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पटना जंक्शन को विश्वस्तरीय और हाईटेक बनाने की दिशा में काम अब तेजी से आगे बढ़ रहा है. अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पटना जंक्शन और हार्डिंग पार्क पैसेंजर टर्मिनल के पुनर्विकास का कार्य लगभग 500 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से किया जा रहा है. हाल ही में केंद्र सरकार की एक उच्चस्तरीय टीम ने जंक्शन का दौरा (7 अक्टूबर, 2026) कर कार्यों का जायजा लिया है, जिससे निर्माण कार्यों में और तेजी आने की पूरी उम्मीद है.
टर्मिनल को मिलेंगी आधुनिक हवाई अड्डे जैसी सुविधाएं
रेलवे बोर्ड इस परियोजना को गति देने के लिए जल्द ही नए बजट फंड जारी किए जाने की तैयारी में है. इस मास्टर प्लान के तहत हार्डिंग पार्क पैसेंजर टर्मिनल को आधुनिक हवाई अड्डे जैसी सुविधाओं से लैस किया जाएगा. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसे पटना मेट्रो नेटवर्क से सीधे जोड़ा जाएगा.
ऑटो-कैब के अतिरिक्त खर्च से मिलेगी राहत
बता दें कि इससे ट्रेन से उतरने वाले यात्री बिना स्टेशन परिसर से बाहर आए सीधे मेट्रो या स्थानीय बसों तक पहुंच सकेंगे. इस मल्टी-मोडल इंटीग्रेशन से यात्रियों के कीमती समय की बचत तो होगी ही, साथ ही उन्हें स्टेशन से बाहर निकलने पर लगने वाले ऑटो या कैब के अतिरिक्त खर्च से भी राहत मिलेगी.
70 से अधिक पैसेंजर और मेमू ट्रेनों का संचालन
इसके अलावा, टर्मिनल के आसपास अक्सर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम की समस्या से भी निजात मिलने की उम्मीद है. प्लान के अनुसार, इस नए टर्मिनल से रोजाना 70 से अधित पैसेंजर और MEMU ट्रेनें चलेंगी, जिससे हर दिन एक लाख से अधिक यात्रियों का आना-जाना आसान हो जाएगा, उन्हें बड़ी राहत मिल सकेगी. इस बड़े प्रोजेक्ट के पूरा होने से न सिर्फ पटना जंक्शन की सूरत बदलेगी, बल्कि यात्रियों का सफर भी काफी आसान और आरामदायक हो जाएगा.
इनपुट: सन्नी कुमार