बिहार के 3 सीओ की नहीं बढ़ेगी सैलरी, तो 3 अंचल अधिकारियों पर होगी विभागीय कार्रवाई
बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में लापरवाही और अनियमितता के मामलों में छह तत्कालीन अंचल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. 26 अक्टूबर 2026 को मंत्री की समीक्षा के दौरान अधिकारियों के विरुद्ध दंड, आरोप पत्र और विभागीय कार्रवाई से जुड़े निर्देश सामने आए.
बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में लापरवाही और अनियमितता के आरोपों को लेकर छह तत्कालीन अंचल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. 26 अक्टूबर 2026 को मंत्री की समीक्षा के दौरान इन अधिकारियों के विरुद्ध दंड, आरोप पत्र और विभागीय कार्रवाई से संबंधित निर्देशों का विवरण सामने आया. अधिकारियों पर भूमि विवाद, दाखिल-खारिज मामलों के निष्पादन में देरी, सरकारी आदेशों की अनदेखी और वित्तीय अनियमितता जैसे आरोप हैं. इन मामलों में कुछ अधिकारियों की वेतन वृद्धि रोकने की अनुशंसा की गई है, जबकि अन्य के विरुद्ध आरोप पत्र गठित करने और विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं.
किसी की वेतन वृद्धि रोकने की अनुशंसा तो किसी के खिलाफ आरोप पत्र गठित
ओम प्रकाश भगत(तत्कालीन अंचल अधिकारी, ठाकुरगंज, किशनगंज)- भूमि विवाद और दाखिल-खारिज से जुड़े मामले में कार्रवाई की गई है. संचयी प्रभाव से वेतन वृद्धि रोकने की अनुशंसा की गई है. साथ ही, आरोप पत्र गठित करने और संबंधित राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं.
निशल प्रेम(तत्कालीन अंचल अधिकारी, किशनगंज)- बिना कार्यादेश के अग्रिम भुगतान करने और वित्तीय अनियमितता के आरोप में इनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है.
जितेंद्र कुमार सिंह(तत्कालीन अंचल अधिकारी, अकोढ़ीगोला, रोहतास)- दाखिल-खारिज वादों का निर्धारित समय पर निष्पादन नहीं करने और संबंधित मामलों में उचित कार्रवाई नहीं करने का आरोप है. इनके विरुद्ध संचयी प्रभाव के बिना तीन वेतन वृद्धि रोकने की अनुशंसा की गई है.
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मनन कुमार मंडल (तत्कालीन अंचल अधिकारी, बरारी, कटिहार)- अनधिकृत भूमि को खाली नहीं कराने और सरकारी आदेश संख्या 660/2023 का समय पर अनुपालन नहीं करने का आरोप है. इनके विरुद्ध कोर्ट में केस चलाने के लिए औपचारिक आरोप तय कर दिए गए हैं.
महेश प्रसाद सिंह (तत्कालीन अंचल अधिकारी, मनसाही, कटिहार)- भूमि सुधार उपसमाहर्ता और न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के निष्पादन में लापरवाही बरतने तथा निर्धारित समय पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप है. इनके खिलाफ भी आरोप पत्र गठित किया गया है.
राज नारायण राजा (तत्कालीन अंचल अधिकारी, हायाघाट, दरभंगा)- विभागीय निर्देशों के विपरीत दाखिल-खारिज करने, वादों को लंबे समय तक लंबित रखने और निर्धारित समय में उनका निष्पादन नहीं करने का आरोप है. इनके विरुद्ध संचयी प्रभाव के बिना तीन वेतन वृद्धि रोकने की अनुशंसा की गई है.
रिपोर्ट: सन्नी कुमार