 20 हजार पंडालों की होगी जांच, मानक पूरे नहीं हुए तो रद्द हो सकता है लाइसेंस

Durga Puja 2026: दुर्गा पूजा को लेकर बिहार अग्निशमन विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. पूरे राज्यभर के करीब 20 हजार पूजा पंडालों का निरीक्षण शुक्रवार से शुरू होगा. यदि सुरक्षा मानकों में कमी मिली तो इस पर कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ने पर पंडाल का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है.

Edited By Rupak Kumar
Published: Oct 08, 2026, 12:05 PM IST | Updated: Oct 08, 2026, 12:16 PM IST
Image Credit: प्रतिकात्मक तस्वीर (AI Photo)
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Durga Puja 2026: दुर्गा पूजा को लेकर बिहार अग्निशमन विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियां तेज कर दी हैं. इस बार पूरे राज्य में करीब 20 हजार पूजा पंडाल बनाए गए हैं. इनमें लगभग 1500 बड़े पंडाल शामिल हैं. सभी पूजा समितियों के लिए अग्निशमन विभाग की ओर से सुरक्षा संबंधी गाइडलाइन जारी की गई है. अग्निशमन विभाग के अधिकारी शुक्रवार से पूजा पंडालों का निरीक्षण शुरू करेंगे. निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर कार्रवाई की जा सकती है. जरूरत पड़ने पर पंडाल का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है.

पंडालों में सभी मानकों का पालन अनिवार्य
फायर डीआईजी मनोज कुमार नट ने बताया कि पटना में करीब 1500 पंडालों का रजिस्ट्रेशन हुआ है. इनमें लगभग 100 बड़े स्तर के पंडाल हैं. इन पंडालों में अग्निशमन विभाग के सभी मानकों का पालन अनिवार्य है. पटना को सुरक्षा व्यवस्था के लिए चार जोन में बांटा गया है और रणनीतिक स्थानों पर दमकल की गाड़ियों की तैनाती की जा रही है. इस बार एक अलग रेस्क्यू टीम भी बनाई गई है, जो आपात स्थिति में केवल रेस्क्यू का काम करेगी.

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पंडालों के लिए कुछ प्रमुख सुरक्षा मानक
जिले के अधिकारियों के साथ लगातार मीटिंग कर तैयारियों की समीक्षा की जा रही है. इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल रूम के साथ अस्थायी कंट्रोल रूम भी बनाए जा रहे हैं. पंडालों के लिए कुछ प्रमुख सुरक्षा मानक भी तैयार की गई है. पंडाल की ऊंचाई कम से कम 3 मीटर होनी चाहिए. प्रवेश और निकास के लिए दो गेट होने चाहिए और गेट की ऊंचाई कम से कम 5 फीट होनी चाहिए. पंडालों में प्रशिक्षित वॉलेंटियर्स की व्यवस्था जरूरी है. आपात स्थिति के लिए दो ड्रम पानी, मग आदि रखने होंगे साथ ही बिजली के लटकते तारों से पंडाल की पर्याप्त दूरी होनी चाहिए और शॉर्ट सर्किट से बचाव के लिए बिजली की व्यवस्था सुरक्षित होनी चाहिए.

पंडाल में आग से बचाव पर जोर
पंडाल के अंदर या आसपास आग से संबंधित दुकानें नहीं लगाई जानी चाहिए. अग्निशमन विभाग ने श्रद्धालुओं से पंडाल के अंदर आग जलाने से बचने की अपील की है. विभाग ने कहा है कि हवन-पूजन और दीप जलाने का काम पंडाल के बाहर सुरक्षित स्थान पर किया जाए, ताकि किसी भी तरह की आगजनी की घटना को रोका जा सके.

रिपोर्ट: प्रकाश कुमार सिन्हा

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About the Author

रुपक कुमार मिश्रा zee bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-editor के तौर पर कार्यरत है. वे राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और रुटीन खबरों पर काम करते हैं. इसके अलावा, टेक्नोसिस मीडिया में इन्हें एक साल काम करने का अनुभव है. शिक्षा की बात करें तो राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी से इन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है.
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